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SGX Nifty

A >> SGX is one of the leading stock exchanges in Asia, movement on which somehow reflects in other stock indices in the continent.
SGX Nifty is Singapore Stock Exchange Nifty, which implies the Indian CNX Nifty traded in Singapore exchange.
It is a very popular derivative product of Singapore Exchange as it allows foreign investors to take a position in Indian Market.
In Singapore Exchange, Indian stocks cannot be traded but it allows future products like SGX Nifty Futures.
Thus, it is the derivative product of Singapore Exchange facilitating futures trading of underlying NSE Nifty index. It allows FII’s and other individuals to invest in Nifty Futures.

A >> Since trading is done for NSE Index, Singapore Nifty is settled on the basis of the closing price of NSE Index price (S&P CNX Nifty). Trading Timings – There are two types of Contracts in SGX with different settlement periods –
1- E – SGX QUEST (T) Settlement same day, Timings- Mon-Fri – 9:00 am – 6:15 pm (6:30 am – 3:45 pm IST)
2- E* – SGX QUEST (T+1) Settlement next day, Timings- Mon-Fri – 7:15 pm – 1:00 am (4:45 pm – 10:30 pm IST)
These two contracts have different trading timings which enable traders all over the world to trade in SGX even if the market is closed. FII’s invest in Indian future contracts through SGX Nifty and India is 2.5 hours behind Singapore. SGX opens at 9:00 AM in Singapore i.e. 6:30 AM as per IST (Indian Standard Time).

A >> By tracking Singapore Nifty, we can predict the initial direction of Indian Stock market.
Singapore market opens around 2 hours before Indian market and directly relates to NSE market.
It moves with respect to the Indian Nifty and hence can be used as a tool to predict the Indian market providing initial direction to the Indian market.
Moreover, both India and Singapore fall in the same continent, which co-related both the markets and one most often decides the sentiments of the other market.
This also makes it easy for Indian advisory and financial institutions to give trading recommendations on Nifty before opening.

A >> Very first thing in the morning any Indian trader does is getting news on SGX Nifty Live on Singapore stock exchange, which trades before opening of Indian market . At what level SGX Nifty Live is trading will gives an indication of what will be the probable RSI संकेतक क्या है trend in Indian stock market when they will open for trading.
The second thing would be listening on TV to technical analysts views on Nifty intraday and checking with financial advisors over a phone or through online or by way of SMS alerts.
This whole thing sums up how crucial Nifty movement is for Indian markets. Technical analysis is perhaps the only logical way to find RSI संकेतक क्या है an answer to which direction Nifty will be moving in current market situation.

A >> Trading in the Indian stock market is no longer a complicated task; thanks to the online phenomenon and IT conveniences. Both the NSE and BSE, the main index of the Indian market, have adopted the latest technology for smooth operations, also facilitating investors to trade online. At one time BSE and NSE trading was not all investors’ cup of tea. Physical presence, lots of paperwork, lack of live market news, Live SGX Nifty News etc. attracted few investors. With the online trend incorporated, BSE and NSE trading became an effortless affair.
The NSE and BSE market have already been attracting foreign investors. It is not only foreign investors but also domestic investors who can look forward towards seeing their money multiply from many NSE and BSE stock. Before you put in your money, do conduct a market research and stay updated with market news so that whatever stock you choose no matter whether it is NSE or BSE stock, turns out to be lucrative for you.
With brokerage portals providing solutions to investors online, more and more investors are attracted towards BSE and NSE trading. All you need to do is get registered at the platform and start availing services. Choose only a reputed brokerage solutions provider, one that offers solutions beyond brokerage.

सात समंदर पार से आई एक खबर और भारत में सस्ता हुआ सोना, चांदी में 1400 रुपये की गिरावट

Gold Rate Today: विदेशी बाजारों में जहां सोना एक फीसदी और चांदी की कीमत में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई है. वहीं भारत में सोने की कीमत में 400 रुपये से ज्यादा और चांदी में 1400 रुपये से भी ज्यादा की गिरावट आ गई है.

सात समंदर पार से आई एक खबर और भारत में सस्ता हुआ सोना, चांदी में 1400 रुपये की गिरावट

Gold And Silver Rate : अमेरिका के सेंट्रल बैंक ने बुधवार को अपनी पॉलिसी रेट में 50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया और आने वाले साल के लिए संकेत दिया कि ब्याज दरों में इजाफा होगा. साल 2023 में 1.25 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. जिसकी वजह से डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में तेजी आई है.

जिसका असर दुनियाभर के सोना-चांदी बाजारों देखने को मिल रहा है. विदेशी बाजारों में जहां सोना (Gold Rate Today) एक फीसदी और चांदी की कीमत में (Silver Rate Today) 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई है. वहीं भारत में सोने की कीमत में 400 रुपये से ज्यादा और चांदी में 1400 रुपये से भी ज्यादा की गिरावट आ गई है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सोना और चांदी के दाम क्या हो गए हैं.

