Delhi Auto and Cab strike

Delhi: CNG की बढ़ती कीमतों के खिलाफ हड़ताल पर ऑटो चालक, यूनियन ने की सब्सिडी की मांग

ऑटो यूनियन ने मांगे नहीं पूरी होने पर 18 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है

देश भर में पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। इस बीच दिल्ली में ऑटो चालकों ने बढ़ती CNG की कीमतों को लेकर आज हड़ताल पर चले हड़ताल की कीमत गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ऑटो, कैब और टैक्सी चालकों के यूनियन ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान में प्रदर्शन किया। इसके साथ ही यूनियन ने 11 अप्रैल को दिल्ली सचिवालय में धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वहीं ऑटो, कैब और टैक्सी चालकों ने हड़ताल की कीमत 18 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल (indefinite strike) पर जाने की चेतावनी दी है।

सर्वोदय ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन (Sarvodaya Drivers Welfare Association) के रवि राठोर (Ravi Rathor) ने दावा किया है कि उनके यूनियन में दिल्ली-NCR में 4 लाख सदस्य हैं। जबकि दिल्ली में एक लाख ऑटो चालक हैं। राठोर कहा कि अगर सरकार ने CNG की कीमतों में कटौती नहीं की या फिर किराए में इजाफा नहीं किया तो उनका यूनियन अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चला जाएगा।

हमने सरकार को बनाया, सरकार हमें नहीं देख रही

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राठोर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम CNG के दाम में कटौती करने की मांग कर रहे हैं। अगर कीमतों में कटौती नहीं होती है, तो इससे निपटने के लिए किराए में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। पिछले 7-8 सालों से ओला और उबर (Ola and Uber) के किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है। एक ऑटो चालक ने कहा, महंगाई से परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार हम गरीबों की नहीं सुनती है। सवारी से अगर हम 10 रूपए ज्यादा मांग लें तो सवारी ऑटो से उतर जाती है। हमने सरकार को बनाया लेकिन वे हमें नहीं देख रहे हैं।

दिल्ली: ऑटो चालक CNG की कीमत में बढ़ोतरी के ख़िलाफ हड़ताल कर रहे हैं।

ऑटो चालक ने कहा, "महंगाई से परेशानी झेलनी पड़ रही है।सरकार हम ग़रीबों की नहीं सुनती है, सवारी से अगर हम 10 रूपए ज़्यादा मांग ले तो सवारी ऑटो से उतर जाती है, हमने सरकार को बनाया लेकिन वे हमें नहीं देख रहे हैं।" pic.twitter.com/em2RPIaPXi — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 8, 2022

CNG पर सब्सिडी की मांग

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ (Delhi Auto Rickshaw Sangh) के राजेंद्र सोनी (Rajendra हड़ताल की कीमत Soni) ने कहा कि CNG की कीमतों में इजाफा जारी है। ऐसे में टैक्सी, कैब और ऑटो चालकों के लिए जीना मुहाल हो गया है। सोनी ने आगे कहा कि हमने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को पत्र लिखा है। जिसमें CNG पर 35 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी की मांग की है। सोनी ने भी कहा कि है मांग पूरी नहीं होने पर 18 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बता दें कि पिछले 6 दिनों से CNG की कीमतों में इजाफा जारी है।

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First Published: Apr 08, 2022 1:29 PM

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ट्रक हड़ताल : कीमतों में तेजी के साथ हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित

ट्रक हड़ताल : कीमतों में तेजी के साथ हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित

इसकी वजह से कीमतें तो बढ़ी ही हैं, साथ ही रोजाना करीब हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हो गया है। इस हड़ताल का फायदा बाजार के जमाखोर भी उठाने लगे हैं और चीजों की अघोषित शॉर्टेज पैदा कर उत्पादों की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से जुड़े तथा छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के ट्रांसपोर्ट चेम्बर अध्यक्ष हरचरण सिंह साहनी का कहना है कि मांगों पर ध्यान देते हुए ट्रकों की हड़ताल रोकी नहीं गई तो आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई और हावी होगी।

