गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) पिछले कुछ साल से निवेश का सुरक्षित विकल्प बन गया है. (reuters)

स्वर्ण निवेश: एक सिंहावलोकन

सोनानिवेश या सोना धारण करना कुछ ऐसा है जो सदियों से किया जाता रहा है। पुराने समय में, दुनिया भर में मुद्रा के लिए सोने का इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा, सोने का निवेश एक ठोस दीर्घकालिक निवेश और किसी के पोर्टफोलियो के लिए एक मूल्यवान अतिरिक्त साबित हुआ है, विशेष रूप से एक भालू मेंमंडी. सदियों से, पारंपरिक तरीका गहने या सिक्कों के रूप में भौतिक सोना खरीदना था। लेकिन समय के साथ, सोने का निवेश कई अन्य रूपों में विकसित हुआ है जैसे कि सोनाम्यूचुअल फंड्स और गोल्ड ईटीएफ।

गोल्ड म्यूचुअल फंड नहीं करते हैंसोना खरीदें सीधे लेकिन सोने के खनन और उत्पादन में लगी कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है। गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) एक ऐसा उपकरण है जो सोने की कीमत पर आधारित होता है या सोने में निवेश करता हैबुलियन. इसका प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार होता है और गोल्ड ईटीएफ गोल्ड बुलियन के प्रदर्शन को ट्रैक करते हैं।

सोने में निवेश: जानिए कब करें निवेश

सोने में निवेश के लिए सबसे अच्छे हेजेज में से एक माना जाता हैमुद्रास्फीति (संपत्ति भी)। इसलिए जब मुद्रास्फीति बढ़ने की उम्मीद है, तो ब्याज दरों में वृद्धि देखने को मिलेगीअर्थव्यवस्था और यह सोने में निवेश करने का एक अच्छा समय होगा, चाहे भौतिक सोना हो यागोल्ड ईटीएफ. सोने की कीमतों को ट्रॉय औंस (~ 31.103 ग्राम) में मापा सोने में निवेश कैसे करें जाता है और यह कीमत अमेरिकी डॉलर में दी जाती है।

सोने की भारतीय कीमत प्राप्त करने के लिए, प्रचलित विनिमय दर (यूएसडी-आईएनआर) का उपयोग करने और भारतीय रुपये में कीमत प्राप्त करने की आवश्यकता है। इसलिए भारत में सोने की कीमत 2 कारकों का एक कार्य है, यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत और वर्तमान यूएसडी-आईएनआर विनिमय दर। इसलिए जब उम्मीद की जाती है कि अमेरिकी डॉलर रुपये के मुकाबले लाभ उठाएगा तो सोने की कीमत बढ़ जाएगी (मुद्रा के कारण)। इस प्रकार, निवेशक ऐसे बाजार परिदृश्यों के तहत सोने में निवेश करने की योजना बना सकते हैं।

सोना कैसे खरीदें?

निवेशक सोने की छड़ों या सिक्कों के माध्यम से भौतिक सोना खरीद सकते हैं; वे भौतिक सोने (जैसे गोल्ड ईटीएफ) द्वारा समर्थित उत्पादों को खरीद सकते हैं, जो सोने की कीमत के सीधे संपर्क की पेशकश करते हैं। वे सोने से जुड़े अन्य उत्पाद भी खरीद सकते हैं, जिनमें सोने का स्वामित्व शामिल नहीं हो सकता है, लेकिन वे सीधे सोने की कीमत से संबंधित हैं।

साथ ही गोल्ड ईटीएफ के आने से निवेशकों के लिए सोना खरीदना और भी आसान हो गया है। निवेशक गोल्ड ईटीएफ ऑनलाइन खरीद सकते हैं और यूनिट्स को अपने में रख सकते हैंडीमैट खाता. एकइन्वेस्टर स्टॉक एक्सचेंज पर गोल्ड ईटीएफ खरीद और बेच सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ भौतिक सोने के बदले इकाइयाँ हैं, जो डीमैट रूप या कागज़ के रूप में हो सकते हैं।

