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Dhruva Capital Services Ltd (DHRU)

ध्रुव कैपिटल सर्विसेज शेयर (DHRU शेयर) (ISIN: INE972E01014) के बारे में। आप इस पृष्ठ के अनुभागों में से किसी एक में जा कर अप कैपिटल क्या हैं? ऐतिहासिक डेटा, चार्ट्स, तकनीकी विश्लेषण तथा अन्य के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ध्रुव कैपिटल सर्विसेज कंपनी प्रोफाइल

ध्रुव कैपिटल सर्विसेज कंपनी प्रोफाइल

  • प्रकार : इक्विटी
  • बाज़ार : भारत
  • आईसआईन : INE972E01014
  • एस/न : DHRUVCA

Dhruva Capital Services Ltd. operates as a non-banking financial company in India. It offers financial services. The company was incorporated in 1994 and is based in Udaipur, India.

आय विवरण

तकनीकी सारांश

ट्रेंडिंग शेयर

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DHRU टिप्पणियाँ

जोखिम प्रकटीकरण: वित्तीय उपकरण एवं/या क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग में आपके निवेश की राशि के कुछ, या सभी को खोने का जोखिम शामिल है, और सभी निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। क्रिप्टो करेंसी की कीमत काफी अस्थिर होती है एवं वित्तीय, नियामक या राजनैतिक घटनाओं जैसे बाहरी कारकों से प्रभावित हो सकती है। मार्जिन पर ट्रेडिंग से वित्तीय जोखिम में वृद्धि होती है।
वित्तीय उपकरण या क्रिप्टो करेंसी में ट्रेड करने का निर्णय लेने से पहले आपको वित्तीय बाज़ारों में ट्रेडिंग से जुड़े जोखिमों एवं खर्चों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, आपको अपने निवेश लक्ष्यों, अनुभव के स्तर एवं जोखिम के परिमाण पर सावधानी से विचार करना चाहिए, एवं जहां आवश्यकता हो वहाँ पेशेवर सलाह लेनी चाहिए।
फ्यूज़न मीडिया आपको याद दिलाना चाहता है कि इस वेबसाइट में मौजूद डेटा पूर्ण रूप से रियल टाइम एवं सटीक नहीं है। वेबसाइट पर मौजूद डेटा और मूल्य पूर्ण रूप से किसी बाज़ार या एक्सचेंज द्वारा नहीं दिए गए हैं, बल्कि बाज़ार निर्माताओं द्वारा भी दिए गए हो सकते हैं, एवं अतः कीमतों का सटीक ना होना एवं किसी भी बाज़ार में असल कीमत से भिन्न होने का अर्थ है अप कैपिटल क्या हैं? कि कीमतें परिचायक हैं एवं ट्रेडिंग उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। फ्यूज़न मीडिया एवं इस वेबसाइट में दिए गए डेटा का कोई भी प्रदाता आपकी ट्रेडिंग के फलस्वरूप हुए नुकसान या हानि, अथवा इस वेबसाइट में दी गयी जानकारी पर आपके विश्वास के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।
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अब पहले से ज्यादा कंपनियों को मिलेगी नियमों में राहत, सरकार ने बदली छोटी कंपनियों की परिभाषा

सरकार ने छोटी कंपनियों की परिभाषा को बदल कर सीमाओं को बढ़ा दिया है. इससे अब कई और कंपनियां भी छोटी कंपनियों की सीमा में आ सकेंगे. इससे उन्हें कई तरह के नियमों में राहत मिलेगी और काम करने में आसानी होगी.

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अब पहले से ज्यादा कंपनियों को मिलेगी नियमों में राहत, सरकार ने बदली छोटी कंपनियों की परिभाषा

सरकार ने आज छोटी कंपनियों के लिए के लिए पेड-अप कैपिटल और कारोबार सीमा में संशोधन किया है और सीमाएं बढ़ा दी हैं. जिससे अब और कंपनियां इसके दायरे में आ सकेंगी और उनका अनुपालन बोझ कम हो जाएगा. छोटी कंपनियों को कई नियमों में छूट मिलती है. नई सीमा के बाद कई और कंपनियों को इस छूट का लाभ मिलेगा. सरकार काफी समय से कारोबारी सुगमता पर जोर बढ़ा रही है. परिभाषा में बदलाव इसी दिशा में उठाया गया कदम है.

