कई ब्रोकर अपने प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने और अक्सर ट्रेडिंग के बदले में मुफ्त या छूट पर ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करते हैं। यदि आप अभी भी ब्रोकर की तलाश में हैं, तो विश्वसनीय विदेशी मुद्रा दलालों का पता लगाने के लिए

फोरेक्स ट्रेडिंग क्या है ?

फोरेक्स ट्रेडिंग क्या है ?

जिस तरह शेयर बाजार या कमोडिटी बाजार में शेयरों या कमोडिटी की ट्रेडिंग होता है, उसी तरह ‘फॉरेक्स मार्केट या विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में कई देशों की मुद्राओं की ट्रेडिंग होता है। इसे एफएक्स (FX) ट्रेडिंग कहते हैं।

विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग का लाभ कोई शुल्क या अप्रत्यक्ष कमीशन नहीं 24 घंटे बाजार कार्रवाई व्यापार मुद्रा जोड़े के दर्जनों करने के लिए की क्षमता अपने लाभ के अवसरों को अधिकतम करने के लिए प्रचलित उत्तोलन लाभ की क्षमता बढ़ती है और गिरती कीमतों से उच्चतम करने के लिए अन्य वित्तीय बाजारों की तुलना में करलता ।

पहुँच ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न उपकरणों से बाजार फॉरेक्स बाजार में हुए सभी ट्रांजेक्शनों में दो करेंसियां की खरीद और बिक्री एक साथ होती है। इन्हें ‘करेंसी युग्म’ कहते हैं, और इसमें बेस करेंसी और कोट करेंसी होती है। नीचे दिया गया प्रदर्शन फॉरेक्स युग्म EUR / USD (यूरो/यूएस डॉलर) है, जो फॉरेक्स बाजार पर उपयोग किए जाने वाले सबसे आम करेंसी युग्मों में से एक है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग की कार्यप्रणाली कैसा होता है?

ट्रेड में एक करेंसी का मूल्य अन्य करेंसी के मूल्य से संबद्ध है, इसलिए आप हमेशा एक समय में दो करेंसियां के साथ काम करेंगे। करेंसी युग्म के कोटेशन में दिखाई देने वाली पहली करेंसी बेस करेंसी है, उसके बाद कोट करेंसी होती है।करेंसियां के बीच मूल्य में अंतर ही आपका लाभ या हानि होता है।

विनियमित ब्रोकर देखें जिसके पास कम से कम 5 वर्ष का ट्रैक रिकॉर्ड है। यदि आपका ब्रोकर नियामक नियमों का पालन करे, तो आप सुनिश्चित रहें कि वो वैध है। आपके पास सक्रिय अकाउंट होने पर आप ट्रेड कर सकते हैं लेकिन अपने ट्रेडिंग की लागत कवर करने के लिए आपको डिपॉजिट करना होगा। इसे मार्जिन अकाउंट कहते हैं।

फर्जी आनलाइन पाठ्यक्रमों और विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग के नाम पर काले धन को सफेद बनाने का खेल

हाल में ही कोलकाता स्थित केनरा बैंक की ब्रांच की शिकायत पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

१. आनलाइन पाठ्यक्रमों के काम में लिप्त दो कंपनियों के खाते बैंक में विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग शुल्क खुलवाए गए.

२. यह खाते फर्जी केवायसी कागजातों के आधार पर खुलवाए गए.

३. जब कंपनियों के खाते में बड़े संदिग्ध लेनदेन हुए तो बैंक प्रशासन ने इसकी जांच की तो पाया कागजात फर्जी है.

४. बैंक द्वारा पुलिस शिकायत के बाद पता चला कि एक पैशेवर और उसके भाई द्वारा सारा लेनदेन किया जा रहा है.

५. बीस करोड़ रुपए बैंक खाते में जमा मिलें और इसके अलावा लगभग कैश ८ करोड़ रुपए इन लोगों के घर और कार में मिलें. इसके अलावा ज्वैलरी हीरे जवाहरात अलग मिलें.

६. दोनों भाई फरार है और खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है.

फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे काम करता है

जिस तरह से इक्विटी ट्रेडिंग में हमारे प्रॉफिट और लॉस के लिए हमारे द्वारा लिए गए किसी भी शेयर विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग शुल्क के मूल्य बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं ठीक उसी प्रकार से फॉरेक्स ट्रेडिंग भी हमारे देश के शेयर मार्केट में होने वाले इक्विटी ट्रेडिंग के जैसा ही होता है

