Price Volume Breakout: मार्केट में उतारचढ़ाव के बीच उछले ये पांच शेयर, यहां देखिए पूरी लिस्ट

निफ्टी 50 (Nifty 50) आज निगेटिव धारणा के साथ फ्लैट 18,638.85 अंक पर खुला जबकि पिछले सेशन में यह 18,642.75 अंक पर बंद हुआ था। हालांकि कारोबार के दौरान यह 18,668.3 अंक तक उछला लेकिन इस आर्टिकल को लिखते समय यह गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। कमजोर वैश्विक संकेतों से इसमें गिरावट आई। मंगलवार को नैसडैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) में दो फीसदी, डाउ जोन्स (Dow Jones) में 1.03 फीसदी और एसएंडपी 500 (S&P 500) में 1.44 फीसदी गिरावट आई। बुधवार को एशियाई मार्केट्स में भी शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। दोपहर 12:10 बजे निफ्टी 50 इंडेक्स 53.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 18,589.7 अंक पर ट्रेड कर रहा था।

ब्रॉडर मार्केट इंडेक्सेज का प्रदर्शन फ्रंटलाइन इंडेक्सेज से खराब रहा। निफ्टी मिड-कैप 100 इंडेक्स 0.43% की गिरावट पर था जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स (Nifty Small-Cap 100 index) 0.65% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। छह दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक एफआईआई (FII) और डीआईआई (DII) नेट सेलर्स रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 635.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 558.67 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। यह रही उन शेयरों की लिस्ट जो प्राइस वॉल्यूम ब्रेकआउट से गुजर रहे हैं।

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Stock market me volume kya hota hai

आपने बहुत बार निवेशकों के मुंह से जरूर सुना होगा कि इसका वॉल्यूम इतना बढ़ा या फिर इतना गिरा। उस समय आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर Stock market me volume kya hota hai / शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है।

तो चलिए आज की इस पोस्ट के माध्यम से आपको मैं बताऊंगा कि शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है। (Stock market me volume kya hota hai) इसके साथ साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम क्या होता है। आखिर शेयर मार्केट में वॉल्यूम की क्या भूमिका है।

शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है। (Stock market me volume kya hota hai)

स्टॉक मार्केट में हमें वॉल्यूम यह दिखलाता है, कि किसी एक निश्चित समय में कितने शेयर शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? को खरीदा और बेचा गया है। या फिर उस समय में कितने शेयरों में ट्रेड किया गया है। अर्थात जितने शेयर को बेचा और खरीदा जाता है। उसे वॉल्यूम कहा जाता है।

Stock market me volume kya hota hai

आपको बता दें, कि खरीदे हुए शेयर या फिर बेचे गए शेयर की संख्या जितनी अधिक होगी चार्ट में स्टॉक्स का उतना ही ज्यादा बढ़ जाएगा। और जितना ही अधिक लोग शेयर को बेचेंगे उतना ही अधिक उसका वॉल्यूम का कैंडल भी बढ़ता जाता है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो एक निश्चित समय में ट्रेड किए गए शेयर की संख्या को वॉल्यूम कहा जाता है।

वॉल्यूम = शेयर के कुल नंबरों के संख्या।

इसका अर्थ यही हुआ की एक समय अंतराल के दौरान कितने शेयर को खरीदा और बेचा गया है। तब उन सभी शेयर को गिनने में जो संख्या आती है। उसे वॉल्यूम कहा जाता है।

वॉल्यूम कितने समय में ट्रेड किया जाता है।

Stock market me volume kya hota hai– कोई भी टाइम के अंतराल में चाहे वह 1 दिन का हो, या फिर 1 महीने या फिर 1 साल का कुछ भी समय हो, उसके दौरान चाहे वह 1 मिनट हो या फिर आधे या फिर 1 घंटे का, उस समय में किसी भी कंपनी के जितने भी नंबर ऑफ शेयर को ट्रेड किया जाता है। उसे वॉल्यूम कहा जाता है। वॉल्यूम को आप अपने ब्रोकर के हिसाब से उसमे उपस्थित हर टाइम फ्रेम में देख सकते हैं।