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कारोबार करने में सुगमता को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटी कंपनियों की परिभाषा में फिर से बदलाव किया है. कुछ नियमों में संशोधन करते हुए छोटी कंपनियों के लिए पेड-अप कैपिटल की सीम को मौजूदा 2 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ कर दिया है.

यानि ऐसी कंपनियां जिनका पेड अप कैपिटल 4 करोड़ से कम है उन्हें छोटी कंपनी माना जाएगा. इसके साथ ही कारोबार की सीमा को 20 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये कर दिया है. यानि अब टर्नओवर के 40 करोड़ से कम होने पर नियमों में छूट मिलेगी. नई परिभाषा आने से अब अधिक संख्या में कंपनियां छोटी कंपनी की श्रेणी में आ जाएंगी.

मंत्रालय के मुताबिक छोटी कंपनियों को वित्तीय लेखा-जोखा के अंग के रूप में नकदी प्रवाह का लेखा-जोखा तैयार करने की जरूरत नहीं होती है. उन्हें लेखा परीक्षक के अनिवार्य रोटेशन की जरूरत भी नहीं होती है.विज्ञप्ति के मुताबिक छोटी कंपनी के लेखा-परीक्षक के लिए जरूरी नहीं रहा कि वह आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों के औचित्य पर रिपोर्ट तथा अपनी रिपोर्ट में वित्तीय नियंत्रण की संचालन क्षमता प्रस्तुत करे. इसके अलावा इस श्रेणी की कंपनियों के निदेशक मंडल की बैठक वर्ष में केवल दो बार की जा सकती है.

छोटी कंपनी श्रेणी की इकाइयों को मिलने वाले अन्य लाभ यह अप कैपिटल क्या हैं? हैं कि कंपनी के वार्षिक रिटर्न पर कंपनी सेक्रेटरी हस्ताक्षर कर सकता है या कंपनी सेक्रेटरी के न होने पर कंपनी का निदेशक हस्ताक्षर कर सकता है. इसके अलावा छोटी कंपनियों के लिए जुर्माना राशि भी कम होती है. हाल के समय में सरकार ने व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं। इनमें कंपनी अधिनियम, 2013 और सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के विभिन्न प्रावधानों को अपराध के वर्ग से निकालना शामिल हैं.

स्टार्टअप इंडिया - एक स्टार्टअप क्रांति की शुरुआत

मुख्य पृष्ठ

स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जिससे देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों।

स्टार्टअप एक इकाई है, जो भारत में पांच साल से अधिक से पंजीकृत नहीं है और जिसका सालाना कारोबार किसी भी वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है। यह एक इकाई है जो प्रौद्योगिकी या बौद्धिक सम्पदा से प्रेरित नये उत्पादों या सेवाओं के नवाचार, विकास, प्रविस्तारण या व्यवसायीकरण की दिशा अप कैपिटल क्या हैं? में काम करती है।

सरकार द्वारा इस संबंध में घोषित कार्य योजना स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के सभी अप कैपिटल क्या हैं? पहलुओं को संबोधित करने और इस आंदोलन के प्रसार में तेजी लाने की उम्मीद करती है।

Today Profitable Shares: शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद आज ये 3 स्टॉक कर रहे मालामाल

Stocks of the Day: जहां दिग्गज कंपनियों के स्टॉक अपने निवेशकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं द ग्रोब टी कंपनी, मुथुट कैपिटल और कीनोट फाइनेंशियल जैसे स्टॉक आज अपने निवेशकों को मालामाल कर रहे हैं।

Today Profitable Shares: शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद आज ये 3 स्टॉक कर रहे मालामाल

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में गिरावट नजर आ रही है। जहां दिग्गज कंपनियों के स्टॉक अपने निवेशकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं द ग्रोब टी कंपनी, मुथुट कैपिटल और कीनोट फाइनेंशियल जैसे स्टॉक आज अपने निवेशकों को मालामाल कर रहे हैं। इन तीनों स्टॉक में 20 फीसद का अपर सर्किट लगा है।

