जहां तक लॉकडाउन और कोविड-19 की रोकथाम का मामला है, सरकार और देश के लोग दोनों एक ही तरफ थे और कम से कम नुकसान के साथ महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ी. जानमाल का नुकसान दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता थी जिसे कोई नकार या अनदेखा नहीं कर सकता. फिर भी, सब समेटकर लोग और संस्थाएं तेजी से सामान्य स्थिति में लौटने लगीं थीं.

बच्चे, पढ़ना सीखना, बच्चे का शब्द भण्डार कैसे बनता है

प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण कैसे हो?

आज़ादी के 75 साल: ‘नामांकन की प्रगति को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सफल बनाने की है जरूरत’

सर्वे पर आधारित लेख: कोविड-19 के दौर में ऑनलाइन पढ़ाई कैसे खरीदें और रणनीति काम पकड़ो करता है की ज़मीनी वास्तविकता क्या थी?

बच्चे की भाषा में हो पढ़ाई, मीडियम और मैसेज की लड़ाई, भारत में प्राथमिक शिक्षा

पहली से पांचवी तक की कक्षाओं में भाषा शिक्षण पाठ्यचर्या में एक केंद्रीय स्थान प्राप्त करता है। भाषा के द्वारा प्राप्त आधारभूत कौशल दूसरे क्षेत्रों के संप्रत्ययों को समझने में सहायक होता है।

किसी बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण में और लोगों के साथ संवाद में भाषा के नौ आधारभूत कौशल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जो क्रमशः सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना, विचारों को समझना (सुन करके और पढ़ करके),जरूरी व्याकरण की जानकारी, खुद से सीखना, भाषा का उपयोग और शब्दकोश पर पकड़ इत्यादि हैं ।

राजनीति में आना है तो आपकी कुंडली में ये ग्रह होने ही चाहिए

राजनीति में आना है तो आपकी कुंडली में ये ग्रह होने ही चाहिए

राजनीति में आने के लिए बहुत से लोग दिन-रात समाज में जुटे रहते हैं। समाज सेवा के जरिए वे राजनीति में अपना कोई मुकाम पाना चाहते हैं। लेकिन समाज सेवा करने वाला हर व्‍यक्‍ति राजनेता नहीं बनता। यानी उसके राजनीति में सफलता नहीं मिल पाती। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर राजनीति में सफलता के लिए क्‍या चाहिए। पं.दिनेश भारद्वाज के अनुसार कुंडली में राजनीतिक सफलता का योग होना अनिवार्य है। इसके लिए कुंडली में ग्रहों की अनुकूलता और योग को देखा जाता है। सफल राजनेताओं की कुण्डली में राहु का संबध छठे, सातवें, दशवें व ग्यारहवें घर से देखा जाता है। ज्‍योतिष में कुण्डली के दशवें घर को राजनीति का घर माना गया है। सत्ता में भाग लेने को दशमेश या दशम भाव में उच्च का ग्रह बैठा होना चाहिए और गुरु नवम में शुभ प्रभाव में स्थिति होने चाहिए। दशम घर या दशमेश का संबध सप्तम घर से होने पर व्यक्ति राजनीति में सफलता प्राप्त करता है। कुंडली में छठे घर को सेवा का घर कहते हैं। व्यक्ति में सेवा भाव होने के लिये इस घर से दशमेश का संबध होना चाहिए। राहु को सभी ग्रहों में नीति कारक ग्रह का दर्जा दिया गया है। इसका प्रभाव राजनीति के घर से होना चाहिए। सूर्य को भी राज्य कारक ग्रह की उपाधि दी गई है।

मोदी सरकार ने अब तक COVID से निपटने में शानदार काम किया है, लेकिन तैयारी और सतर्कता अब अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय में | फोटो: ट्विटर

भारतीय अर्थव्यवस्था लड़खड़ाते हुए पटरी पर लौटने लगी थी और लोग बेकार पड़े मास्क तथा सेनेटाइजर को फेंकने लगे थे कि तभी कोविड महामारी की वापसी की आशंका सुर्खियों में तैरने लगी. कई विदेशी सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा कोरोनावायरस और टीकाकरण कार्यक्रम से निपटने के भारत के ट्रैक रिकॉर्ड की सराहना की गई. सही है कि कोविन पोर्टल बेहतरीन और मार्के की टेक्नोलॉजी थी, जिसने बड़े पैमाने पर टीकाकरण को संभव बनाया, बल्कि आज के शुरुआती रिकॉर्ड को भी रखा और करोड़ों के कंप्यूटर या मोबाइल पर बस कुछेक क्लिक से यह मौजूद हो जाता है.

सरकार क्या करे

पहले तो केंद्र सरकार को लोगों के साथ संवाद करने और लोगों को नए वैरिएंट के बारे में जानकारी देने के लिए बाकायदा कई तरह की व्यवस्थाएं बनानी चाहिए. इससे अधिकारियों को चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी और अस्पतालों में भगदड़ की स्थिति नहीं बनेगी. कोविड अस्पतालों, दवाओं और ऑक्सीजन की कमी की वजह कोविड-19 के आखिरी चरण में कई मौतें हुईं, जिनसे बचा जा सकता था.

