Written By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary
Published on: November 14, 2022 21:21 IST

अमीर लोग अपने बच्चों को देते हैं मनी मैनेजमेंट के ये 3 मंत्र, आप भी फॉलो कर बदल सकते हैं किस्मत

Money Management Tips: कई बार एक पिता अपने सपनों को जिम्मेदारियों के चलते पूरा नहीं कर पाता है। ऐसे में उसे अपने बच्चे से उम्मीद रहती है कि वह उनके अधूरे सपने को पूरा करेगा। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका बच्चा बड़ा होकर एक अमीर आदमी बने तो ये खबर पढ़ें और उसे मनी मैनेजमेंट के तीन बेहद जरूरी टिप्स सिखाएं।

Vikash Tiwary

Written By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary
Published on: November 14, 2022 21:21 IST

अमीर लोग अपने बच्चों को देते हैं मनी मैनेजमेंट 3 मंत्र- India TV Hindi

Photo:INDIA TV अमीर लोग अपने बच्चों को देते हैं मनी मैनेजमेंट 3 मंत्र

Money Management Tips: भारत एक विकासशील देश है। यहां की अधिकतर आबादी आज भी खेती से जुड़ी हुई है। वहीं अगर इसके इतर देखें तो एक ऐसा भी वर्ग है जिसके पास अथाह संपत्ति है। सुख है, सुविधा है, जरूरत की सभी चीजें उपलब्ध है। ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट को देखें तो पता चलता है कि भारत की 10 फीसदी आबादी के पास 77% संपत्ति है। बाकि के 90 फीसदी लोग मात्र 23% संपत्ति में गुजर-बसर करने को मजबूर है। आखिर ये 10 फीसदी अमीर अमीर लोग कहाँ निवेश करते हैं? घर के बच्चे भी बड़े होकर अमीर क्यों बने रहते हैं। वो क्यों एक अच्छा बिजनेसमैन और अच्छा निवेशक बन जाते हैं?

अमीर पैरेंट्स अपने बच्चे को शुरु से देते हैं ट्रेनिंग

ध्यान रहे हमारे कहने का मतलब ये नहीं है कि बाकि की 90% आबादी वाले लोगों में से कोई अमीर नहीं बनता! वो लोग भी अमीर बनते हैं लेकिन उनकी संख्या बेहद कम होती है। अमीर लोग अपने बच्चे को उसके बचपन से ही मनी मैनेजमेंट के बारे में सिखाते हैं। ताकि उन्हें कम उम्र से ही पैसा कमाने, सेविंग करने और सही जगह पर निवेश करने के बारे में पता चल सके।

आमतौर पर जो मिडिल इनकम वाले पैरेंट्स होते हैं, जिनकी थोड़ी अच्छी कमाई होती है वो अपने बच्चों को पॉकेट मनी देते अमीर लोग कहाँ निवेश करते हैं? हैं। अगर वो पॉकेट मनी के साथ उसे बेसिक ट्रेनिंग भी दें तो ये उनके बच्चे के भविष्य के लिए काफी अच्छा होगा।

धरती को गर्म कर रहे अमीर लोग, गरीबों के मुकाबले ज्यादा फैला रहे ग्रीनहाउस गैस: ऑक्सफैम रिपोर्ट

2021 में ऑक्सफैम ने खुलासा किया कि 2050 तक दुनिया के कार्बन उत्सर्जन को दूर कर 'विशुद्ध शून्य उत्सर्जन' हासिल करने के लिए कम से कम 16 लाख हेक्टेयर नए वनों की जरूरत होगी, जो भारत के आकार के पांच गुना के बराबर क्षेत्र है.

धरती को गर्म कर रहे अमीर लोग, गरीबों के मुकाबले ज्यादा फैला रहे ग्रीनहाउस गैस: ऑक्सफैम रिपोर्ट

दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से 125 लोग जितना निवेश करते हैं, उससे एक साल में औसतन 30 लाख टन कार्बन डाईऑक्साइड पैदा होता है जो निचले तबके की 90 प्रतिशत आबादी के औसत से 10 लाख गुना ज्यादा है. गैर लाभकारी समूह ऑक्सफैम द्वारा जारी एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. ‘कार्बन बिलियनेरीज: द इन्वेस्टमेंट एमिशन ऑफ द वर्ल्ड्स रिचेस्ट पीपुल’ शीर्षक से प्रकाशत रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अत्यंत अमीर लोगों की 183 कंपनियों में कुल 2.4 ट्रिलियन हिस्सेदारी है. जीवाश्म ईंधन और सीमेंट जैसे प्रदूषणकारी उद्योगों में उनका निवेश 500 कंपनियों के मानक एवं छोटे समूह के औसत का दोगुना है.