सब्जियां होने लगीं महंगी

ट्रकों की हड़ताल का असर अब सब्जियों पर दिखने लगा है। लोकल आवक तो वैसे ही बंद है। सब्जियों के लिए इन दिनों बाहरी आवक पर ही निर्भरता हो गई है, ऐसे में आवक प्रभावित होने से सब्जियों की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं। सबसे ज्यादा असर टमाटर, बैंगन, गोभी पर पड़ा है।

टमाटर इन दिनों 37 रुपये किलो, बैंगन 25 रुपये किलो, गोभी 40 रुपये किलो पार हो गई है। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि बारिश के चलते सब्जियों की आवक पहले ही कमजोर हो रही थी। ट्रकों की हड़ताल ने उसमें और आग लगा दी है। आलू-प्याज की आवक भी प्रभावित हो गई है तथा उच्च क्वालिटी वाली प्याज की तो आवक ही बंद हो गई है।

चावल-दाल पर कुछ दिनों में पड़ेगा असर

इन दिनों ट्रकों की हड़ताल की वजह से अनाज बाजार में चावल-दाल की आवक भी थम गई है। कारोबारियों का कहना है कि अभी डिमांड की कमी की वजह से इनकी कीमतों में स्थिरता है लेकिन आने वाले दिनों में कीमतों में निश्चित रूप से तेजी आ जाएगी। पिछले दिनों समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने से दालों की कीमतें महंगी हुई हैं।

ट्रांसपोर्टरों ने डीजल की कीमत नहीं घटाने पर हड़ताल की चेतावनी दी

ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस में 95 लाख ट्रक ड्राइवर शामिल हैं

truck strike

प्रमुख मांगों में डीजल की कीमतों में तत्काल कमी और इसमें एकरूपता, ई-वे बिल व जीएसटी से संबंधित मुद्दों का समाधान और वाहनों को कबाड़ करने की नीति को अमल में लाने से पहले ट्रांसपोर्टरों के साथ चर्चा शामिल है. संगठन ने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो वे देश भर में परिचालन बंद करने को बाध्य होंगे.

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Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली में ऑटो और टैक्सी की हड़ताल खत्म, लेकिन साथ में दी ये चेतावनी

दिल्ली में 90,000 से ज्यादा ऑटो और 80,000 से अधिक रजिस्टर्ड टैक्सियां हैं. ऑटो किराए को आखिरी बार 2019 में संशोधित किया गया था, जब प्रति किलोमीटर फेयर ₹8 से बढ़ाकर ₹9.5 कर दिया गया था.

Delhi Auto and Cab strike

Delhi Auto and Cab strike

gnttv.com

  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2022,
  • (Updated 19 अप्रैल 2022, 5:20 PM IST)

सरकार ने दिया था कीमतों पर विचार करने का आश्वासन

आखिरी बार 2019 में संशोधित किया गया था ऑटो किराया

दिल्ली में ऑटो और टैक्सी की हड़ताल खत्म हो गई है. भारतीय मजदूर संघ की यूनिट दिल्ली ऑटो एंड टैक्सी एसोसिएशन ने मंगलवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली है. लेकिन इसके साथ उन्होंने कुछ चुनौतियां भी दी हैं. उन्होंने कहा है कि अगर सरकार मांगों को नहीं मानती है तो 20-25 दिन बाद फिर से इसे शुरू किया जाएगा.

इसे लेकर राजधानी परिवहन पंचायत के प्रेजिडेंट इंद्रजीत सिंह ने कहा, “हमने हड़ताल वापस ले ली है ताकि जनता को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े. अगर केंद्र सरकार हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो 20-25 दिनों के बाद दिल्ली में दूध, पानी की आपूर्ति नहीं होने के लिए तैयार रहें.”