ट्रेडिंग वॉल्यूम –

Stock market me volume kya hota hai – वॉल्यूम को आपने समझा कि जितने शेयर को खरीदे और बेचे जाते हैं, उनकी कुल संख्या को वॉल्यूम कहा जाता है।

ठीक उसी तरह ट्रेड लेते समय जब आप या फिर कोई भी हर बार शेयर को खरीदते और फिर उन्हें बेचते हैं, तो उनकी कुल संख्या को ट्रेडिंग वॉल्यूम कहते हैं।

इसे एक उद्धरण के तौर पर समझते हैं, माना आपने आज स्टॉक मार्केट में किसी कंपनी के 20 शेयर को खरीदा है, और कुछ समय बीत जाने के बाद आपने उन शेयर को बेच दिया तो total trading volumes जो होगा वह 40 हो जायेगा। इसमें हाई वॉल्यूम को आप यह समझ सकते हो, की बहुत से शेयर को एक जगह से दूसरी जगह ट्रेड किया जा रहा है।

शेयर के अलावा वॉल्यूम कहां प्रयोग होता है–

वॉल्यूम केवल और केवल शेयर के लिए ही नहीं बल्कि बाकी इन्वेस्टमेंट के लिए भी मापा जाता है। जैसे फ्यूचर और ऑप्शन, गोल्ड, mcx आदि चीजों में भी वॉल्यूम का प्रयोग किया जाता है। जैसे स्टॉक में नंबर ऑफ शेयर जो निश्चित समय में किया जाता है, को वॉल्यूम कहते हैं।

ठीक उसी तरह फ्यूचर और ऑप्शन में वॉल्यूम को इस तरह देखा जाता है, कि कितने लोगों ने कॉन्ट्रैक्ट्स को एक जगह से दूसरी जगह भेजा हुआ है। इसके अलावा वॉल्यूम को अन्य फाइनेंस रिलेटेड इन्वेस्टमेंट में भी प्रयोग में लाया जाता है।

वॉल्यूम का क्या काम है–

वॉल्यूम का काम मार्केट में लिक्विडिटी और एक्टिविटी को मापना है। लिक्विडिटी को आप कुछ इस तरीके से समझ सकते हो, कि आप जितनी आसानी से स्टॉक को खरीद और बेच सकते हो उसे लिक्विडिटी कहते हैं।

इसका मतलब यह हुआ की जितना अधिक लिक्विडिटी होगी, उतने ही आसानी से हम स्टॉक को खरीद और बेच सकते हैं। साथ ही उसका वॉल्यूम भी हमको उतना ही अधिक देखने को मिलेगा। और जो स्टॉक्स अधिक लिक्विड होते हैं, उनमें वॉल्यूम भी उतना ही अधिक दिखता है।

वॉल्यूम क्यों महत्वपूर्ण है–

Stock market me volume kya hota hai –आपको हमेशा ट्रेड करते समय यह ध्यान में रखना चाहिए, कि इंट्राडे ट्रेडिंग में किसी भी ट्रेडिंग शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? सेशन के दौरान जब मार्केट ओपन होता है, और जब मार्केट क्लोज होता है, उस दौरान आपको वॉल्यूम बहुत अधिक देखने को मिलता है। और बीच के समय में मार्केट कुछ भी हो सकता है। याने की लिक्विडिटी कम या फिर अधिक। इसलिए इंट्राडे ट्रेडर के लिए शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? वॉल्यूम का देखना बहुत ही जरूरी भी बन जाता है।

इसके साथ साथ जो लोग फंडामेंटल को देख कर के इन्वेस्टमेंट करते हैं, उनके लिए भी वॉल्यूम देखना बहुत जरूरी हो जाता है। क्योंकि वह बड़े टाइम फ्रेम में देख पाते हैं, की कितने लोग किस प्राइस पर शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? Buy or Sell कर रहे हैं।

Multibagger Stock | इस शेयर ने 5 महीने में 450% का रिटर्न दिया और मुफ्त बोनस शेयर, खरीदें?