सोने से संबंधित विभिन्न निवेश उत्पादों में अलग-अलग जोखिम मीट्रिक, रिटर्न प्रोफाइल औरलिक्विडिटी. इस प्रकार, सोने से संबंधित विकल्पों में निवेश करने से पहले, प्रत्येक निवेश साधन के साथ आने वाले जोखिमों और रिटर्न के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।

स्वर्ण निवेश के लाभ

कुछ महत्वपूर्णनिवेश के लाभ एक सोने में हैं:

लिक्विडिटी

स्वर्ण निवेश निवेशकों को आपात स्थिति में या जब उन्हें नकदी की आवश्यकता होती है, इसे व्यापार करने का अवसर प्रदान करता है। चूंकि यह प्रकृति में काफी तरल है, इसलिए यह सुनिश्चित करता है कि इसे बेचना आसान हो। विभिन्न उपकरण तरलता के विभिन्न स्तरों की पेशकश करते हैं, गोल्ड ईटीएफ सभी विकल्पों में सबसे अधिक तरल हो सकता है।

Gold-Investment

मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव

सोना महंगाई के खिलाफ बचाव का काम करता है। महंगाई बढ़ने पर सोने की कीमत बढ़ती है। मुद्रास्फीति के समय में, सोना नकदी की तुलना में अधिक स्थिर निवेश है।

विविधीकरण प्रदान करता है

सोने का निवेश बाजार की अस्थिरता के खिलाफ सुरक्षा जाल के रूप में कार्य कर सकता है। एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में सोने के निवेश या सोने का इक्विटी या शेयर बाजारों के साथ कम संबंध है। इसलिए जब इक्विटी बाजार में गिरावट होती है, तो आपका सोने का निवेश बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

मूल्यवान संपत्ति

सोना कई वर्षों से समय के साथ अपने मूल्य को बनाए रखने में कामयाब रहा है। इसे बहुत स्थिर रिटर्न के साथ एक स्थिर निवेश के रूप में जाना जाता है। सोने में निवेश करके लंबी अवधि में बहुत अधिक रिटर्न की उम्मीद नहीं की जा सकती है लेकिन मध्यम रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। कुछ छोटी अवधि में उत्कृष्ट रिटर्न भी प्राप्त किया जा सकता है।

Gold ETF: पेपर गोल्ड में निवेश का बेस्ट तरीका, क्या हैं फायदे और कैसे खरीदें यूनिट

Gold ETF 2022 Benefits: पेपर गोल्ड में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका गोल्ड ईटीएफ है, जो कॉस्ट-इफेक्टिव होता है. यह गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के साथ स्टॉक में इन्वेस्टमेंट की फ्लेक्सिबिलिटी देता है.

Gold ETF: पेपर गोल्ड में निवेश का बेस्ट तरीका, क्या हैं फायदे और कैसे खरीदें यूनिट

गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) पिछले कुछ साल से निवेश का सुरक्षित विकल्प बन गया है. (reuters)

Gold ETF 2022: गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) पिछले कुछ साल से निवेश का सुरक्षित विकल्प बन गया है. कोरोना वायरस महामारी के दौरान जब सोना सेफ हैवन के रूप में और पॉपुलर हुआ, उस दौरान गोल्ड ईटीएफ को लेकर निवेशकों का रिस्पांस जबरदस्त रहा. यह एक ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड होता है, जो सोने की गिरते चढ़ते भावों पर आधारित होता है.
पेपर गोल्ड में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका गोल्ड ईटीएफ है, जो बहुत ज्यादा कॉस्ट-इफेक्टिव होता है. यह गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के साथ स्टॉक में इन्वेस्टमेंट की फ्लेक्सिबिलिटी देता है. गोल्ड ईटीएफ की खरीद और बिक्री शेयर की ही तरह बीएसई और एनएसई पर की जा सकती है. इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होने की वजह से गोल्ड ETF में प्योरिटी को लेकर कोई दिक्कत नहीं होती. हालांकि रेट हाइक के चलते जुलाई में निवेयाकों ने इसमें बिकवाली की है, फिर भी यह बेहतर विकल्प माना जाता है.

