अदाणी विल्मर लिस्टिंग के बाद साल का सबसे अच्छा काम करने वाला आईपीओ

बिजनेस आइडिया: डेयरी फार्मिंग से जुड़े इन टॉप 5 बिजनेस से करें लाखों की कमाई

बिजनेस आइडिया: डेयरी फार्मिंग से जुड़े इन टॉप 5 बिजनेस से करें लाखों की कमाई

बेहतर मुनाफा पाने के लिए कम लागत में शुरू करें टॉप 5 नये बिज़नेस

डेयरी फार्मिंग एक बहुत ही अच्छा बिजनेस है। आज दूध के साथ ही इससे बने उत्पादों की मांग भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दूध से दही, छाछ, घी, आइसक्रीम आदि तरह सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प के प्रोडक्ट्स तैयार किए जाते हैं। इससे काफी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इसी के साथ डेयरी से जुड़े कई और भी बिजनेस हैं जिनसे आप कम पूंजी का इन्वेस्टमेंट करके मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन की इस पोस्ट में आपको ऐसे टॉप 5 बिजनेस की जानकारी दे रहे हैं, जिनसे आप काफी अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं, तो बने रहिये हमारे साथ।

कौनसे है ये टॉप 5 बिजनेस ( Top 5 Business)

1. डेयरी प्रोडक्ट्स बिजनेस
2. आइसक्रीम बिजनेस
3. चॉकलेट बनाने का बिजनेस
4. दूध संग्रहण केंद्र
5. चारा का बिजनेस

डेयरी प्रोडक्ट्स बिजनेस

दूध और उससे बनने वाली चीजों की मांग हमेशा बनी रहती है। हम सभी दूध, दही छाछ, घी, पनीर आदि का उपयोग खाने में और इससे तरह-तरह की चीजें बनाने में करते हैं। ऐसे में हम डेयरी प्रोडक्ट्स बनाकर इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं। पहले इसकी शुरुआत छोटे स्तर से की जा सकती है। इसके बाद इसे लार्ज स्केल पर खोला जा सकता है। डेयरी बिजनेस के लिए सरकार की ओर से भी लोन ओर सब्सिडी दी जाती है। नाबार्ड योजना सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प के तहत डेयरी खोलने के लिए लोन पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। इसमें सामान्य वर्ग को 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को 33 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। डेयरी खोलने सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प के लिए बैंक से 10 लाख रुपए तक का लोन आपको मिल सकता है। बता दें कि इसके लिए आपको प्रोजेक्ट बनाकर देना होता है उसी के आधार पर आपको लोन दिया जाता है।

आइसक्रीम बिजनेस

दूध से आईसक्रीम भी बनाई जाती है। आप आइसक्रीम पार्लर खोलकर भी काफी अच्छा पैसा बना सकते हैं। इस बिजनेस को भी छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक शुरू किया जा सकता है। आईसक्रीम में नए-नए फ्लेवर का इस्तेमाल करके इसकी कई प्रकार की वैरायटियां बनाई जाती है। गर्मियों में तो यह बिजनेस धडल्ले से चलता है। इसके लिए आपको इसका प्लांट लगाना होगा। इसके लिए आप एग्री बिजनेस या एग्री र्स्टाट अप स्कीम के तहत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस बिजनेस में लगी बड़ी-बड़ी कंपनियों के जरिये या आप खुद आर्गेनिक आइसक्रीम बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

चॉकलेट बिजनेस

दूध से बनी चॉकलेट सभी को पसंद आती है। बच्चों को तो चॉकलेट अच्छी लगती ही है आज युवा लोग भी चॉकलेट खाना काफी पसंद करते हैं। आज बाजार में कई तरह की चॉकलेट आती है। इस बिजनेस में बड़ी-बड़ी कंपनियां लगी हुई हैं। अमूल, कैडवरी जैसी कंपनियां इस बिजनेस में है। इसके अलावा लोकल स्तर पर भी कई छोटी-छोटी ब्रांड इस बिजनेस से काफी अच्छा पैसा कमा रहे हैं। आप इस बिजनेस की शुरुआत करके इससे अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आप चाहे तो खुद का ब्रांड बनाकर बेच सकते है या फिर रॉ चॉकलेट बनाकर भी बड़ी कंपनियों को बेच सकते हैं। इस बिजनेस में काफी अच्छी संभावनाएं हैं जो आपकी तरक्की द्वार खोल सकती है।