Multibagger Stock | पेशेवर सेवाओं से जुड़ी कंपनी इवांस इलेक्ट्रिक ने अपने निवेशकों को सुखद झटका दिया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मल्टीबैगर कंपनी इवांस इलेक्ट्रिक अपने मौजूदा शेयरधारकों को 1: 1 के अनुपात में मुफ्त बोनस शेयर वितरित करेगी। यानी निवेशकों को उनके पास मौजूद एक शेयर पर 1 बोनस शेयर दिया जाएगा। इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि कंपनी के निदेशक मंडल ने 16 दिसंबर, 2022 को हुई अपनी बैठक में अपने निवेशकों को 1: 1 के अनुपात में मुफ्त बोनस शेयर वितरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। (Stock Market LIVE, Share Market LIVE, BSE – NSE LIVE, Nifty 50 LIVE, Sensex LIVE, SGX Nifty live, Evans Electric Share Price | Evans Electric Stock Price | BSE 542668)

बोनस शेयर की घोषणा के बाद शेयर में तेजी
जैसे ही कंपनी ने बोनस शेयर की घोषणा की, शेयरों ने कारोबारी सत्र में अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर को छू लिया। इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी में ट्रेडिंग वॉल्यूम में जबरदस्त वृद्धि हुई थी। इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी के शेयर 5 फीसदी के ऊपरी सर्किट पर 411.65 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी के शेयरों का 52 हफ्तों का उच्चतम मूल्य स्तर 411.65 रुपये है। हालांकि कारोबारी सत्र के आखिरी कुछ घंटों में बीएसई पर शेयर का भाव 4.09 फीसदी की तेजी के साथ 408.10 रुपये पर पहुंच गया था। इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर 70 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

जिन लोगों ने पिछले 5 महीनों में इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी के शेयरों में 1 लाख रुपये का निवेश किया था, उन्हें अब 5 लाख रुपये से अधिक का रिटर्न मिला है। महज 5 महीने में इस कंपनी के शेयरों ने लोगों को 450 फीसदी का रिटर्न दिया है। 14 जुलाई 2022 को बीएसई पर कंपनी के शेयर 72.95 रुपये के भाव स्तर पर ट्रेड कर रहे थे। इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी के शेयर 16 दिसंबर, 2022 को बीएसई इंडेक्स पर 408.10 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे। अगर आपने 14 जुलाई 2022 को इस कंपनी के शेयरों में 1 लाख रुपये का निवेश किया होता तो आपको फिलहाल 5.59 लाख रुपये का मुनाफा होता।

इवांस इलेक्ट्रिक कंपनी की शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? शेयर पूंजी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 59.44 प्रतिशत है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 56 करोड़ रुपये है। सितंबर 2022 तिमाही में कंपनी ने 14.18 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया था। सितंबर 2022 तिमाही में कंपनी ने 2.73 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

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SEBI ने किए मार्जिन के नियमों में बदलाव

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। यदि आप शेयर बाजार में अपना पैसा लगाते है तो, हो सकता है, ये खबर आपके काम की हो। दरअसल, सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) द्वारा मार्जिन के नियमों में बदलाव किया गया है। इन नियमों में हुए बदलावों को देखते हुए लगता है कि, शेयर बाजार को मार्जिन की मार झेलना पड़ सकती है।

मार्जिन में किया गया बदलाव :

बता दें, SEBI द्वारा मार्जिन के नियमों में किए गए बदलाव के बाद से कैश सेग्मेंट में भी अपफ्रंट मार्जिन लगेगा। साथ ही कैश सेग्मेंट में कम से कम 22% मार्जिन वसूला जाएगा। बताते चलें, यदि कोई भी ग्राहक इनका इस्तेमाल करना चाहेगा तो, वो T+2 सेटलमेंट के बाद ही इन पैसों को प्राप्त कर सकेगा। सरल शब्दों में समझे तो, शेयर बाजार से शेयर खरीदने वाला कोई भी यूजर आपने शेयर बेचने के 2 दिन बाद ही नए शेयर खरीद शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? पाएंगे। इसका सीधा असर BTST या STBT के वॉल्यूम पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

होल्डिंग के शेयर पर मार्जिन :