कुल मिलाकर ये 125 अरबपति हर साल 39.3 करोड़ टन सीओ2ई (कार्बन डाईऑक्साइड के समान) के लिए निवेश करते हैं जो 6.7 करोड़ की आबादी वाले देश फ्रांस के वार्षिक कार्बन उत्सर्जन के बराबर है. रिपोर्ट के मुताबिक, इतने सीओ2ई के उत्सर्जन के लिए प्रत्येक अरबपति को एक निजी जेट से 1.6 करोड़ बार दुनिया का चक्कर लगाना होगा. वहीं 18 लाख गाएं अगर समान स्तर पर सीओ2ई का उत्सर्जन करें तो यह 125 अरबपतियों के ऊर्जा खर्च के बराबर होगा. प्रत्येक अरबपति के उत्सर्जन की भरपाई के लिए करीब 40 लाख लोगों को शाकाहारी बनना होगा.

16 लाख हेक्टेयर नए वनों की जरूरत

ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने कहा, ‘समग्र उत्सर्जन के लिए अमीर लोगों की प्रमुख और बढ़ती जिम्मेदारी पर जलवायु नीति निर्माण में शायद ही कभी चर्चा की जाती है या उन पर विचार किया जाता है. इसे बदलना होगा. कॉरपोरेट पिरामिड के शीर्ष पर स्थित इन अरबपति निवेशकों के पास जलवायु के परिवर्तन की बड़ी जिम्मेदारी है. वे बहुत लंबे समय तक जवाबदेही से बचते रहे हैं. 2021 में ऑक्सफैम ने खुलासा किया कि 2050 तक दुनिया के कार्बन उत्सर्जन को दूर कर ‘विशुद्ध शून्य उत्सर्जन’ प्राप्त करने के लिए कम से कम 16 लाख हेक्टेयर नए वनों की जरूरत होगी, जो भारत के आकार के पांच गुना के बराबर क्षेत्र है.

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संपत्ति कर लगाने से मिलेगा फायदा?

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के मुताबिक, विकासशील देशों के लिए अनुकूलन लागत 2030 तक प्रति वर्ष 300 अरब अमेरीकी डॉलर तक बढ़ सकती है. अकेले अफ्रीका को 2020 से 2030 के बीच 600 अरब अमेरीकी डॉलर की जरूरत होगी. ऑक्सफैम ने यह भी अनुमान लगाया है कि दुनिया के बेहद अमीर लोगों पर एक संपत्ति कर लगाने से प्रति वर्ष 1.4 ट्रिलियन अमरीकी डालर जुटाए जा सकते हैं, और यह एक महत्वपूर्ण संसाधन हो सकता है जिससे उन विकासशील देशों की मदद की जा सकती है – जो कि जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

और ज्यादा अमीर होने के लिए ये 5 काम करते हैं रईस लोग

बहुत से लोग होते हैं जो अपने सामने वाले को अमीर बनते देख जलने लगते हैं। लेकिन शायद वे लोग यह बात नहीं समझते कि धनवान होना उतना कठिन नहीं अमीर लोग कहाँ निवेश करते हैं? है जितना की धनवान बने रहना। इसलिए अमीर से बनने से ज्यादा.

और ज्यादा अमीर होने के लिए ये 5 काम करते हैं रईस लोग

बहुत से लोग होते हैं जो अपने सामने वाले को अमीर बनते देख जलने लगते हैं। लेकिन शायद वे लोग यह बात नहीं समझते कि धनवान होना उतना कठिन नहीं है जितना की धनवान बने रहना। इसलिए अमीर से बनने से ज्यादा यह बात महत्वपूर्ण होती है कि आप कैसे अपना संम्पत्ति बढ़ाते रहे या जो है उसे कम न होने दें।

उदाहरण के लिए कोई भी व्यक्ति आज लॉटरी जीतकर करोड़पति बन सकता है। लेकिन उसे यदि यह नहीं बता कि कैसे अब लगातार अमीर बना रहा जा सकता है तो वह सिर्फ न तो अमीर बने रहने का मौका गंवा देता है बल्कि और अमीर होने का मौका गंवा देता है।