दूध संग्रहण केंद्र

दूध कलेक्शन बिजनेस यानि दूध संग्रहण केंद्र खोलकर भी आप इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं। आप आसपास के दूधियों से दूध खरीदकर इसे शुरू कर सकते हैं। इसके बाद इस दूध को बडी-बडी कंपनियों को सप्लाई करके आप इससे अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आज दूध मदर डेयरी, अमूल, सरस जैसी कंपनियां अपने दूध पाइंट और डेयरी पाइंट खोलने की सुविधा देती हैं। इसके अलावा आप इस खुद का भी दूध डेयरी या दूध पाइंट या सेंटर खोल कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐसी जगह दूध कलेक्टशन के लिए चुननी होगी जहां ग्राहक और किसान आसानी से पहुंच सकें। बता दें कि दूध कलेक्शन बिजनेस में आप कम दर पर दूध खरीदकर उसे मार्केट रेट पर बचकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

5. चारा का बिजनेस

पशुओं के लिए चारे की गंभीर समस्या बनी हुई है। गर्मियों में तो यह समस्या और ज्यादा हो जाती है। पशुओं को चारा नहीं मिल पाता जिसके कारण उनके दूध देने की क्षमता पर असर पड़ता है। पशुपालकों के लिए पशुओं के लिए चारे का प्रबंध करना काफी मुश्किल भरा होता जा रहा है। ऐसे आप चारे का बिजनेस करके इससे भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इसके लिए आप खेती करने लायक भूमि को लीज पर लेकर उसमें चारे वाली फसलें ढेंचा, जई, बरसीम, लोबिया, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि चारा देने वाली फसलों को उगाकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर , जॉन डियर ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

अगर आप नए ट्रैक्टर , पुराने ट्रैक्टर , कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।

चौतरफा संकट के बीच सेंसेक्स ने भू-राजनीतिक तनाव, मौद्रिक सख्ती का बखूबी किया सामना

नई दिल्लीः वर्ष 2022 में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ऊर्जा कीमतों में तेजी और दुनिया भर में केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियों से पैदा हुए दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों ने अन्य बाजारों की तुलना में इन संकटों का कहीं बेहतर ढंग से सामना किया। घरेलू निवेशकों के अटूट विश्वास ने दलाल स्ट्रीट को वैश्विक उठा-पटक से काफी हद तक अनछुआ रखा और भारतीय बाजार के मानक सूचकांक ने निराशाजनक संकेतों का सामना आत्मविश्वास से किया। साल के ज्यादातर समय तक रही सुस्ती के बाद त्योहारी सत्र में सेंसेक्स ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी और यह एक दिसंबर को अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 63,284.19 पर बंद हुआ था।

हालांकि, वर्ष के अंत में तेजी की उम्मीद उस समय धूमिल होने लगी, जब चीन में कोविड संक्रमण के मामले दोबारा बढ़ने के साथ वैश्विक महामारी की एक और लहर आने की आशंका गहराने लगी। सेंसेक्स सालाना आधार पर (25 दिसंबर तक) सिर्फ 1.12 प्रतिशत ऊपर है लेकिन अभी भी यह दुनिया का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बड़ा बाजार सूचकांक है। वास्तव में कोई भी प्रमुख वैश्विक सूचकांक इस साल बढ़त हासिल नहीं कर सका। इसमें डॉउ जोंस (2022 में अब तक 9.24 प्रतिशत नीचे), एफटीएसई 100 (0.43 प्रतिशत नीचे), निक्केई (10.47 प्रतिशत नीचे), हैंग सेंग (15.82 प्रतिशत नीचे) और शंघाई कंपोजिट सूचकांक (16.15 प्रतिशत नीचे) शामिल हैं। इसका काफी हद तक श्रेय घरेलू खुदरा और संस्थागत निवेशकों को जाता है, जिन्होंने नकारात्मक सुर्खियों के बावजूद बाजार पर भरोसा बनाए रखा और विदेशी फंडों द्वारा रिकॉर्ड बिकवाली के प्रभाव को खत्म कर दिया।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2022 में अब तक भारतीय इक्विटी बाजारों से रिकॉर्ड 1.21 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं। इसके विपरीत घरेलू निवेशकों ने हर गिरावट पर खरीदारी की। एनएसई में सूचीबद्ध फर्मों में 31 मार्च, 2022 को खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 7.42 प्रतिशत के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान एसआईपी योजनाओं के जरिए म्यूचुअल फंड निवेश भी बढ़ रहा है, जो नवंबर में (इक्विटी और ऋण खंड) 13,306 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू रहा है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख (खुदरा शोध) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ''जीएसटी संग्रह नवंबर में लगातार आठवें महीने 1.4 लाख करोड़ रुपए से ऊपर रहा, जबकि ई-वे बिल मार्च 2022 से सात करोड़ की संख्या से ऊपर बना हुआ है। जीडीपी और पीएमआई जैसे अन्य आर्थिक संकेतक भी महामारी के बाद बेहतर हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत के बेहतर प्रदर्शन के पीछे मजबूत कॉरपोरेट आय के साथ केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी का भी योगदान है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