वहीं, अब से यदि कोई यूजर होल्डिंग के शेयर बेचना चाहता हैं तो, उसे मार्जिन लगेगा। NSE, BSE द्वारा शनिवार को इस बारे में सम्पूर्ण जानकारी FAQ जारी जार साझा की गई। बता दें, मार्जिन से जुड़े लागू किए गए नए नियम 1 अगस्त से कई चरणों में लागू होने शुरू हो जाएंगे। इस मामले में जानकारों का भी कहना है कि, NSE-BSE को ब्रोकर्स, ट्रेडर्स की मुश्किलों के कारण को समझना चाहिए।

ब्रोकर्स के संगठन ने जताई चिंता :

गौरतलब है कि, इन नियमों में बदलाव पर ब्रोकर्स के संगठन ANMI ने चिंता जताई है। ब्रोकर्स के संगठन ने चिंता जताते हुए SEBI को बताया है कि, इन नए नियमों से ब्रोकर्स और ग्राहकों को सेयर मार्केट में पैसा लगाने पर दिक्कते आएंगी। मार्जिन कलेक्शन का यह तरीका मुश्किल साबित होगा। इतना ही नहीं ANMI ने डिलिवरी के बेचने पर मार्जिन को लेकर भी जताई चिंता जताई है। डिलिवरी वाले शेयरों पर कोई मार्जिन नहीं होनी चाहिए। 5 लाख रुपए तक के सौदों पर कोई मार्जिन ना हो।

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SEBI ने किए मार्जिन के नियमों में बदलाव

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। यदि आप शेयर बाजार में अपना पैसा लगाते है तो, हो सकता है, ये खबर आपके काम की हो। दरअसल, सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) द्वारा मार्जिन के नियमों में बदलाव किया गया है। इन नियमों में हुए बदलावों को देखते हुए लगता है कि, शेयर बाजार को मार्जिन की मार झेलना पड़ सकती है।

मार्जिन में किया गया बदलाव :

बता दें, SEBI द्वारा मार्जिन के नियमों में किए गए बदलाव के बाद से कैश सेग्मेंट में भी अपफ्रंट मार्जिन लगेगा। साथ ही कैश सेग्मेंट में कम से कम 22% मार्जिन वसूला जाएगा। बताते चलें, यदि कोई भी ग्राहक इनका इस्तेमाल करना चाहेगा तो, वो T+2 सेटलमेंट के बाद ही इन पैसों को प्राप्त कर सकेगा। सरल शब्दों में समझे तो, शेयर बाजार से शेयर खरीदने वाला कोई भी यूजर आपने शेयर बेचने के 2 दिन बाद ही नए शेयर खरीद पाएंगे। इसका सीधा असर BTST या STBT के वॉल्यूम पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

होल्डिंग के शेयर पर मार्जिन :

वहीं, अब से यदि कोई यूजर होल्डिंग के शेयर बेचना चाहता हैं तो, उसे मार्जिन लगेगा। NSE, BSE द्वारा शनिवार को इस बारे में सम्पूर्ण जानकारी FAQ जारी जार साझा की गई। बता दें, मार्जिन से जुड़े लागू किए गए नए नियम 1 अगस्त से कई चरणों में लागू होने शुरू हो जाएंगे। इस मामले में जानकारों का भी कहना है कि, NSE-BSE को ब्रोकर्स, ट्रेडर्स की मुश्किलों के कारण को समझना चाहिए।

ब्रोकर्स के संगठन ने जताई चिंता :

गौरतलब है कि, इन नियमों में बदलाव पर ब्रोकर्स के संगठन ANMI ने चिंता जताई है। ब्रोकर्स के संगठन ने चिंता जताते हुए SEBI को बताया है कि, इन नए नियमों से ब्रोकर्स और ग्राहकों को सेयर मार्केट में पैसा लगाने पर दिक्कते आएंगी। मार्जिन कलेक्शन का यह तरीका मुश्किल साबित होगा। इतना ही नहीं ANMI ने डिलिवरी के बेचने पर शेयर बाजार में वॉल्यूम क्या होता है? मार्जिन को लेकर भी जताई चिंता जताई है। डिलिवरी वाले शेयरों पर कोई मार्जिन नहीं होनी चाहिए। 5 लाख रुपए तक के सौदों पर कोई मार्जिन ना हो।

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