इन्हीं अलग – अलग स्थितियों के आधार पर कैंडल की संरचना भी अलग – अलग होती है।

कैंडल स्टिक क्या होतें है इन्हें कैसे समझें ? What is Candlestick How to understand them?

अगर आप स्टॉक, कॉमोडिटी या क्रिप्टो मार्केट में ट्रैडिंग या निवेश करतें है तो आपके सामने कैन्डल स्टिक चार्ट काफी बार आया होगा । काफी लोग इसे बड़े अच्छे से समझते है । वही पर काफी लोगों को इसे समझने में दिक्कत होती है । उनकी इस दिक्कत का कारण होता है या तो वह नए नए इस ट्रैडिंग या निवेश की दुनिया में आते है या किसी जान पहचान वाले के जरिए उन्हें कैन्डल स्टिक को जानने के फायदे पता लगते हैं। जिसकी उत्सुकता में वह भी कैन्डल स्टिक को सीखना चाहते है। आज इस लेख में हम कैन्डल स्टिक के बारे में जानेंगे।

ट्रैडिंग और निवेश की दुनिया में कैन्डल स्टिक का अपना अलग ही महत्व है। जो कोई भी ट्रैडिंग या निवेश करने आता है उसे शुरुआत के दिनों में कैन्डल स्टिक को समझने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। शुरुआत में तो समझ ही नहीं आता है कि यह क्या है ?

कैन्डल स्टिक कहां से और कब आई ?

हालांकि कैन्डल स्टिक की बीती कहानी बताने से कोई खास फर्क तो नहीं आएगा मगर फिर भी इसे जान लेना चाहिए। इसके बनाने वाले का जिक्र न हो तो शरुआत करना अधूरा लगता है।

दो शब्दों में बताना चाहेंगे की कैन्डल स्टिक को जापान में सन 1700 के करीब होमा नाम के एक चावल के व्यापारी ने बनाया था। तब से चलते - चलते आज कैन्डल स्टिक का यह रूप हमारे सामने है।

क्या दिखाती है कैन्डल स्टिक ?

दरअसल एक कैन्डल स्टिक हमें चार तरह की जानकारी देती है:

1. कैन्डल के शुरू होने का स्तर (A)

2. कैन्डल के खत्म या बंद होने का स्तर (B)

3. कैन्डल की उच्चतम स्तर (C)

4. कैन्डल का न्यूनतम स्तर (D)

यह चार जानकारी हमें एक कैन्डल स्टिक देती है। मगर इन चार जानकारियों को देखने और समझने का खेल कैन्डल के रंग पर निर्भर करता है।

कैन्डल स्टिक को संभवतः दो रंगों से प्रस्तुत किया जाता है जिसमे एक रंग तेजी और एक रंग गिरावट को दर्शाता है। आमतौर पर यह लाल और हरे रंग से दर्शाया जाता है। जिसमें हरा रंग तेजी और लाल रंग गिरावट को दर्शाता है। दोनों ही दशाओं में कैन्डल को पढ़ने और देखने का नजरिया बदल जाता है। आइये हम इसे चित्र के द्वारा दर्शाते हैं।

हरे रंग की कैन्डल स्टिक

हरे रंग की कैन्डल स्टिक (GREEN CANDLE STICK) के चित्र में (A) कैन्डल के उस स्तर को दर्शाता है जहा से कैन्डल बनना शुरू हुई है यानि यह नीचे से बनना शुरू होती है । (B) उस स्तर को दर्शता है जहां पर कैन्डल बननी बंद हो जाती है। (C) और (D) को विक या शैडो (WICK OR SHADOW) कहा जाता है। (C) दर्शाती है कि स्तर कितना ऊपर तक गया है मगर वहाँ रुकने की बजाए वापस आ गया। (D) दर्शाती है कि स्तर कितना नीचे तक गिरा मगर वहाँ रुके बिना वापस ऊपर आ गया।

क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है?