बिलावल ने कहा- अफगानिस्तान से हमले रोकने के लिए पाकिस्तान को धन देना चाहता है अमेरिका

बिलावल ने कहा- अफगानिस्तान से हमले रोकने के लिए पाकिस्तान को धन देना चाहता है अमेरिका

इंदौर में फिर मिला कोरोना वायरस का पॉजिटिव मरीज, जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे सैंपल

इंदौर में फिर मिला कोरोना वायरस का पॉजिटिव मरीज, जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे सैंपल

सिद्धार्थनगर में हुआ भीषण सड़क हादसाः अनियंत्रित होकर एक बस पुलिया से गिरी नीचे, हादसे में 20 यात्री घायल

सिद्धार्थनगर में हुआ भीषण सड़क हादसाः अनियंत्रित होकर एक बस पुलिया से गिरी नीचे, हादसे में 20 यात्री घायल

हजारीबाग में ईसाई धर्म अपनाने वाले 16 लोगों की हुई घर वापसी, 10 दिन बाद दोबारा अपनाया हिंदू धर्म

हजारीबाग में ईसाई धर्म अपनाने वाले 16 लोगों की हुई घर वापसी, 10 दिन बाद दोबारा अपनाया हिंदू धर्म

VIDEO: 2024 के चुनाव में मोदी के रथ को रोकने की तेजस्वी की तैयारी, BJP की हार के लिए RJD विधायकों को करना होगा ये काम

Investment: निवेश शुरू करने से पहले जान लीजिए ये 5 बातें, कभी नहीं होगा नुकसान!

वर्तमान में ज्यादातर लोगों के लिए निवेश करना आसान हो गया है. (फोटो: न्यूज18)

आजकल निवेश करना सभी के लिए काफ़ी आसान हो गया है. ऐसे में निवेश शुरू करने से पहले आपको कुछ मूलभूत बातें जान लेना जरूरी है . अधिक पढ़ें

  • News18 हिंदी
  • Last Updated : December 24, 2022, 11:10 IST

हाइलाइट्स

इन्वेस्ट करने के लिए किसी भी ऑप्शन को चुनने से पहले उससे मिलने वाले रिटर्न को देखा जाता है.
इंडिविजुअल निवेशकों के लिए 50:30:20 के नियम से निवेश करना बेहतर माना जाता है.
आप निवेश के लिए जिस विकल्प को चुनते हैं उसकी लिक्विडिटी बहुत मायने रखती है.

नई दिल्ली. पिछले कुछ समय में निवेश को लेकर लोगों का दृष्टिकोण काफी बदला है. पहले जहां ये सिर्फ शहरों में रहने वाले कामकाजी पेशेवरों और इसकी समझ रखने वाले लोगों तक ही सीमित था. वहीं, वर्तमान में ज्यादातर लोगों के लिए यह आसान हो गया है. इसकी एक वजह एक बड़े तबके के पास स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट का उपलब्ध होना है.

अब आपके पास निवेश के हजारों ऑप्शंस मौजूद हैं जो खुद को एक-दूसरे से बढ़ाकर पेश करते हैं. ऐसे में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए किसी एक को चुनना भी समस्या बन गई है. हालांकि, इसमें लगभग सभी जगह मूल बातें एक जैसी रहती है लेकिन फिर भी कुछ ऐसे पॉइंट्स ऐसे हैं जिन्हें हमें ध्यान में रखने की जरूरत है. यहां हम ऐसे 5 बिंदुओं पर बात करेंगे.

निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?
भारत में पिछले 40 वर्षों की अवधि में कीमतें औसतन 7 फीसदी की दर से बढ़ी हैं. इसका मतलब यह है कि आप जहां कहीं भी इन्वेस्ट करें आपका रिटर्न 7 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए. इन्वेस्ट करने के लिए किसी भी ऑप्शन को चुनने से पहले उससे मिलने वाले रिटर्न को देखा जाता है. हमारे देश में ज्यादातर लोगों के लिए सरकारी बॉन्ड और एफडी यानी फिक्स्ड डिपॉजिट हमेशा से पसंदीदा विकल्प रहे हैं. इसका कारण यह है कि इन्हें काफ़ी सुरक्षित माना जाता है और रिटर्न भी निश्चित होता है. वहीं जिन लोगों को थोड़ा जोखिम उठाने में झिझक नहीं होती उनके लिए शेयर मार्केट भी अच्छा ऑप्शन है क्योंकि यही आपको ज्यादा रिटर्न दिला सकता है.

निवेश की अवधि
आप जब भी कहीं निवेश करते हैं तो उससे पहले ही लक्ष्य तय कर लेना चाहिए. लक्ष्य-आधारित योजना को व्यक्तिगत निवेश की आधारशिला माना जाता है. लंबी अवधि के लक्ष्य, विशेष रूप से यदि आप जल्दी शुरू कर रहे हैं, तो आप ऊपर की ओर बढ़ने के उद्देश्य से अधिक जोखिम लेने की अनुमति देते हैं. इसका मतलब है कि आपके पोर्टफोलियो में ऋण की तुलना में अधिक इक्विटी होगी. जब जोखिम भरे दांव की बात आती है तो मध्यम अवधि के लक्ष्य अधिक संतुलित हो सकते हैं. जबकि कम अवधि के लक्ष्यों के लिए जरूरी है कि आप सुरक्षित तरीके से निवेश करें.

निवेश पर लगने वाला टैक्स
एक निवेशक के रूप में टैक्स मैनेजमेंट एक बेहद जटिल मुद्दा है और यही कारण है कि जो लोग शौक से निवेश करते हैं उन्हें एक अनुभवी चार्टर्ड एकाउंटेंट के साथ काम करने की सलाह दी जाती है. वहीं कुछ लोग निवेश के लिए ऐसे विकल्पों की तलाश करते हैं जो टैक्स फ्री होते हैं. हालांकि ये आम तौर पर पेंशन योजनाओं, बीमा और सरकार द्वारा प्रायोजित बचत योजनाओं तक ही सीमित होते हैं. यदि आप म्युचुअल फंड और स्टॉक आदि में निवेश करते हैं तो आपके लिए यह समझना आसान होता है कि टैक्स के लिए कानून कैसे पहचान करता है और इससे टैक्स में फायदा उठा सकते हैं.


इंडिविजुअल निवेशकों के लिए 50:30:20 के नियम से निवेश करना बेहतर माना जाता है. इसका मतलब यह है कि आप अपनी आय का 50 फीसदी जरूरतों पर, 30 फीसदी इच्छाओं पर और 20 फीसदी निवेश पर खर्च करते हैं. यदि आप निवेश करने के लिए नए हैं तो आपके लिए उस अधिकतम राशि को कैप करना सबसे अच्छा होता है जिसे आप अपनी कुल आय के 20 फीसदी तक निवेश करना चाहते हैं. इससे बाजार में मंदी की स्थिति में आपकी पूरी बचत खत्म हो सकती है.