गोल्ड ईटीएफ के फायदे

शेयर की तरह गोल्ड ईटीएफ यूनिट्स खरीद सकते हैं. इसमें फिजिकल गोल्ड के मुकाबले परचेजिंग चार्ज कम होता है. जबकि 100 फीसदी शुद्धता की गारंटी मिलती है.
इसमें फिजिकल गोल्ड खरीदने और उसके रख रखाव का झंझट नहीं होता है. लंबी अवधि में निवेश से अच्छा रिटर्न भी मिलता है.
इसमें SIP के जरिए निवेश की सुविधा है. शेयर बाजार में निवेश के मुकाबले गोल्ड ETF में निवेश कम उतार चढ़ाव वाला होता है.
इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होने की वजह से गोल्ड ETF में प्योरिटी को लेकर कोई दिक्कत नहीं होती.
गोल्ड ETF को डीमैट अकाउंट के जरिए ऑनलाइन खरीद सकते हैं. हाई लिक्विडिटी यानी आप जब चाहें इसे खरीद और बेच सकते हैं. गोल्ड ETF की शुरुआत आप 1 ग्राम यानि 1 गोल्ड ETF से भी कर सकते हैं.
टैक्स के मामले में फिजिकल गोल्ड से सस्ता है. गोल्ड ETF पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस चुकाना होता है. गोल्ड ETF को लोन लेने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
फिजिकल सोने पर आपको मेकिंग चार्ज चुकाना होता है. लेकिन गोल्ड ETF में ऐसा नहीं होता है.

गोल्ड ईटीएफ में कैसे करें निवेश?

निवेश के लिए कम से कम एक यूनिट खरीदना जरूरी. हर यूनिट 1 ग्राम की होती है. गोल्ड ईटीएफ की खरीददारी शेयरों की ही तरह होती है. मौजूदा ट्रेडिंग खाते से सोने में निवेश कैसे करें ही गोल्ड ईटीएफ खरीद सकते हैं. गोल्ड ईटीएफ की यूनिट डीमैट खाते में जमा होती है. ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ईटीएफ को बेचा जाता है.

Gold, Silver, Crude: सोना, चांदी और क्रूड की कीमतों में गिरावट, जारी रहेगी हलचल, मुनाफे के लिए ऐसे बनाएं स्‍ट्रैटेजी

Gold and Silver Price Today: सोना हुआ महंगा, चांदी 1,022 रुपये मजबूत, खरीदारी से पहले चेक करें लेटेस्ट रेट

रेट हाइक के चलते सोने में निवेश कैसे करें गोल्ड ईटीएफ में बिकवाली

गोल्ड ईटीएफ से जुलाई में 457 करोड़ रुपये की निकासी हुई है. निवेशकों ने अपना पैसा एसेट क्लास में लगाया है, जिसके कारण यह निकासी हुई है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. आंकड़ों के अनुसार, जून, 2022 में ईटीएफ में 135 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था. मॉर्निंगस्टार इंडिया में सीनिसर एनालिस्ट कविता कृष्णन ने कहा कि सोने में निवेश कैसे करें बढ़ती ब्याज दरों के कारण पीली धातु की कीमतों में गिरावट के कारण गोल्ड ईटीएफ से निवेशकों ने निकासी की है.

उन्होंने कहा कि रुपये में गिरावट ने भी सोने की डिमांड और सप्लाई को प्रभावित किया है. यह ट्रेंड ग्लोबल लेवल पर भी देखी गई है, जिसमें सोने की कम कीमतों के कारण गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने निकासी की है. इस निकासी के साथ गोल्ड ईटीएफ में एसेट अंडर मैनेजमेंट घटकर 20,038 करोड़ रुपये रह गया है. एसेट अंडर मैनेजमेंट जून में 20,249 करोड़ रुपये था. इस कटेगिरी में जुलाई के दौरान फोलियो की संख्या 37,500 बढ़कर 46.43 सोने में निवेश कैसे करें लाख पर पहुंच गई है.

सोने में निवेश करना चाहते हैं? जानिए क्‍यों गोल्‍ड बॉन्‍ड है अच्‍छा विकल्‍प

गोल्‍ड को अभी कैसे होल्‍ड करें?