दुनिया के दूसरे नंबर के सबसे अमीर व्यक्ति बिल गेट्स ने एक बार कहा था, 'यदि आप गरीब घर में पैदा हुए हैं तो आपकी कोई गलती नहीं है। लेकिन यदि आप गरीब घर में ही आखिरी सांस लेते हैं तो आपकी गलती होगी।'

यही वह बात है जिसे ज्यादातर अमीर अपनाते हैं। और इसी वजह से उनका धन लगातार बढ़ता जाता है। अरबपति यदि काम करना बंद भी करते देते हैं तो उनकी संपत्ति बढ़ना बंद कर देती है, कई बार तो ऐसे लोग कर्ज में भी डूब जाते हैं। हालांकि वे इस बात का ध्यान रखकर काम करते हैं कि उनका धन लगातार बढ़ता रहे।

जानिए वो 5 बातें जिन्हें हर अमीर व्यक्ति अपनाता है-

1-खर्च की प्लानिंग का सख्ती से पालन करें-
लोग सोचते होंगे कि अमीर लोग जहां जितनी मर्जी होती होगी वहां उतना खर्च करते होंगे क्योंकि उनके पास अकूत संपत्ति होती है। लेकिन ऐसा नहीं है अमीर लोग अपने खर्च का बजट तय करते हैं और फिर उसके के अनुसार खर्च करते हैं। गैरजरूरी कामों पर वह बिल्कुल भी खर्च करना पसंद नहीं करते। यही कारण है कि वे बचत करने में अमीर लोग कहाँ निवेश करते हैं? सफल होते हैं और ज्यादा अमीर बनते जाते हैं।


2- निवेश का रिस्क लें-
बहुत से लोगों के पास धन तो होता है लेकिन वह इसे कहीं लगाने का जोखिम नहीं उठाते। लेकिन जो ज्यादा अमीर होते हैं वह लगातार अपना पैसा कहीं न कहीं इंवेटस्ट करते रहते हैं। रिस्क लेने का मतलब यह भी नहीं कि वे जुंआ खेलते हैं बल्कि टर्म डिपोजिट या किसी कंपनी के शेयर खरीदने जैसे काम जरूर करते हैं। यानी छोटे-छोटे रिस्क लेने से ज्यादा बचत की जा सकती है।

3- इनकम के मल्टीपल सोर्स-
सेविंग करना ठीक है लेकिन इससे ज्यादा अमीर होना काफी मुश्किल है। अमीर लोग बहुत ही होशियारी से अपने पैसे को निवेश करते हैं और आय के कई साधन बनाते हैं जिससे कि एक जगह की इनकम बंद हो जाए तो दूसरी जगह से इनकम होती रहे। इसलिए आपको भी कोशिश करना चाहिए की नौकरी या दुकान के अलावा आय का कोई अन्य साधन भी हों।


4- निवेश -

और ज्यादा अमीर बनने का सबसे बड़ा और अचूक मंत्र है अपने पैसों का सही निवेश करना। क्योंकि पैसा ही पैसे को खींचता है। इसलिए अपनी आय बढ़ाने के लिए अपने धन को सही जगह पर निवेश करें। अमीर लोग मार्केट का अध्ययन करते हैं और कहां कितना निवेश करता है इस बात को ठीक से पालन करते हैं। यदि आपने सही जगह पर इन्वेस्ट किया है तो आपको अच्छा रिटर्न मिलता है। इसलिए निवेस पर विशेष ध्यान रखें।


5- कोई सेवानिवृत्ति नहीं-
ज्यादातर अमीर लोग कभी काम करना बंद नहीं करते। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं अमिताभ बच्चन। ऐसे लोग रिटायरमेंट की उम्र के बाद भी काम करते रहते हैं। लेकिन सामान्य लोगों की बात करें तो बहुत से लोग अपना रिटायरमेंट प्लान करते हैं और उसके बाद ईधर-उधर घूमने में समय गंवा देते हैं। लेकिन अमीर लोग ऐसा नहीं करते। ज्यादा अमीर वही बनते हैं जिनकों अमीर होने की भूख होती है और इसी वजह से उम्र दराज होने के बाद बावजूद भी वह अपने धन को बढ़ाने के लिए लगातार काम करते रहते हैं।