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कई अस्थायी कोविड-उपचार अस्पताल स्थापित किए गए थे और हालात से निपटने में उल्लेखनीय भूमिका भी निभाई. लेकिन उस दौरान स्वास्थ्य संबंधी दूसरी आपात स्थितियों को नज़रअंदाज किया गया या टाल दिया गया और कभी उन पर गौर भी नहीं किया गया. कई देशों में सामान्य स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में व्यवधान देखा गया, भारत कोई अपवाद नहीं था.

कक्षा 9 वीं से नीट की तैयारी कैसे करें (How to prepare for NEET from Class 9th in Hindi)

कक्षा 9 वीं से नीट की तैयारी कैसे करें - हर साल, 15 लाख से अधिक उम्मीदवार डॉक्टर बनने के अपने सपने के साथ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के लिए उपस्थित होते हैं। हालांकि, उनमें से केवल आधे ही भारत की इस सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में सफल हो पाते हैं। इसलिए, कक्षा 9वीं से नीट 2022 के लिए अपनी तैयारी शुरू करना उम्मीदवारों के लिए वास्तविक विज्ञान के क्षेत्र में पहला कदम होगा, क्योंकि यही कॅरियर चुनने का सही समय होता है।
Latest: नीट 2022 आवेदन पत्र जारी कर दिया गया है।

Latest Updates for NEET

यूपी नीट काउंसलिंग की तारीख में विस्तार किया गया, अब 29 अक्टूबर तक किया जा सकता है पंजियन।

एमसीसी ने न्यायालय की अवमानना से बचने के लिए राज्य नीट काउंसलिंग प्राधिकरणों को तय समय-सीमा में नीट काउंसलिंग 2022 प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए।

कक्षा 9 वीं से नीट 2022 की तैयारी कैसे करें - एक व्यापक अध्ययन योजना बनाएं

सिलेबस की पूरी जानकारी के बाद, कक्षा 9 से नीट 2022 की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को एक व्यापक अध्ययन समय सारणी तैयार करनी चाहिए। नीट 2022 सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा में से एक है। इसके लिए बहुत अधिक ध्यान देने, अनुशासन से पढ़ाई करने के साथ ही सैद्धांतिक एवं प्रैक्टिकल के टॉपिक्स के गहन विश्लेषण की आवश्यकता होती है। एक प्रभावी अध्ययन योजना बनाने में उम्मीदवारों को कक्षा 9 से नीट 2022 की तैयारी करने में मदद मिलेगी, जो उनके बोर्ड परीक्षा की तैयारी में भी मदद करेगा।

कक्षा 9 वीं से नीट की तैयारी के दौरान, छात्रों के लिए अपनी एनसीईआरटी पुस्तकों की मदद लेना वास्तव में महत्वपूर्ण कैसे खरीदें और रणनीति काम पकड़ो करता है है, क्योंकि इसमें सभी सूत्र और थ्योरी को जगह मिली होती है। नीट प्रवेश परीक्षा में प्रश्न कक्षा 11 और 12 के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित होते हैं। बेशक, उम्मीदवारों को कक्षा 9 की विज्ञान के लिए एनसीईआरटी किताबों को समझने और अच्छे से पढ़नी चाहिए। एनसीईआरटी की किताबें प्रत्येक सेक्शन से जुड़े बेसिक कांसेप्ट को स्पष्ट करती है।

सी-सेट पेपर की कैसे खरीदें और रणनीति काम पकड़ो करता है रणनीति

सिविल सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा के द्वितीय प्रश्न-पत्र (जो सी-सेट जैसे डरावने नाम से प्रसिद्ध हो चुका है) के बारे में जब विद्यार्थी मेरे सामने अपना भय प्रगट करते हैं, तो मैं उनसे भी अधिक भयभीत हो उठता हूँ। मेरे भय का कारण पेपर का कठिन होना नहीं होता, कैसे खरीदें और रणनीति काम पकड़ो करता है बल्कि इसके प्रति स्टूडेन्ट का भयभीत होना होता है। मुझे समझ में नहीं आता है कि एक ऐसा पेपर, जो अब मात्र क्वालिफाईंग रह गया है, उसमें ऐसी कौन-सी कठिन और जटिल बात है, जिसको लेकर ऐसे किसी भी स्टूडेन्ट को अपनी सफलता के बारे में आशंकित रहना चाहिए, जिसका ग्रेज्यूएशन हो चुका है। इससे भी बड़ी बात तो यह कि जो देश की नौकरशाही के सर्वोच्च स्तर पर सीधे-सीधे प्रवेश पाना चाहता है, उसे इतना तो मालूम ही होगा कि सिविल सेवा परीक्षा ज्ञानियों की तलाश करने की परीक्षा नहीं है, बल्कि अच्छी मानसिक क्षमता और गुणों वाले युवाओं की तलाश करने का प्रयास है। और सी-सेट यही करता है।

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