निवेश की लिक्विडिटी
हमेशा इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि हमें पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकती है. ऐसे में आप निवेश के लिए जिस विकल्प को चुनते हैं उसकी लिक्विडिटी बहुत मायने रखती है क्योंकि जरूरत पड़ने पर अगर काम नहीं आए तो उस पैसे का कोई मतलब नहीं रह जाता है. छोटी अवधि के निवेश आम तौर पर ज्यादा लचीले होते हैं और निवेश के लिए बेहतर विकल्प होते हैं. आवर्ती जमा यानी आरडी और लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड ऐसे कुछ उदाहरण हैं जहाँ पैसा लगभग तुरंत सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प निकाला जा सकता है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

अदाणी विल्मर लिस्टिंग के बाद साल का सबसे अच्छा काम करने वाला आईपीओ

शेयर बाजार 56 मिनट पहले (26 दिसम्बर 2022 ,00:45)

अदाणी विल्मर लिस्टिंग के बाद साल का सबसे अच्छा काम करने वाला आईपीओ

अदाणी विल्मर लिस्टिंग के बाद साल का सबसे अच्छा काम करने वाला आईपीओ

में स्थिति को सफलतापूर्वक जोड़ा गया:

में स्थिति को सफलतापूर्वक जोड़ा गया:

में स्थिति को सफलतापूर्वक जोड़ा गया:

नई दिल्ली, 26 दिसंबर (आईएएनएस)। अदाणी विल्मर लिस्टिंग के बाद 155 प्रतिशत से अधिक के रिटर्न के साथ वर्ष 2022 के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले आईपीओ के रूप में उभरा है।प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी में सूचीबद्ध अदानी (NS: APSE ) विल्मर ने लिस्टिंग के दिन 15.30 प्रतिशत का रिटर्न दिया और 21 दिसंबर के बाजार मूल्य पर 155.59 प्रतिशत का रिटर्न दिया। सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प वीनस पाइप्स ने 128.53 फीसदी का रिटर्न दिया, जबकि हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज ने लिस्टिंग के बाद 112.58 फीसदी का रिटर्न दिया, जबकि वेरांडा लनिर्ंग ने 93.80 फीसदी का रिटर्न दिया है।

सूचीबद्धता के बाद के नकारात्मक रिटर्न में एलआईसी ने 26 फीसदी, डेल्हीवेरी ने 31 फीसदी, आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी ने 26 फीसदी का नकारात्मक रिटर्न दिया। लिस्टिंग के दिन के प्रदर्शन के संबंध में, डीसीएक्स सिस्टम्स ने 49.18 प्रतिशत का उच्चतम रिटर्न दिया, इसके बाद हर्षा इंजीनियर्स ने 47.24 प्रतिशत, हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज ने लिस्टिंग के दिन 46.86 प्रतिशत रिटर्न दिया।

प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा कि सभी आईपीओ जो जरूरी सब्सक्रिप्शन हासिल करने में सफल रहे हैं। यहां तक कि अगर किसी आईपीओ को 1 बार सब्सक्राइब किया जाता है, तो यह दर्शाता है कि उस कीमत पर आईपीओ की पर्याप्त मांग थी। हल्दिया ने कहा कि आईपीओ के सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प बाद, वह किसी सूचीबद्ध कंपनी की तरह हैं और उनका प्रदर्शन अर्थव्यवस्था, क्षेत्र और कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

बे कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर केयूर मजमूदार ने कहा कि पिछले साल की तुलना में, 2022 में आईपीओ के उत्साह को सही तरीके से संतुलित किया गया है। वर्ष की शुरुआत में निर्धारित कई आईपीओ को बड़े परिदृश्य और भू-राजनीतिक कारकों के कारण वर्ष में और आगे धकेल दिया गया। चुनौतियों के बावजूद निवेशकों ने उचित मूल्य वाले आईपीओ को देखना जारी रखा और वर्ष के मध्य से कुछ आईपीओ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली। कुछ प्रकार के व्यवसायों के लिए निवेशकों की मांग, इंटरनेट-आधारित और डिजिटल-पहले व्यवसायों के लिए काफी हद तक संतुलित थी।

मोतीलाल ओसवाल ब्रोकिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन के अनुसार, भारत ने वर्ष 2022 में वैश्विक बाजारों को पीछे छोड़ दिया, यह कई वैश्विक विपरीत परिस्थितियों के प्रति लचीला रहा : उच्च मुद्रास्फीति, बढ़ती ब्याज दरें, मुद्रा में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और एफआईआई की बिक्री का प्रभाव।