भारतीयों के लिए सोना खरीदना परंपरा का हिस्‍सा रहा है. बहुत बड़ी इमर्जेंसी को छोड़कर इसे कभी नहीं बेचा जाता है. यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के पास जाता रहता है. हालांकि, फाइनेंशियल प्‍लानिंग के लिहाज से इसे अच्‍छा नहीं कहा जा सकता है. खासतौर से तब जब हमने 2020 में सोने में जोरदार तेजी का दौर देखा है. इसके पीछे कई कारण रहे. ये शायद आगे जल्‍दी न दिखें. अगर आप 2021 में सोने में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं तो यहां जानते हैं कि आपको इसे लेकर कैसे आगे बढ़ना चाहिए.

पुराना प्रदर्शन दोहराने की न करें अपेक्षा

पुराना प्रदर्शन दोहराने की न करें अपेक्षा

जिन कारणों से पिछले साल सोने में तेजी आई उनमें अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर, भारी प्रोत्‍साहन पैकेज इत्‍यादि सोने में निवेश कैसे करें सोने में निवेश कैसे करें शामिल थे. कोविड-19 से शेयर बाजारों को नुकसान हुआ. चूंक‍ि सोने और शेयर बाजार में उलटा संबंध होता है. लिहाजा, पीली धातु की चमक और बढ़ी. ये सभी बातें शायद जल्‍द न दोहराएं. रुपये की कीमत का घटना भी भारतीयों के सोना खरीदने की एक और वजह है.

​रीबैलेंस करने का समय

​रीबैलेंस करने का समय

सोना 2020 में पहले ही बहुत चढ़ चुका है. इसलिए एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि इसमें बहुत बढ़त की गुंजाईश सीमित है. 2020 की तेजी ने गोल्‍ड के एलोकेशन को पहले से तय स्‍तर से कहीं ज्‍यादा बढ़ा दिया होगा. ऐसे में अच्‍छा होगा कि पोर्टफोलियो में इसे दोबारा बैलेंस किया जाए. जानकारों का कहना है कि गोल्‍ड से पूरी तरह निकलना सही रणनीति नहीं होगी. लेकिन, पोर्टफोलियो में इसका एलोकेशन 10 फीसदी रखना सही होगा. कारण है कि गोल्‍ड डायवर्सिफिकेशन का अच्‍छा टूल है.

​होल्‍ड‍िंग को सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड की तरफ शिफ्ट करें

​होल्‍ड‍िंग को सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड की तरफ शिफ्ट करें

एक और स्‍मार्ट मूव अपनी गोल्‍ड होल्डिंग को सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड की तरफ ले जाना होगा. इन बॉन्‍डों की तीन मुख्‍य विशेषताएं हैं. पहला, इन पर 2.5 फीसदी ब्‍याज मिलता है. एक्‍सपर्ट कहते हैं कि पहले गोल्‍ड बॉन्‍ड पर 2.5 फीसदी ब्‍याज लिक्विड फंडों के रिटर्न का आधा होता था. लेकिन, डेट रेट घटने के साथ अब दोनों करीब-करीब बराबर पहुंच गए हैं. इंवेस्‍टर्स गोल्‍ड ईटीएफ से गोल्‍ड बॉन्‍ड में भी शिफ्ट कर सकते हैं. कारण है कि गोल्‍ड बॉन्‍ड के उलट गोल्‍ड ईटीएफ एसेट मैनेजमेंट फीस के तौर पर सालाना 0.50-0.80 फीसदी तक चार्ज सोने में निवेश कैसे करें करते हैं. यह गोल्‍ड बॉन्‍डों के साथ एक बड़ा फायदा है. इनका एक और फायदा यह है कि मैच्‍योरिटी पर कैपिटल गेंस टैक्‍स फ्री है.

Web Title : want to invest in gold? know why gold bond is a good choice
Hindi News from Economic Times, TIL Network

कैसे और कितना सोना खरीदना होगा आपके लिए फायदेमंद? जानिए इससे जुड़ी सभी काम की बातें

सोना में निवेश करने से पहले हमें कई तरह की बातों को ध्यान में रखना चाहिए. मौजूदा समय में सोना खरीदने के लिए कई तरह के रास्ते हैं. अपने जरूरत और निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही उचित विकल्प के जरिए निवेश करना चाहिए.