सरकार ने दिया था कीमतों पर विचार करने का आश्वासन

दिल्ली में 90,000 से ज्यादा ऑटो और 80,000 से अधिक रजिस्टर्ड टैक्सियां हैं. इसी के कारण कई सारे यात्रियों को सोमवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

दरअसल, ऑटो और कैब ड्राइवरों की कई यूनियनें किराए में हुई बढ़ोतरी और फ्यूल की कीमतों को कम करने की मांग कर रही हैं. हालांकि, दिल्ली सरकार ने समयबद्ध तरीके से किराया संशोधन पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की थी. लेकिन समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ. जिसके बाद टैक्सी और ऑटो ड्राइवर्स को हड़ताल करनी पड़ी.

2 दिन की थी हड़ताल

गौरतलब है हड़ताल की कीमत कि ऑटो एंड टैक्सी एसोसिएशन ऑफ दिल्ली ने 18 और 19 अप्रैल को दिल्ली में हड़ताल की घोषणा की थी. इन दो दिनों में बड़ी संख्या में ऑटो और कैब दिल्ली की सड़कों पर नहीं उतरे. सभी ड्राइवर्स का आरोप है कि केंद्र और दिल्ली सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है. इसके लिए उन्होंने 30 मार्च को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनकी मांगों पर प्रकाश डाला था, जिसमें सीएनजी की कीमतों पर सब्सिडी को शामिल किया गया था. ऑटो और टैक्सी ड्राइवर्स की मांग है कि सरकार सीएनजी की कीमतों पर 35 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी प्रदान करे.

आखिरी बार 2019 में संशोधित किया गया था ऑटो किराया

बता दें, ऑटो किराए को आखिरी बार 2019 में संशोधित किया गया था, जब प्रति किलोमीटर फेयर ₹8 से बढ़ाकर ₹9.5 कर दिया गया था. हालांकि, दिल्ली में सीएनजी की कीमतें पिछले हफ्ते ₹2.5 प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹71.61 प्रति किलोग्राम हो गईं, पिछले एक साल में कीमत 60 हड़ताल की कीमत प्रतिशत या ₹28 प्रति किलोग्राम से ज्यादा बढ़ गई है.

Delhi Auto Union Strike: CNG की बढ़ी कीमतों का विरोध, आज दिल्ली ऑटो-कैब यूनियन की हड़ताल

Delhi News: हाल के कुछ हफ्तों में सीएनजी की कीमतों (CNG Price) में इजाफा होने के कारण मुसीबत का सामना कर रहे ऑटो और कैब ड्राइवरों ने दिल्ली में आज हड़ताल का आह्वान किया है।

Bishwajeet Kumar

Delhi Cab Union strike

दिल्ली में आज ऑटो यूनियन की हड़ताल (प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार : सोशल मीडिया)

Delhi Auto Union Ki Hadtal : देशभर में महंगाई के कारण हर दिन यातायात महंगा होता जा रहा है जिससे आम आदमी के जेब पर बोझ और बढ़ रहा है। बढ़ते ईंधन के दामों के कारण ऑटो, टैक्सी ड्राइवरों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुए सीएनजी (CNG Price) और पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में इजाफे के विरोध में मिनी बस, ऑटो और टैक्सी ड्राइवर के अलग-अलग संघों (Delhi Auto Union) ने दिल्ली-एनसीआर में सोमवार यानी आज हड़ताल करने का फैसला किया है। जिसके कारण दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय लोगों को यातायात में भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बढ़ी कीमतों के विरोध में हड़ताल

दिल्ली एनसीआर में मिनी बस, ऑटो और कैप ड्राइवरों के यूनियन ने आज एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं कुछ कैब एसोसिएशन ने आज से अनिश्चित काल तक के लिए हड़ताल का ऐलान किया है। ऑटो और टैक्सी यूनियन के लोगों का आरोप है कि हमने सरकार से किराया में संशोधन करने या ईंधन की कीमतों में कमी लाने की मांग की थी मगर कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद हम आज हड़ताल करेंगे।

मामले पर सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा कि "ईंधन की कीमतों में कमी और किराए में संशोधन करके हमारी मदद करने के लिए सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया जिसके कारण हम सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने जा रहे हैं।"