इस लचीलेपन का नेतृत्व कई संरचनात्मक टेलविंड्स ने किया है, जिसने भारत को विश्व मानचित्र पर एक उज्‍जवल स्थान पर रखा है। रोलर-कोस्टर सवारी के बावजूद, निफ्टी ने वर्ष के लिए 7 प्रतिशत (12 दिसंबर तक) की वृद्धि की, जबकि अधिकांश वैश्विक सूचकांकों में 10-20 प्रतिशत की गिरावट आई थी। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी लचीला बना रहा और 7 फीसदी वाईटीडी बढ़ा। हालांकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स को माइनस 11 फीसदी की गिरावट के साथ बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।

भारत रेगिस्तान में नखलिस्तान की तरह खड़ा है, जहां बाकी दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। घरेलू प्रवाह भी मजबूत बना हुआ है और अब एफआईआई खरीदार बन गए हैं। निफ्टी अब 20 एक्स के 1 साल के आगे पी/ई पर कारोबार कर रहा है, जो हमारे विचार में उचित लगता है। कैलेंडर वर्ष 23 में मंदी की आशंका, भू-राजनीतिक जोखिम और चीन में बढ़ते कोविड मामलों जैसे वैश्विक कारक इक्विटी बाजारों को अस्थिर रख सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई के साथ 2023 में यूएस फेड की नीतिगत कार्रवाइयां महत्वपूर्ण होंगी जहां कोई भी मॉडरेशन बाजारों को प्रोत्साहित कर सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया, हम उम्मीद करते हैं कि कैलेंडर वर्ष 23 में दो थीम होंगी। क्रेडिट ग्रोथ और कैपेक्स और इस तरह बीएफएसआई, कैपिटल गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट, हाउसिंग, डिफेंस, रेलवे जैसे सेक्टर फोकस में हो सकते हैं। अनमोल दास, अनुसंधान प्रमुख, तेजी मंडी ने कहा कि 2022 को उन निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ पिछले साल की कीमतों की तुलना में 60-65 प्रतिशत से अधिक पीएसयू बैंकिंग सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प स्पेस रैली के पुनरुद्धार के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है जो बड़े बैंकों की पिछली रैली में पिछड़ गए थे।

हालांकि स्टील और धातुओं की गिरती कीमतों ने धातु क्षेत्र से पिछले वर्ष की चमक को छीन लिया, लेकिन आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों के साथ-साथ कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि को दोषी ठहराते हुए उत्पाद की कीमतों में कई दौर की बढ़ोतरी के बाद धातु सूचकांकों में डाउनस्ट्रीम कंपनियों ने इसे और आगे बढ़ाया। सेमीकंडक्टर उपलब्धता के मुद्दों के अलावा महामारी के वर्षो में मांग में कमी के कारण ऑटो सेक्टर के बीच चुनिंदा अच्छे रिटर्न मिले, जबकि कोविड के लिए सभी प्रतिबंधों के खुलने से खपत की मात्रा में वृद्धि हुई और एफएमसीजी कंपनियों को अंतिम राहत मिली।

जॉर्ज थॉमस, फंड मैनेजर- इक्विटी, क्वांटम एएमसी ने कहा कि 2022 एक घटनापूर्ण वर्ष था जब वैश्विक अर्थव्यवस्था ने आसान धन प्रवाह (मात्रात्मक सहजता) की कमी देखी। दुनिया भर में मुद्रास्फीति ने बहु-दशकीय उच्चस्तर का परीक्षण किया, जिससे वैश्विक केंद्रीय बैंकों को ब्याज दर में बढ़ोतरी के लिए मजबूर होना पड़ा। नतीजतन, यूएस फेडरल रिजर्व ने बेंचमार्क दर को 15 वर्षो में अपने उच्चतम स्तर पर बढ़ा दिया।

टाटा ग्रुप स्टॉक : टाटा का यह शेयर ₹291 से टूटकर ₹82 पर आया, Tata Group Stock कम कीमत में शेयर खरीदने का बेहतरीन अवसर

टाटा ग्रुप स्टॉक : टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड यानी टीटीएमएल (TTML) के शेयर मैं Tata Group सबसे अच्छा शेयर मार्केट एप्प का यह Stock पिछले काफी समय से गिरावट नजर आ रही थी परंतु आज शुक्रवार को भी 52 फ़ीसदी से 82.90 रुपये पर पहुंच गए। इंट्रा डे ट्रेडिंग में यह शेयर 5% की गिरावट के साथ लोअर सर्किशट में पहुंच गया था ।