कैसे और कितना सोना खरीदना होगा आपके लिए फायदेमंद? जानिए इससे जुड़ी सभी काम की बातें

भारत में लोगों के पास निवेश के कई विकल्प उपलब्ध हैं. लेकिन सोने में निवेश को सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक माना जाता है. अधिकतर लोग सोना रिटर्न के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से खरीदते हैं. माना जाता है कि सोना और स्टॉक दोनों एक दूसरे से विपरित दिशा में चलते हैं. इसका साफ मतलब है कि जब सोने का भाव बढ़ता है तो स्टॉक मार्केट में गिरावट देखने को मिलती है. ऐसे में जब शेयर बाजार में बिकवाली का दौर चल रहा हो तो सोना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है. साथ ही इससे पोर्टफोलियो के विस्तार करने में भी मदद मिलती है.

हालांकि, पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी को कितनी रखनी है, इसको लेकर कई तरह की राय है. यह जोख़िम उठाने की क्षमता, उम्र, लिक्विडिटी की जरूरत, निवेश की अवधि, इनकम और रिटर्न की उम्मीद जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है.

कम जोख़िम उठाने वाला व्यक्ति अपने पोर्टफोलियो को ज्यादा ​डायवर्सिफाई रखता है. ऐसे लोग उन विकल्पों में निवेश करने पर विशेष ध्यान देते हैं, जो शेयर बाजार के उलटे दिशा में चलते हैं. ऐसे व्यक्ति सोने में 15 से 30 फीसदी तक का निवेश करते हैं. दूसरी ओर, अधिक जोख़िम की क्षमता रखने वाले लोग सोने में अधिकतम 15 फीसदी तक ही निवेश करना पसंद करते हैं.

कैसे करें सोने में निवेश?

सोने में निवेश करने के लिए आपके पास कई तरीके हैं. सबसे पहले हम इन्हीं विकल्पों के बारे में बात करते हैं.

1. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स

ये वो फंड्स हैं जो गोल्ड में निवेश करने वाले ETF में निवेश करते हैं. आमतौर पर इसमें निवेश का खर्च बहुत कम होता है. यह करीब 0.09-0.20 फीसदी ही होता है. यह एक तरह के ओपेन-एंडेड फंड्स होते हैं,​ जिसमें अगर आप एक साल से पहले निकलते हैं तो रकम की एक फीसदी आपको पेनाल्टी के तौर पर देनी पड़ सकती है. हालांकि, कुछ गोल्ड म्यूचुअल फंड्स भी ऐसे ही हैं, जिनका एग्ज़िट लोड 15 दिनों का ही है. निप्पोन इंडिया गोल्ड सेविंग्स फंड भी इन्हीं में से एक हैं.

2. डिजिटल गोल्ड

डिजिटल गोल्ड में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे कम से कम मात्रा में भी खरीदा जा सकता है. आप जब चाहें, तब लाइव मार्केट में अपने गोल्ड की बिक्री कर कमा सकते हैं. कुछ प्लेटफॉर्म्स तो गोल्ड की फिज़िकल डिलीवरी भी देते हैं. डिजिटल गोल्ड में निवेश करने का नुकसान है कि इसके लिए कोई रेगुलेटरी मैकेनिज़्म नहीं है.

3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सोने में निवेश करने के लिए यह भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है. इस विकल्प की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें जोख़िम कम है और कोई मैनेजमेंट फीस भी नहीं देना होता है. हालांकि, इसमें लिक्विडिटी की सुविधा उतनी बेहतर नहीं है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश की सबसे अच्छी बात यह है कि इसपर सालाना 2.5 फीसदी का अतिरिक्त रिटर्न मिलता है. अगर इस ​इन्वेस्टमेंट को मैच्योरिटी तक रखा जाता है तो इसके कैपिटल गेन्स पर टैक्स भी नहीं दिया जा सकता है.