एक लाल कैंडलस्टिक जल्दी से बताता है कि अवधि के दौरान कीमत कम हो गई, साथ ही साथ खुले, उच्च, निम्न, और करीब। मोमबत्ती जितनी लंबी होती है, अवधि के दौरान मूल्य आंदोलन उतना अधिक होता है।

अधिकांश चार्टिंग सॉफ़्टवेयर आपको कैंडलस्टिक्स के रंगों को बदलने की अनुमति देता है, लेकिन सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले रंग काले भरे हुए, लाल भरे, लाल खोखले और काले खोखले हैं।

प्रत्येक रंग एक अलग अर्थ देता है:

  • काले भरा कैंडलस्टिक्स होते हैं, जब करीब से पहले करीब से अधिक है लेकिन खुले से कम है।
  • ब्लैक हॉलो कैंडलस्टिक्स तब होता है जब करीब पूर्व और खुले की तुलना में अधिक होता है ।
  • रेड भरा कैंडलस्टिक्स तब होता है जब खुले और पूर्व के करीब करीब होता है।
  • रेड हॉलो कैंडलस्टिक्स तब होते हैं जब क्लोज खुले से अधिक होता है लेकिन पहले के क्लोजर से कम होता है।

लाल मोमबत्ती का उपयोग कैसे करें का उदाहरण

एक लाल मोमबत्ती बस यह दर्शाता है कि अवधि के दौरान कीमत कम हो गई है। ऐसी मोमबत्तियाँ अक्सर होती रहेंगी। इसलिए, कुल में लाल कैंडलस्टिक्स का विश्लेषण किया जाना चाहिए, और विश्लेषण के अन्य रूपों के साथ संयोजन में। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे इसे पूरा किया जा सकता है। निम्नलिखित एक उदाहरण है:

एक अपट्रेंड के दौरान लाल कैंडलस्टिक्स आमतौर पर काफी छोटे होते हैं। यदि एक बड़ी लाल मोमबत्ती दिखाई देती है तो यह एक मजबूत बिक्री दिवस और संभवतः अल्पकालिक भावना में बदलाव का संकेत देती है।

डाउनट्रेंड के दौरान, लाल मोमबत्तियाँ आमतौर पर काफी बड़ी होती हैं। विशेष रूप से बड़ी लाल मोमबत्तियों के बाद छोटी लाल मोमबत्तियाँ, बेचने में अनिर्णय या मंदी का संकेत दे सकती हैं। यदि बड़े सफेद (काले खोखले) कैंडलस्टिक्स का पालन करते हैं, तो अल्पकालिक प्रवृत्ति अधिक हो गई है।

कैंडलस्टिक्स बनाम बार चार्ट

कैंडलस्टिक और बार चार्ट एक ही जानकारी दिखाते हैं – खुले, उच्च, निम्न, और करीब – लेकिन एक अलग तरीके से। एक बार एक ऊर्ध्वाधर रेखा है, जिसमें कोई वास्तविक शरीर नहीं होता है जैसे कि कैंडलस्टिक, जिसमें बाईं ओर एक छोटी क्षैतिज रेखा होती क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है है जो खुले मूल्य को चिह्नित करती है और दाईं ओर एक छोटी क्षैतिज रेखा होती है।

यह जानना महत्वपूर्ण है कि ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कैंडलस्टिक्स को कैसे चित्रित कर रहा है। कुछ प्लेटफ़ॉर्म पूर्व खाते को बंद नहीं करते हैं, जबकि अन्य करते हैं। व्यापारियों के पास उदाहरण के लिए, बंद बनाम खुले के आधार पर सभी कैंडलस्टिक्स को भरा या खोखला बनाने का विकल्प है। यह जांचने के लिए कि आपका प्लेटफ़ॉर्म क्या कर रहा है, मोमबत्तियों के ऊपर कर्सर घुमाएँ और खुली और बंद कीमतों पर ध्यान दें, साथ ही प्लेटफ़ॉर्म ने इन आंकड़ों के आधार पर मोमबत्ती को कैसे रंगा है।

ट्वीज़र टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न चार्ट पर कैसे बनता है ?

इस पैटर्न की जो पहली कैंडल होती है वह लॉन्ग बुलिश, स्माल बुलिश या कोई भी सिंगल बुलिश कैंडल क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है हो सकती है। इसके बाद जो दूसरी कैंडल होती है वह भी लॉन्ग बीयरिश, स्मॉल बीयरिश या कोई भी सिंगल बीयरिश कैंडल हो सकती है। यह, पहली कैंडल के क्लोजिंग प्राइस के बराबर क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है या उसके ऊपर कहीं भी खुल सकती है। दूसरी कैंडल भी, पहली कैंडल के बराबर का हाई बनती है या उससे थोड़ा कम जैसे कि पहली कैंडल ने 95 रूपये का हाई बनाया तो दूसरी कैंडल भी 95 का हाई बनाएगी या उससे थोड़ा कम।