Tata Group Stock नए व पुरानी इन्वेस्टर इस शेयर में बड़ी रकम लगाने की ताक ढूंढ रहे हैं कभी छप्परफाड रिटर्न देने वाला यह शेयर इस समय अपने 52- फीसदी हाई से लगभग 73% तक टूट चुका है। टाटा ग्रुप का यह शेयर 11 जनवरी 2022 को अपने 52 फ़ीसदी हाई 291रुपये पर पहुंच गया था। Tata Group ऐसे में वर्तमान शेयर प्राइस से यह 72% तक टूट गया।

वर्तमान समय में स्टॉकहोल्डर्स ऐसे ही स्टॉक्स पर नजर बनाए रखते हैं जो कि पहले बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहे थे परंतु अभी किसी कारण बस नीचे गिर चुके हैं या उनका मूल्य कम हो चुका है Tata Group Stock; मे ऐसे समय में बहुत सारे जानकारों का यह भी मानना है कि इस पर इन्वेस्टमेंट करने से आने वाले न्यू ईयर तक है दोगुना से ज्यादा का फायदा हो सकता है।

Share price of TTML (शेयर का प्राइस) : 82.95 INR 25 दिसंबर

52 हफ्तों में सबसे ज्यादा : 290 INR5

2 हफ्तों का सबसे कम : 82 INR

टाटा ग्रुप स्टॉक: टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड के लिए आने वाला नया साल हो सकता है बेहतर

प्रतिष्ठित जानकारों की मानें तो आने वाला साल 2023 टाटा ग्रुप सपोर्ट के लिए बेहतर हो सकता है जिस वर्ष टाटा ग्रुप अपने एक नए हाई टारगेट के साथ में भी आ सकता है।

TTML शेयर प्राइस हिस्ट्री

जिसका दाम आज 25 दिसंबर को 82.95 रुपय है और पिछले 52 हफ्तों में ही उसका सबसे ज्यादा प्राइस ₹290 तक गया था जो कि अभी सबसे नीचे है टीटीएमएल शेयर का अभी का प्राइस पिछले 3 सालों में सबसे कम बताया जा रहा है जो कि 30 नवंबर को ₹102 था और आज 25 दिसंबर को ₹82 रह गया है।

नए साल पर हो सकता है बड़ा धमाका शेयर का प्राइस डबल से भी ज्यादा होने की संभावना हजारों नई व पुरानी स्टॉकहोल्डर्स की नजर है स्टॉप पर।

टीटीएमएल के शेयर इस साल लगातार नुकसान में हैं। कंपनी के शेयर इस साल |Y_T_D में लगभग 61.71% टूट गया है। जोकि स्टॉकहोल्डर्स के लिए बुरी खबर है इस दौरान यह शेयर 216 रुपये से गिरकर वर्तमान शेयर प्राइस तक अ गया है। सालभर में लगभग Tata Group Stock का यह शेयर 48.73% गिरा है। बता दे कि यह एक लार्ज कैप कंपनी है जो पिछले 1 साल से घाटे में जा रही है और इसका मार्केट कैप 16 हजार करोड़ रुपये रह गया है।

Tata Group Stock TTML: कंपनी का क्या है कारोबार

टीटीएमएल, Tata Group की सर्वश्रेष्ठ कंपनी है। यह कंपनी अपने सेगमेंट में मार्केट लीडर है। जिसके आगे पीछे कोई कंपटीशन तक का नहीं कंपनी वॉइस, डेटा सर्विसेज देती है। कंपनी के ग्राहकों की लिस्ट में कई बड़े और विख्यात नाम है। तथा TTML मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने इसी साल स्मार्ट इंटरनेट बेस्ड सर्विस कंपनियों के लिए शुरू की है। और शुरुआती दिनों में ही कंपनी ‌इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था।

Some Important Questions About Tata Group Stock TTML

Answer. अगर आप इसके LOW को देखते हुए इसको खरीदने का सोच रहे हैं तो यह एक बेस्ट चांस भी हो सकता है परंतु ऐसा भी हो सकता है कि Tata Group Stock: TTML अभी और नीचे गिरे।

रेटिंग: 4.30
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 615