विदेशी बाजारों में सोना और चांदी के दाम में गिरावट

  1. अमेरिका के कॉमेक्स मार्केट में गोल्ड फ्यूचर के दाम में 18 डॉलर प्रति ओंस की गिरावट है और दाम 1801 डॉलर प्रति ओंस पर आ गए हैं.
  2. कॉमेक्स पर गोल्ड स्पॉट के दाम 16 डॉलर प्रति ओंस की गिरावट के साथ 1792 डॉलर प्रति ओंस पर कारोबार कर रहा है.
  3. कामेक्स पर सिल्वर फ्यूचर की कीमत में 3.25 फीसदी की गिरावट के साथ 23.35 डॉलर प्रति ओंस पर कारोबार कर रही है.
  4. कॉमेक्स पर सिल्वर स्पॉट की कीमत में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है और दाम 23.35 डॉलर प्रति ओंस पर कारोबार कर रही है.
  5. यूरोप के बाजारों में गोल्ड स्पॉट के दाम 9.60 यूरो की गिरावट है और दाम 1682.27 यूरो प्रति ओंस हो गए हैं.
  6. यूरोप के बारों में चांदी की कीमत 2.72 फीसदी की गिरावट के साथ 21.80 यूरो प्रति ओंस पर कारोबार कर रही है.
  7. ब्रिटिश बाजारों में सोने की कीमत में 7.47 पाउंड प्रति ओंस की गिरावट देखने को मिल रहा है जिसके बाद दाम 1447 पाउंड प्रति ओंस पर कारोबार कर रहा है.
  8. ब्रिटिश मार्केट में चांदी की कीमत में ढाई फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है और दाम 18.74 पाउंड प्रति ओंस पर है.

भारत के वायदा बाजार में सोना और चांदी में बड़ी गिरावट

  1. भारत के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह 11 बजे सोना 424 रुपये प्रति दस ग्राम की गिरावट है और दाम 54,250 रुपये हो गए हैं.
  2. आज सोना 54,481 रुपये प्रति दस ग्राम पर ओपन हुआ हुआ था और कारोबार सत्री के दौरान 54,228 रुपये के लोअर लेवल पर पहुंचा. एक दिन पहले RSI संकेतक क्या है सोने की कीमत 54,674 रुपये प्रति दस ग्राम पर था.
  3. दूसरी ओर चांदी की कीमत में भी आज बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है.
  4. आज चांदी के दाम में 1400 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है.
  5. जिसकी वजह से चांदी की कीमत 67,899 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबारी कर रही है.
  6. वैसे आज चांदी की कीमत 68,210 रुपये प्रति किलोग्राम पर पर ओपन हुई थी.
  7. चांदी की कीमत आज 67,700 रुपये प्रति किलोग्राम के साथ लोअर लेवल पर भी गई.

डॉलर इंडेक्स में तेजी के कारण सोने में गिरावट

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केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि साल के अंत में डॉलर की डिमांड ज्यादा देखने को मिलती है और दूसरी ओर बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपियन सेंट्रल बैंकों की ​ओर से ब्याज दरों में इजाफा देखने को मिल सकता है, जिसकी वजह से डॉलर इंडेक्स को और ज्यादा सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे सकता है. मौजूदा समय में डॉलर इंडेक्स 104 पर है, जिसके 105 से ज्यादा होने के आसार दिखाई दे रहा है. यही वजह सोने और चांदी की कीमत में गिरावट दिखाई दे रही है.

टर्नकी परियोजना (Turnkey project)

टर्नकी परियोजना (Turnkey project) एक कंस्ट्रक्शन डिलीवरी पद्धति है जिसमें एक सिंगल यूनिट यानी एक ठेकेदार परियोजना के मालिक के साथ एक ही कॉन्ट्रैक्ट करता है और इसी सिंगल कॉन्ट्रैक्ट के तहत परियोजना के सभी चरणों को पूरा करता है जिसमें इंजीनियरिंग डिज़ाइन से लेकर निर्माण तक शामिल है।

वास्तव में टर्न-की परियोजना शब्द एक ऐसी परियोजना का वर्णन करता है जिसमें आपूर्तिकर्ता या प्रोवाइडर परियोजना पूरी करके ग्राहक को तैयार अवस्था में देने के लिए जिम्मेदार होता है और ग्राहक उसका उपयोग करने की स्थिति में होता है। उदाहरण के लिए, एक हाउसिंग प्रोजेक्ट, जो आपको पूरी तैयार अवस्था में प्राप्त होता है।

नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NMDC) ने 15 दिसंबर को हैदराबाद स्थित अपने मुख्यालय पर टर्नकी परियोजना (Turnkey Works) के लिए स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट जारी किया।

NMDC की कई महत्वाकांक्षी और ज्यादा पूंजी वाली परियोजनाएं आनी हैं। इस स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट से कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन, क्रियान्वयन और निगरानी में ज्यादा दक्षता सुनिश्चित होगी।

प्रेमचंद

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गोदान भारत के ग्रामीण समाज तथा उसकी समस्याओं का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत करती है.