फोरेक्स ट्रेडिंग में हमारे फायदे और नुकसान के लिए किसी भी विदेशी करेंसी का एक्सचेंज रेट या अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उसके घटते बढ़ते हुए मोहल्ले इसका बहुत मायने रखते हैं उदाहरण मन कोई व्यक्ति हैं जो फॉरेक्स ट्रेडिंग करता है और वह डॉलर के बढ़ते हुए मूल्य में अच्छा प्रॉफिट लेना चाहते हैं तो मान लीजिये की उसने 70 के हिसाब से 1000 यूएस डॉलर खरीद लिये जिनकी वैल्यू 7000 रूपये होती है और ये मान लीजिए कि कल उनमें 300 की वृद्धि हो रही है और जब वो उन $1000 का बेचता है तब उसे 73000 रूपये मिलते हैं फॉरेक्स ट्रेडिंग में अच्छा प्रॉफिट कमाने के लिए उसे अच्छी तरह से एक्सचेंज रेट का टेक्निकल लाइन से करना होगा.

फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए बेस्ट करेंसी कौन सी है

फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए सभी देशों की मुद्राएं में से सबसे अच्छी करेंसी है

इन देशों की करंसी मैं अगर आप फॉरेक्स ट्रेडिंग करते हैं तो यह आपके लिए काफी बेनिफिट वाला हो सकता है.

हमारे देश भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करें?

हमारे देश में बहुत से लोग शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करते हैं लेकिन उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी न होने के कारण वह फॉरेक्स ट्रेडिंग नहीं कर पाते हैं हमारे भारत देश में बहुत सारी बड़ी बड़ी कंपनियां हैं और बड़े बड़े बैंक हैं जो फॉरेक्स ट्रेडिंग करते है और अच्छा प्रॉफिट भी कमाते हैं फॉरेक्स ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट कर कोई भी अच्छी इनकम कमा सकता है जैसे कि आप शेयर मार्केट में करते हुए इसमें बहुत ही कम रिस्क होता है पर ये आपको अच्छा प्रॉफिट भी देता है जिसके लिए आपको ब्रोकर आपको अच्छा मार्जिन भी देते हैं जिस कारण से अब कम इन्वेस्टमेंट करते हैं अधिक से अधिक फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकते हैं

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए आपको ये सावधानियां रखना जरूरी है-

  • फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए आपको इसके बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए आप पहले से ही मार्केट में एक इन्वेस्टर ग्रुप में काम कर रहे हो तो आप इसमें अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं
  • आज के टाइम में तो फर्स्ट थिंग करने के लिए बहुत से कोर्स भी आते हैं आप उन कोशिशों कर सकते हैं
  • अगर आप फॉरेस्ट ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको टेक्निकल एनालिसिस का अच्छा ज्ञान होना चाहिए और आप को मार्केट का पूर्वानुमान लगाना भी आना चाहिए
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग शुरू करने के लिए आपके पास एक अच्छा बैंक बैलेंस भी होना चाहिए जिससे अगर आपको कभी ट्रेडिंग करने में कोई घाटा हो तो आप उसे कवर कर सकते हैं.

RBI News: अवैध विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग शुल्क प्लेटफार्मों पर विदेशी करेंसी में लेन-देन करने वाले हो जाएं सचेत, आरबीआई ने दी ये चेतावनी

आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी करेंसी में पैसा लगाने वाने लोगों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जनता को अवैध इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीपी) पर विदेशी मुद्रा लेन-देन के मामले में बेहद सचेत रहने की जरूरत है। बैंक की ओर से कहा गया है कि इस तरह का लेन-देन करने वाले व्यक्ति विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई के पात्र होंगे।

ऊंचे रिटर्न का दिलाते हैं भरोसा
आरबीआई ने विदेशी करेंसी में निवेश करने या फिर लेन-देन करने वाले निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खास तौर पर ऐसे अवैध फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के प्रति चेताया है, जो हालिया दिनों में पैमाने पर उभरे हैं। ये प्लेटफॉर्म लोगों को ऊंचे रिटर्न का भरोसा देते हैं और अपने झांसे में फंसाते हैं। आरबीआई ने कहा है कि विदेशी मुद्रा अधिनियम (फेमा) के तहत निर्धारित उद्देश्यों से अलग अन्य जरूरतों के लिए अवैध ईटीपी के जरिए विदेशी करेंसी में लेन-देन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जा सकती है। आपको बता दें कि ईटीपी स्टॉक एक्सचेंजों से अलग ऐसे इलेक्ट्रॉनिक् सिस्टम हैं, जहां शेयर या विदेशी करेंसी की ट्रेडिंग की जा सकती है। हालांकि, इन प्लेटफॉर्म को आरबीआई से अनुमति लेना जरूरी है।

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी करेंसी में पैसा लगाने वाने लोगों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जनता को अवैध इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीपी) पर विदेशी मुद्रा लेन-देन के मामले में बेहद सचेत रहने की जरूरत है। बैंक की ओर से कहा गया है कि इस तरह का लेन-देन करने वाले व्यक्ति विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई के पात्र होंगे।