अमीर लोग औसत व्यक्ति से लाख गुना अधिक ग्रीन हाउस का उत्सर्जन करते हैं: ऑक्सफैम रिपोर्ट

नयी दिल्ली, सात नवंबर (भाषा) दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से 125 लोग जितना निवेश करते हैं, उससे एक साल में औसतन 30 लाख टन कार्बन डाईऑक्साइड पैदा होता है जो निचले तबके की 90 प्रतिशत आबादी के औसत से 10 लाख गुना अधिक है। गैर लाभकारी समूह ऑक्सफैम द्वारा जारी एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ‘कार्बन बिलियनेरीज: द इन्वेस्टमेंट एमिशन ऑफ द वर्ल्ड्स रिचेस्ट पीपुल’ शीर्षक से प्रकाशत रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अत्यंत अमीर लोगों की 183 कंपनियों में कुल 2.4 ट्रिलियन हिस्सेदारी है। जीवाश्म ईंधन और सीमेंट जैसे प्रदूषणकारी उद्योगों

‘कार्बन बिलियनेरीज: द इन्वेस्टमेंट एमिशन ऑफ द वर्ल्ड्स रिचेस्ट पीपुल’ शीर्षक से प्रकाशत रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अत्यंत अमीर लोगों की 183 कंपनियों में कुल 2.4 ट्रिलियन हिस्सेदारी है। जीवाश्म ईंधन और सीमेंट जैसे प्रदूषणकारी उद्योगों में उनका निवेश 500 कंपनियों के मानक एवं छोटे समूह के औसत का दोगुना है।

कुल मिलाकर ये 125 अरबपति हर साल 39.3 करोड़ टन सीओ2ई (कार्बन डाईऑक्साइड के समान) के लिए निवेश करते हैं जो 6.7 करोड़ की आबादी वाले देश फ्रांस के वार्षिक कार्बन उत्सर्जन के बराबर है।

रिपोर्ट के अनुसार, इतने सीओ2ई के उत्सर्जन के लिए प्रत्येक अरबपति को एक निजी जेट से 1.6 करोड़ बार दुनिया का चक्कर लगाना होगा। वहीं 18 लाख गाएं अगर समान स्तर पर सीओ2ई का उत्सर्जन करें तो यह 125 अरबपतियों के ऊर्जा खर्च के बराबर होगा। प्रत्येक अरबपति के उत्सर्जन की भरपाई के लिए करीब 40 लाख लोगों को शाकाहारी बनना होगा।

ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने कहा, ‘‘समग्र उत्सर्जन के लिए अमीर लोगों की प्रमुख और बढ़ती जिम्मेदारी पर जलवायु नीति अमीर लोग कहाँ निवेश करते हैं? निर्माण में शायद ही कभी चर्चा की जाती है या उन पर विचार किया जाता है। इसे बदलना होगा। कॉरपोरेट पिरामिड के शीर्ष पर स्थित इन अरबपति निवेशकों के पास जलवायु के परिवर्तन की बड़ी जिम्मेदारी है। वे बहुत लंबे समय तक जवाबदेही से बचते रहे हैं।

2021 में ऑक्सफैम ने खुलासा किया कि 2050 तक दुनिया के कार्बन उत्सर्जन को दूर कर ‘विशुद्ध शून्य उत्सर्जन’ प्राप्त करने के लिए कम से कम 16 लाख हेक्टेयर नए वनों की आवश्यकता होगी, जो भारत के आकार के पांच गुना के बराबर क्षेत्र है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के अनुसार, विकासशील देशों के लिए अनुकूलन लागत 2030 तक प्रति वर्ष 300 अरब अमेरीकी डॉलर तक बढ़ सकती है। अकेले अफ्रीका को 2020 से 2030 के बीच 600 अरब अमेरीकी डॉलर की आवश्यकता होगी।

ऑक्सफैम ने यह भी अनुमान लगाया है कि दुनिया के बेहद अमीर लोगों पर एक संपत्ति कर लगाने से प्रति वर्ष 1.4 ट्रिलियन अमरीकी डालर जुटाए जा सकते हैं, और यह एक महत्वपूर्ण संसाधन हो सकता अमीर लोग कहाँ निवेश करते हैं? है जिससे उन विकासशील देशों की मदद की जा सकती है - जो कि जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं ।

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