Tweezer Top Candlestick Pattern की दूसरी कैंडल कहीं भी क्लोज हो सकती है। पहली कैंडल के low प्राइस के बराबर या उसके आस-पास इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह कैंडल बीयरिश यानि लाल रंग की होनी चाहिए। कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न क्या है

वॉल्यूम: ट्वीज़र टॉप कैंडलस्टिक में volume का बहुत अधिक महत्व होता है। इस पैटर्न में पहली कैंडल के समय जितना वॉल्यूम होता है उसे ज्यादा दूसरी कैंडल के समय होना चाहिए। यानि की वॉल्यूम बढ़ते क्रम में होना चाहिए तभी यह क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है पैटर्न अच्छी तरह काम करता है। कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि वॉल्यूम घटते हुए क्रम में होने के बावजूद ट्वीज़र टॉप अच्छा परिणाम दे देता है। इस पैटर्न में कभी-कभी ऐसा भी देखा कि, पहली कैंडल बुलिश मोरूबाज़ू तथा दूसरी बीयरिश मोरूबाज़ू भी हो सकती है। Candlestick pattern - Hammer Hanging man, Inverted hammer and Shooting star
ट्वीज़र टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न Intraday chart, क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है Daily chart, Weekly chart तथा Monthly chart पर बहुत अच्छा काम करता है। जब यह पैटर्न चार्ट पर बनता है और उसके अगले दिन शेयर के प्राइस Gap Down ओपन होते है, तो उसे बिकवाली कन्फर्मेशन समझना चाहिए। इस पैटर्न के बनने के बाद बाजार / शेयर पर मंदड़ियों की पकड़ मजबूत हो जाती है। अगर आप इंटरडे ट्रेडिंग करते है तो आपको इसे फाइव मिनट, फिफ्टीन मिनट तथा hourly chart पर देखना चाहिए। इस तरह आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। Candlestick Patterns Doji, Marubozu, Spinning Tops

ध्यान देने योग्य बातें

दोनों कैंडल का हाई सामान होना चाहिए। पहली कैंडल कोई भी सिंगल बुलिश कैंडलस्टिक तथा दूसरी कोई भी सिंगल बीयरिश कैंडलस्टिक हो सकती। है। दोनों कैंडल्स का low price एक समान या थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है। SHARE MARKET क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है BEGINNER'S GUIDE

प्रॉफिट बुकिंग के लिए आपको तब तक इंतजार करना है। जब तक चार्ट पर कोई ऐसा सिग्नल ना बन जाय जोकि मार्केट का ट्रेंड बदल सकता है। जैसे ही क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है आपको ऐसा सिग्नल दिख जाय तुरंत आपको प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए।अब आपको पता चल गया होगा कि Tweezer Top Candlestick Pattern चार्ट पर कैसे बनता है तथा यह कैसे काम करता है।

यदि आप कैंडलेस्टिक पेटर्न को संपूर्ण रुप से सीखना चाहते हैं द्वारा लिखित पुस्तक टेक्निकल एनालिसिस और क्या एक लाल कैंडलस्टिक आपको बताता है कैंडल स्टिक पैटर्न की पहचान को अवश्य पढ़ें इस पुस्तक को आप इस लिंक पर क्लिक करके आसानी से खरीद सकते हैं। Ear Gaming Headphones

Doji के प्रकार | Engulfing Candle क्या है ?

Doji भी किसी Candles Stick Chart पर बनने वाली कैंडल की एक संरचना पर ही आधारित होती है। जैसा कि आप जान चुके हैं कि कैंडल किसी स्टॉक के भाव के खुलने और बन्द होने की स्थिति बताती है तथा हर बार ये स्थित अलग – अलग हो सकती है।

doji-ke-prakar

इन्हीं अलग – अलग स्थितियों के आधार पर कैंडल की संरचना भी अलग – अलग होती है।

डोजी भी इसी प्रकार की एक कैंडल स्टिक संरचना है, जो बाजार में आगे क्या होने वाला है इसका संकेत देती है ।

आपको पता है कि किसी शेयर का भाव खुलने के बाद या तो बढ़ता है या फिर घटता है।

परंतु कभी – कभी ऐसा भी होता है कि मार्केट खुलने के बाद किसी शेयर का भाव घटता है या बढ़ता है लेकिन मार्केट बंद होने के समय तक भाव अपने खुलने के भाव के नजदीक ही आकर बंद होता है ।

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