26 अक्टूबर को बंद रहेंगे शेयर बाजार
शेयर बाजार 26 अक्टूबर को बलिप्रतिपदा (Diwali Balipratipada) के अवसर पर बंद रहेंगे.

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सेबी ने गेहूं सहित 7 कमोडिटीज़ के वायदा कारोबार पर लगाया प्रतिबंध, जानिए आप पर क्या होगा असर

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: December 20, 2021 13:14 IST

सेबी ने गेहूं सहित 7. - India TV Hindi

Photo:PTI

सेबी ने गेहूं सहित 7 कमोडिटीज़ के वायदा में ट्रेडिंग वायदा कारोबार पर लगाया प्रतिबंध, जानिए आप पर क्या होगा असर

Highlights

  • गेहूं, कच्चे पाम तेल, मूंग में नए डेरिवेटिव अनुबंध शुरू नहीं करने का निर्देश
  • एग्री कमोडिटी के वायदा कॉन्ट्रैक्ट में कारोबार को एक साल के लिए निलंबित
  • सरकार वायदा में ट्रेडिंग चाहती है कि दलहन और तिलहन की कीमतें काबू में रहें

नयी दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को शेयर बाजारों को अगले आदेश वायदा में ट्रेडिंग तक गेहूं, कच्चे पाम तेल, मूंग और कुछ अन्य जिंसों में नए डेरिवेटिव अनुबंध शुरू नहीं करने का निर्देश दिया। इसके साथ सरकार की कोशिश महंगाई पर काबू पाने की है। वित्त मंत्रालय ने कुछ एग्री कमोडिटी के वायदा कॉन्ट्रैक्ट में कारोबार को एक साल के लिए निलंबित कर दिया है।

एक विज्ञप्ति के अनुसार ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। धान (गैर-बासमती), गेहूं, सोयाबीन, कच्चे पाम तेल और मूंग के लिए नए अनुबंधों की शुरूआत पर नियामक ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सूची में चना, और सरसों के बीज और इसके डेरिवेटिव भी शामिल हैं। इन जिंसों में डेरिवेटिव अनुबंधों को इस साल की शुरुआत में निलंबित कर दिया गया था। सेबी के आदेश के तहत पहले से चल रहे अनुबंधों के संबंध में कोई भी नया सौदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और केवल सौदे को पूरा करने की अनुमति होगी। बयान के मुताबिक ये निर्देश एक साल के लिए लागू होंगे।

किन जिंसों के वायदा पर प्रतिबंध

सरकार ने 7 एग्री कमोडिटी के वायदा पर रोक लगाई है। इसके तहत सोयाबीन और इसके डेरिवेटिव प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध, मूंग, चना, क्रूड पाम तेल सरसों, धान (गैर-बासमती), गेहूं पर 1 साल तक रोक, 20 दिसंबर से नई पोजीशन लेने पर रोक लगी है। निवेशकों के पास मौजूदा सौदे को सिर्फ खत्म करने की इजाजत है। अगले आदेश तक फ्यूचर्स-ऑप्शंस के नए कॉन्टैक्ट लॉन्च नहीं होंगे।

महंगाई के आंकड़ सरकार को परेशान करने वाले हैं। सरकार चाहती है कि दलहन और तिलहन की कीमतें काबू में रहें। इसके चलते सरकार ने यह कदम उठाया है। इनकी कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने इन कमोडिटीज के वायदा कारोबार पर रोक लगाई है। सरकार के इस फैसले से वायदा बाजार का संतुलन कमजोर होगा।

Muhurat Trading: दिवाली पर शेयर बाजारों में एक घंटे वायदा में ट्रेडिंग वायदा में ट्रेडिंग के लिए होगा मुहूर्त ट्रेडिंग, निवेशक मानते हैं इसे शुभ

दलाल स्ट्रीट स्थित बीएसई बिल्डिंग (फोटो क्रेडिट-Wikimedia Commons)

  • पीटीआई
  • Last Updated : October 22, 2022, 08:35 IST

हाइलाइट्स

दिवाली का त्योहार शेयर बाजार और निवेशकों के लिए बेहद खास रहता है.
शेयर बाजार में दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा काफी पुरानी है.
दिवाली पर निवेश को बेहद शुभ माना जाता है.

नई दिल्ली. हिंदू संवत वर्ष 2079 की शुरुआत के पहले दिन दीपावली पर सोमवार को प्रमुख शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में एक घंटे का विशेष कारोबारी सेशन ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ (Muhurat Trading 2022) होगा. शेयर बाजारों में दिवाली के दिन भले ही छुट्टी रहती है, लेकिन इस दिन बाजार एक घंटे के लिए खुलता है.

दोनों शेयर बाजारों ने अलग-अलग सर्कुलर में बताया कि यह सांकेतिक कारोबारी सेशन शाम को 6:15 बजे से 7:15 बजे के बीच होगा. ऐसी मान्यता है कि ‘मुहूर्त’ के दौरान लेन-देन करना शुभ होता है और यह वित्तीय समृद्धि लाता है. मुहुर्त ट्रेडिंग के दौरान शेयर के अलावा जिंस वायदा, मुद्रा वायदा, शेयर वायदा एवं विकल्प जैसे क्षेत्रों में भी कारोबार होगा.

विस्तार

खाद्य महंगाई के बढ़ते दबाव से वायदा में ट्रेडिंग निपटने के लिए सरकार ने वायदा कारोबार पर रोक लगा दी है। बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को बताया कि पाम, मूंग, गेहू सहित पांच कमोडिटी के वायदा कारोबार को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 2003 में इन खाद्य उत्पादों में वायदा कारोबार शुरू किए जाने के बाद पहली बार इस पर रोक लगाई है।

इसका मकसद खुदरा बाजार में खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों पर काबू पाना है। आदेश के तहत धान (गैर बासमती), गेहूं, सोयाबीन और इसके डेरिवेटिव, कच्चे पाम तेल व मूंग का वायदा कारोबार एक साल तक प्रतिबंधित रहेगा। नए फैसले के बाद वायदा कारोबार से बाहर रहने वाले कुल नौ उत्पाद हो जाएंगे।

साल की शुरुआत में भी सरकार ने चना और सरसों के बीच में वायदा कारोबार पर रोक लगा दी थी। फैसले के बाद नेशनल कमोडिटी डेरिवेटिव एक्सचेंज ने कहा कि अगले आदेश तक इन जिंसों में कोई भी नया अनुबंध जारी नहीं किया जाएगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी कारोबार प्रतिबंधित रहेगा।

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