‘गोदान’ प्रेमचंद की सर्वोत्तम कृति है, जिसमें उन्होंने ग्राम और शहर की दो कथाओं का यथार्थ रूप और संतुलित सम्मिश्रण प्रस्तुत किया है।

‘गोदान’ होरी की कहानी है। उस होरी की जो जीवन भर मेहनत करता है, अनेक कष्ट सहता है, केवल इसलिए कि उसकी मर्यादा की रक्षा हो सके और इसलिए वह दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास भी करता है किन्तु उसे इसका फल नहीं मिलता फिर भी अपनी मर्यादा नहीं बचा पाता। अंततः वह तप-तप के अपने जीवन को ही होम कर देता है। यह केवल होरी की ही नहीं, अपितु उस काल के हर भारतीय किसान की आत्मकथा है। इसके साथ ही जुड़ी है शहर की प्रासंगिक कहानी। दोनों कथाओं का संगठन इतनी कुशलता से हुआ है कि उसमें प्रवाह आद्योपांत बना रहता है। प्रेमचंद की कलम की यही विशेषता है।

होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी देकर अपनी स्त्री धनिया से कहा–गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ। ज़रा मेरी लाठी दे दे।

धनिया के दोनों हाथ गोबर से भरे थे। उपले पाथकर आयी थी। बोली–अरे, कुछ रस-पानी तो कर लो। ऐसी जल्दी क्या है।

होरी ने अपने झुरिर्यों से भरे हुए माथे को सिकोड़कर कहा–तुझे रस-पानी की पड़ी है, मुझे यह चिन्ता है कि अबेर हो गयी तो मालिक से भेंट न होगी। असनान-पूजा करने लगेंगे, तो घंटों बैठे बीत जायगा।

‘इसी से तो कहती हूँ, कुछ जलपान कर लो। और आज न जाओगे तो कौन हरज होगा! अभी तो परसों गये थे।’

‘तू जो बात नहीं समझती, उसमें टाँग क्यों अड़ाती है भाई! मेरी लाठी दे दे और अपना काम देख। यह इसी मिलते-जुलते रहने का परसाद है कि अब तक जान बची हुई है। नहीं कहीं पता न लगता कि किधर गये। गाँव में इतने आदमी तो हैं, किस पर बेदखली नहीं आयी, किस पर कुड़की नहीं आयी। जब दूसरे के पाँवों-तले अपनी गर्दन दबी हुई है, तो उन पाँवों को सहलाने में ही कुशल है।’

धनिया इतनी व्यवहार-कुशल न थी। उसका विचार था कि हमने जमींदार के खेत जोते हैं, तो वह अपना लगान ही तो लेगा। उसकी खुशामद क्यों करें, उसके तलवे क्यों सहलाएँ। यद्यपि अपने विवाहित जीवन के इन बीस बरसों में उसे अच्छी तरह अनुभव हो गया था कि चाहे कितनी ही कतर-ब्योंत करो, कितना ही पेट-तन काटो, चाहे एक-एक कौड़ी को दाँत से पकड़ो; मगर लगान बेबाक होना मुश्किल है। फिर भी वह हार न मानती थी, और इस विषय पर स्त्री-पुरुष में आये दिन संग्राम छिड़ा रहता था। उसकी छः सन्तानों में अब केवल तीन जिन्दा हैं, एक लड़का गोबर कोई सोलह साल का, और दो लड़कियाँ सोना और रूपा, बारह और आठ साल की। तीन लड़के बचपन ही में मर गये। उसका मन आज भी कहता था, अगर उनकी दवादारू होती तो वे बच जाते; पर वह एक धेले की दवा भी न मँगवा सकी थी। उसकी ही उम्र अभी क्या थी। छत्तीसवाँ ही साल तो था; पर सारे बाल पक गये थे, चेहरे पर झुर्रियाँ पड़ गयी थीं। सारी देह ढल गयी थी, वह सुन्दर गेहुआँ रंग सँवला गया था और आँखों से भी कम सूझने लगा था। पेट की चिन्ता ही के कारण तो। कभी तो जीवन का सुख न मिला। इस चिरस्थायी जीर्णावस्था ने उसके आत्म-सम्मान को उदासीनता का रूप दे दिया था। जिस गृहस्थी में पेट की रोटियाँ भी न मिलें, उसके लिए इतनी खुशामद क्यों? इस परिस्थिति से उसका मन बराबर विद्रोह किया करता था। और दो चार घुड़कियाँ खा लेने पर ही उसे यथार्थ का ज्ञान होता था।

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