ऊंचे रिटर्न का दिलाते हैं भरोसा
आरबीआई ने विदेशी करेंसी में निवेश करने या फिर लेन-देन करने वाले निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खास तौर पर ऐसे अवैध फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के प्रति चेताया है, जो हालिया दिनों में पैमाने पर उभरे हैं। ये प्लेटफॉर्म लोगों को ऊंचे रिटर्न का भरोसा देते हैं और अपने झांसे में फंसाते हैं। आरबीआई ने कहा है कि विदेशी मुद्रा अधिनियम (फेमा) के तहत निर्धारित उद्देश्यों से अलग अन्य जरूरतों के लिए अवैध ईटीपी के जरिए विदेशी करेंसी में लेन-देन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जा सकती है। आपको बता दें कि ईटीपी स्टॉक एक्सचेंजों से अलग ऐसे इलेक्ट्रॉनिक् सिस्टम हैं, जहां शेयर या विदेशी करेंसी की ट्रेडिंग की जा सकती है। हालांकि, इन प्लेटफॉर्म को आरबीआई से अनुमति लेना जरूरी है।

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कैसे चुनें?

ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म चुनते समय, ट्रेडिंग रणनीति और उपकरणों के प्रकार पर विचार करना महत्वपूर्ण है जिसे आप उपयोग करने की योजना बनाते हैं। इसके अलावा, कुछ मानदंड हैं जिन्हें विकल्प बनाते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए:

जब व्यापार की बात आती है, तो एक स्पष्ट और उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफ़ेस आवश्यक है। प्लेटफ़ॉर्म को कई अलग-अलग संकेतकों और चार्ट, साथ ही व्यापारियों के लिए आवश्यक अन्य उपकरणों की पेशकश करनी चाहिए।

फीस और कमीशन विभिन्न प्लेटफार्मों

द्वारा ली जाने वाली फीस और कमीशन की तुलना करें। शुल्क व्यापार के प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकते हैं, जबकि कमीशन आमतौर पर एक फ्लैट दर या लेनदेन मूल्य का प्रतिशत होता है। दुर्भाग्य से, इन लागतों का आपके मुनाफे पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, कुछ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बिना किसी कमीशन शुल्क के किफायती लेनदेन की पेशकश करते हैं।

तक पहुंच यदि आप विभिन्न तरीकों से व्यापार करने की कोशिश करना चाहते हैं, तो आप विभिन्न बाजारों में विभिन्न प्रकार के वित्तीय साधनों का व्यापार करने की कोशिश कर सकते हैं। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर इसे आज़माना एक अच्छा विचार है जो बहुत सारे बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है।

उच्च सुरक्षा

जब हम सुरक्षा
के बारे में बात करते हैं तो सभी प्लेटफार्मों को समान नहीं बनाया जाता है। अपने व्यवसाय के लिए एक मंच चुनते समय, उच्च सुरक्षा मानकों की पेशकश करने वाले का चयन करना सुनिश्चित करें। यह आपके डेटा की सुरक्षा करने और आपके व्यवसाय को हैकर्स और घोटालों से सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

पर उपलब्धता यह लचीलापन व्यापारियों को डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप या यहां तक विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग शुल्क कि मोबाइल उपकरणों जैसे उनके लिए सबसे सुविधाजनक डिवाइस का उपयोग करने की अनुमति देता है। कुछ प्लेटफ़ॉर्म को विशेष रूप से अच्छा माना जाता है क्योंकि वे कई प्रारूपों में उपलब्ध हैं।

तकनीकी विश्लेषण के लिए शक्तिशाली उपकरण तकनीकी विश्लेषण

उपकरण का उपयोग यह अनुमान लगाने के लिए किया जाता है कि कोई संपत्ति बाजार के रुझानों और इसके मूल्य में उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने वाले कारकों के आधार पर ऊपर या नीचे कब जाएगी। ये उपकरण ट्रेडिंग प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे निवेशकों को किसी संपत्ति को खरीदने या बेचने के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करते हैं।

यद्यपि ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चुनने से पहले विचार करने के लिए कई कारक हैं, यह अंततः नीचे आता है कि ट्रेडिंग की कौन सी विधि आपको और आपके लक्ष्यों के लिए सबसे उपयुक्त है। यदि आप अक्सर व्यापार करने की योजना बनाते हैं, तो कम शुल्क वाले प्लेटफ़ॉर्म की तलाश करें। यदि आप अधिक मार्गदर्शन और समर्थन चाहते हैं, तो उन प्लेटफार्मों की तलाश करें जो महान ग्राहक सेवा प्रदान करते हैं। और अंत में, अपना निर्णय लेने से पहले समीक्षा पढ़ना सुनिश्चित करें।

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