किराए में संशोधन के लिए दिल्ली सरकार ने बनाया समिति

दिल्ली के सभी ऑटो रिक्शा यूनियन और कैब यूनियन द्वारा लगातार हड़ताल की कीमत पेट्रोल डीजल और सीएनजी की कीमतों में कमी लाने के लिए तथा किरायों पर संशोधन के लिए दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से हड़ताल की कीमत मांग की जा रही थी। इस पर दिल्ली सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि हम समय बद्ध तरीके से किराया संशोधन करने के लिए एक समिति बना रहे हैं जो जल्द ही किराए से जुड़ा बदलाव बताएगी। बता दें सैकड़ों ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों ने हाल ही में दिल्ली सचिवालय में सीएनजी कीमतों पर सब्सिडी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

ऑटो रिक्शा संघ की ओर से हड़ताल की कीमत सब्सिडी की मांग

इस मामले को लेकर दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा 'दिल्ली में सीएनजी की दरों में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण ऑटो चालकों पर भारी असर रहा है। इसके साथ ही सीएनजी की दरों में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कैब चालकों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है।' उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि दिल्ली सरकार कुछ समिति बना रही है लेकिन हड़ताल की कीमत हमें अपनी समस्याओं के समाधान की जरूरत है जो नजर नहीं आ रही है। हम मांग कर रहे हैं कि सरकार (केंद्र और दिल्ली) सीएनजी की कीमतों पर 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी मुहैया कराए।' सोनी ने आगे कहा 'हम हर दिन घाटे में चल रहे अपने ऑटो और कैब नहीं चला सकते क्योंकि सीएनजी की कीमतें सरपट दौड़ रही हैं। मूल्य वृद्धि का विरोध करने के लिए यह एक प्रतीकात्मक विरोध है।'

मिनी बस के यूनियन की भी हड़ताल

राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमतों के विरोध में ऑटो और कैब ड्राइवरों के अलावा मिनी बस यूनियन के ड्राइवरों ने भी हड़ताल का ऐलान कर दिया। इस मामले पर एसटीए ऑपरेटर्स एकता मंच के महासचिव श्यामलाल गोला ने कहा कि "किराए में संशोधन और सीएनजी की कीमतों को कम करने की मांगों के समर्थन में लगभग 10,000 की संख्या वाली आरटीवी बसें भी बंद रहेंगी।"

लोगों की बढ़ेगी मुसीबत

राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के पूरक 90,000 से अधिक ऑटो और 80,000 से अधिक पंजीकृत टैक्सियाँ हैं। वहीं दिल्ली में सीएनजी से चलने वाली मिनी बसों की संख्या भी करीब 10,000 है। ऐसे में आज उनके हड़ताल पर जाने के कारण दिल्ली में आम जन को आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता। ऑटो रिक्शा और पैर ड्राइवरों की हड़ताल को देखते हुए गुरुग्राम यातायात पुलिस ने सभी भारी वाहनों को सोहना रोड के बजाय किसी अन्य वैकल्पिक मार्ग से जाने का अनुरोध किया है क्योंकि सोहना रोड पर बन रहे सोहना टोल प्लाजा के विरोध में घमरोज (हरियाणा) व आसपास के गांवों के निवासियों द्वारा धरने से यातायात भी बाधित होने की संभावना है।

कई शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार

बीते 22 मार्च से 6 अप्रैल के बीच तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल डीजल की कीमत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई लगभग 2 हफ्ते की अवधि में 10 रुपये प्रति लीटर से भी अधिक का इजाफा पेट्रोल डीजल की कीमतों में हुआ। ईंधन की कीमतों में दो दशक के रिकॉर्ड को देखें तो यह पहला मौका है जब महज 2 हफ्ते में पेट्रोल डीजल की कीमतों में इस स्तर की बढ़ोतरी हुई हो वही हाल ही में 6 सप्ताह के भीतर सीएनजी की कीमतों में सीएनजी की कीमत 15.6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ोतरी हुई है। अगर इस महीने के आंकड़े को देखें तो इस महीने 7.50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।

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