The Grob Tea Company के शेयर आज 850 रुपये पर खुलकर 1055.55 रुपये पर पहुंच गए है। अभी इस स्टॉक में 20 फीसद का अपर सर्किट लगा है। पिछले एक महीने में इस शेयर ने 7.82 फीसद ही चढ़ा है। तीन महीने से इसकी चाल सुस्त थी, लेकिन आज इसमें 20 फीसद का उछाल आया है।

इसी तरह Muthoot Capital Services में भी आज करीब 20 का उछाल आया है। एनएसई पर 19.98 फीसद की बढ़त के साथ इस शेयर में अपर सर्किट लगा है। पिछले एक हफ्ते में ही यह स्टॉक 28 फीसद से अधिक रिटर्न दे चुका है। हालांकि पिछले एक साल में इसने 35 अप कैपिटल क्या हैं? फीसद से अधिक निगेटिव रिटर्न दिया है। इसका 52 हफ्ते का हाई 421.45 रुपये और लो 143.80 रुपये है।


20 फीसद तक उछलने वाले शेयरों में एक नाम Keynote Financial Services का भी है। आज इसकी चाल थोड़ी सी जिगजैग होने के बावजूद इसमें खरीदारी हो रही है। पिछले एक साल में इसने 67 फीसद से अधिक का रिटर्न दिया है। वहीं 3 महीने में करीब 20 फीसद और आज यानी कारोबार शुरू होने के कुछ घंटों के अंदर ही इसने 19.97 फीसद का रिटर्न देकर अपने निवेशकों को मुस्कुराने का मौका दे दिया है। इसका 52 हफ्ते का हाई 160.65 और लो 72 रुपये है।

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

Annapurna Swadisht IPO: शंकर शर्मा के निवेश वाली कंपनी का IPO 15 सितंबर को खुलेगा, इश्यू प्राइस 68-70 रुपए तय

Moneycontrol लोगो

Moneycontrol 13-09-2022 Moneycontrol Hindi

© Moneycontrol द्वारा प्रदत्त Annapurna Swadisht IPO: शंकर शर्मा के निवेश वाली कंपनी का IPO 15 सितंबर को खुलेगा, इश्यू प्राइस 68-70 रुपए तय Annapurna Swadisht IPO: कोलकाता की FMCG कंपनी अन्नपूर्णा स्वादिष्ट (Annapurna Swadisht) का इश्यू प्राइश 68-70 रुपए तय हो अप कैपिटल क्या हैं? गया है। कंपनी का इश्यू NSE Emerge पर बुक बिल्डिंग रूट से खुलेगा। कंपनी का इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 15 सितंबर को खुलेगा और 19 सितंबर को बंद होगा। IPO में कंपनी 43.22 लाख इक्विटी शेयर जारी करेगी। Annapurna Swadisht ने एक बयान जारी करके बताया, "इसमें कम से कम 2000 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। अलॉटमेंट के बाद Annapurna Swadisht के शेयर अप कैपिटल क्या हैं? NSE Emerge पर लिस्ट होगी। कंपनी के पोस्ट इश्यू पेडअप कैपिटल का 26.32% शेयर बेचने की तैयारी है।" इस इश्यू के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी कॉरपोरेट कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज को दी गई है। इश्यू जारी होने के बाद Annapurna Swadisht का पेड-अप कैपिटल 12.10 करोड़ रुपए से बढ़कर 16.42 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा। शंकर शर्मा का है निवेश जाने-माने दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा (Shankar Sharma) ने भी कंपनी में निवेश किया है। Annapurna Swadisht के Pre-IPO राउंड में पैसा लगाया है। शंकर शर्मा कंपनी के बोर्ड में भी शामिल हैं। इसके अलावा अमित भरतिया, GMO Singapore Pte का भी निवेश है। इसके अलावा बड़े संस्थागत निवेशक NAV Capital Emerging Star Fund और Rajasthan Global Securities ने भी प्री-आईपीओ राउंड में निवेश किया है।

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