4. गोल्ड ईटीएफ

गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना ज्वेलरी खरीदने या गोल्ड सेविंग्स स्कीम में निवेश करने से बेहतर विकल्प माना जात है. लेकिन इनके साथ डीमैट चार्ज का बोझ भी होता है. गोल्ड ईटीएफ को स्टॉक मार्केट पर लिस्ट होता है. गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने से पहले इस ट्रैक करना और लिक्विडिटी के बारे में पूरी जानकारी जुटाना जरूरी होता है. हालांकि, गोल्ड ईटीएफ का एक्सपेंस रेशियो 0.20 फीसदी से ज्यादा नहीं होता है.

5. गोल्ड सेविंग्स स्कीम्स

यह एक ऐसा स्कीम है जिसमें आगे की तारीख पर सोना खरीदने के लिए पैसे जुटाने में मदद करता है. इसमें सोना खरीदारी पर डिस्काउंट भी मिलता है. यह स्कीम उन लोगों के ​लिए सबसे बेहतर है, जो सोना में निवेश तो करना चाहते हैं लेकिन उनके पास कम पैसा है. निवेश के नजरिए से कई ऐसे विकल्प हैं, जिनका एक्सपेंस रेशियो बेहद कम है.

6. ज्वेलरी

जानकारों का कहना है कि निवेश के नज़रिए से कभी भी ​सोने में निवेश नहीं सोने में निवेश कैसे करें करना चाहिए. दरअसल, ज्वेलरी पर अच्छा खासा मेकिंग चार्ज देना पड़ता है. इसके अलावा इसपर जीएसटी भी देय होता है. ये दोनों चार्ज मिलाकर 25 फीसदी तक पहुंच सकता है. हालांकि, ज्वेलरी की लिक्विडिटी सबसे सोने में निवेश कैसे करें ज्यादा होती है. इसके चोरी होने का भी खतरा होता है.

7. गोल्ड बार और सिक्के

अगर कोई व्यक्ति फिज़िकल गोल्ड में निवेश करना चाहता है तो गोल्ड बार या कॉइन उनके लिए अच्छा विकल्प बन सकता है. इसपर 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज देना होता है. गोल्ड बार और कॉइन पर मेकिंग चार्ज ज्वेलरी की तुलना में कम होता है.

क्या है सोने पर टैक्स देने की व्यवस्था?

बिक्री के समय: अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखा जाता है तो इसपर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होता है. जबकि, अन्य सभी गोल्ड इन्वेस्टमेंट पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है. डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स की तरह ही गोल्ड निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है. गोल्ड निवेश से बाहर निकलने पर निवेशक की जो कमाई होती है, उसी रकम पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है.

खरीदते समय: फरवरी महीने में बजट में वित्त मंत्री ने ऐलान किया था कि सोने पर आयात शुल्क को घटाकर 7.5 फीसदी किया जा रहा है. पिछले टैक्स व्यवस्था की तुलना में यह कम है. हालांकि, आयात शुल्क में कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट सेस के नाम पर 2.5 फीसदी का अतिरिक्त टैक्स वसूला जाएगा. गोल्ड पर 3 फीसदी की जीएसटी और ज्वेलरी मेकिंग पर 5 फीसदी की जीएसटी देनी होती है.

Gold में इन 3 तरीकों से करेंगे निवेश तो होगा तगड़ा मुनाफा, जानें आपके लिए कौन सा सही रहेगा?

सोने को इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है. अभी सोने में निवेश करने का अच्छा समय है क्योंकि इस समय सोने के दाम पिछले 4 महीनों के मुताबिक सबसे कम हैं. हम आपको सोने में निवेश करने के सबसे बेहतरीन उपाय बताने जा रहे हैं.

  • अगले कुछ सालों में बढ़ेंगे सोने के दाम
  • सोने में निवेश करने का ये है सही समय
  • इन तरीकों से कर सकते हैं सोने की खरीदारी

alt

5

alt

5

alt

5

alt

7

Gold में इन 3 तरीकों से करेंगे निवेश तो होगा तगड़ा मुनाफा, जानें आपके लिए कौन सा सही रहेगा?

नई दिल्ली: निवेश के लिए गोल्ड को हमेशा से बेहतर एसेट (Gold investment) माना जाता रहा है. पिछले कुछ सालों में सोना (Gold) दुनिया भर में निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर उभरा है. भारतीय सोने में हर तरीके से निवेश ( Best way to gold investment) करना चाहते हैं, ऐसे में अगर आप भी सोने में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह समय अच्छा हो सकता है. इस सोने में निवेश कैसे करें समय सोने की कीमतें (Gold price) चार महीने के निचले स्तर पर हैं और लॉन्ग टर्म के लिए सोने में काफी सकारात्मक रुख है. मार्केट एक्सपर्ट भी सोने में निवेश की सलाह दे रहे हैं.

जानिए क्यों करना चाहिए सोने में निवेश?

बता दें कि सोने में वह सभी गुण हैं, जो एक पारंपरिक निवेशक एसेट क्लास में देखता है. गोल्ड पर मिलने वाला निवेश हमेशा से महंगाई को हराने में कामयाब रहा है. वहीं, दूसरी तरफ अगर फ्यूचर में कभी इमरजेंसी आती है और पैसों की जरूरत पड़ती है तो इस मामले में आप सोने के निवेश पर भरोसा कर सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसे आप जल्दी से बाजार में बेच सकते हैं.

कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ साल में सोना 55 हजार से 60 हजार की रेंज में पहुंच सकता है. खरीदारी के लिए 45,000 से 47,000 का स्तर काफी अच्छा है. ऐसे में सोने में निवेश आपको फायदा पहुंचा सकता है. तो आइए हम आपको बताते हैं कि सोना खरीदने या निवेश करने के लिए 3 बेस्ट सोने में निवेश कैसे करें ऑप्शन कौन-से हैं-

1.फिजिकल गोल्ड खरीदना (Physical Gold)

ग्राहक किसी भी ज्वेलरी शॉप में जाकर फिजिकल गोल्ड खरीद सकते हैं. सोने की शुद्धता के लिए ग्राहक को सरकार द्वारा तय मानकों का ध्यान रखना चाहिए. फिजिकल गोल्ड खरीदने का एक नुकसान यह है कि इसके चोरी होने का डर लगा रहता हैं. वहीं, अगर आप इसे बैंक लॉकर में रखते हो, तो आपको इसके लिए भुगतान करना होगा. देश में अधिकांश लोग फिजिकल गोल्ड ही खरीदना पसंद करते हैं.

2. गोल्ड ETF में निवेश करना

आप गोल्ड ETF में भी निवेश कर सकते हैं. गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) एक ऐसा निवेश है, जिसका इस्तेमाल छोटी और लंबी दोनों अवधियों के वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है. ईटीएफ जो सोने में निवेश करते हैं उनमें जोखिम नहीं होता और न ही स्टोरेज की आवश्यकता होती.

3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में करें निवेश

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) सरकार द्वारा जारी किया जाता है. इसलिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की गारंटी होती है. Sovereign Gold Bond का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शुरुआती निवेश की राशि पर सालाना 2.50 फीसद की एक निश्चित ब्याज दर के साथ आता है. ये ब्याज निवेशक के बैंक खाते में छमाही आधार पर जमा होता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक मैच्योरिटी के समय की सोने की बाजार कीमत मिलने और आवधिक ब्याज के बारे में आश्वस्त होते हैं. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक्ड होती है और ये एक्सचेंजों पर ट्रेडेबल होते हैं.

सोने में निवेश के अन्य विकल्प‌‌

डिजिटल गोल्‍ड (Digital Gold)- यह ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म के जरिये सोने में निवेश का एक तरीका है. इसे फिजिकल गोल्‍ड के तौर पर भुनाया जा सकता है या वेंडर को दोबारा बेचा भी जा सकता है.

गोल्ड म्यूचुअल फंड (Gold Mutual Fund)- यह सोने में निवेश का एक सुरक्षित विकल्प है. यहां ग्राहक को अधिक रिटर्न मिलता है.

रेटिंग: 4.91
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 362