गिरावट की क्या रही वजह
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के पीछे एक मुख्य वजह फॉरेन करेंसी एक्सचेंज पर कमाई विदेशी मुद्रा एसेट्स (FCA) में आना रहा, जो 30 सितंबर को समाप्त हुए हफ्ते में 472.81 अरब डॉलर रहा है. इसके पिछले हफ्ते में FCA 477.21 अरब डॉलर रहा था. इसके अलावा गोल्ड एसेट्स 30 सितंबर को समाप्त हुए हफ्ते में घटकर 37.61 अरब डॉलर रहा, जो इसके पिछले हफ्ते 37.89 अरब डॉलर रहा है.

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कौन-कौन से देशों की करेंसी शामिल है?

हम सभी ने लगभग वो फिल्में देखी होगी जिसमें राजा-महाराजा किसी इमरजेंसी से निपटने के लिए धन, सोना, चांदी, आदि को तहखानों या फिर किसी सीक्रेट रूम में रखते थे. ठीक उसी प्रकार से केंद्र सरकारें विदेशी मुद्रा भंडार रखती हैं. विदेशी मुद्रा भंडार का मतलब वह संपत्ति है जो किसी भी देश के पास विदेशी मुद्रा में उपलब्ध होती है. इसमें विदेशी मुद्रा संपत्ति (Foreign Currency Assets), गोल्ड रिजर्व, स्पेशल ड्राइंग राइट्स (SDR), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), आदि शामिल है. भारत में विदेशी मुद्रा भंडार की देखरेख रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया करता है. आरबीआई ऐसी प्रॉपर्टीज का एक बफर रखता है, जिससे वह संकट के समय अर्थव्यवस्था एक्सचेंज पर कमाई विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए करता है. अब नाम में ही विदेशी करेंसी है तो जाहिर से बात है कि एक्सचेंज पर कमाई विदेशी मुद्रा भंडार उसी की वैल्यू के हिसाब से होता होगा, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि भारत किस-किस देश की करेंसी में संपत्ति होल्ड करता है?

Foreign Exchange: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 20.4 करोड़ एक्सचेंज पर कमाई विदेशी मुद्रा डॉलर बढ़कर 532.868 अरब डॉलर रहा

By: ABP Live | Updated at : 14 Oct 2022 07:47 PM (IST)

विदेशी मुद्रा भंडार

Foreign Exchange Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट देखी जा रही थी. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आंकड़े के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) 10 वें सप्ताह में पहली बार अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 20.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 532.868 अरब डॉलर पर पंहुच गया. आपको बता दे कि सुरक्षित सोने के भंडार का मूल्य बढ़ने से विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है. इसके पिछले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 4.854 अरब डॉलर घटकर 532.664 अरब डॉलर पर आ गया था. मालूम हो कि पिछले साल अक्टूबर 2021 में देश का विदेश मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर था.

Dollar Vs Rupee: देश के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार, चिंता करने की जरूरत नहींः आर्थिक मामलों के सचिव

India TV Paisa Desk

Edited By: India TV Paisa Desk
Published on: September 27, 2022 18:01 IST

Dollar Vs Rupee- India TV Hindi

Photo:FILE Dollar Vs Rupee

Highlights

  • मंगलवार को रुपया कुछ सुधरकर 81.58 पर बंद हुआ
  • विदेशी मुद्रा भंडार 16 सितंबर को कम होकर 545.65 अरब डॉलर पर आ गया
  • मार्च, 2022 में यह 607.31 अरब डॉलर था

Dollar Vs Rupee: आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा भंडार में कमी को लेकर चिंता को खारिज करते हुए कहा कि इसे जरूरत से अधिक तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति से पार पाने के लिये देश के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है। उल्लेखनीय है कि विदेशी मुद्रा भंडार लगातार सातवें एक्सचेंज पर कमाई विदेशी मुद्रा सप्ताह घटा है और यह 16 सितंबर को समाप्त सप्ताह में कम होकर 545.65 अरब डॉलर पर आ गया, जबकि मार्च, 2022 में यह 607.31 अरब डॉलर था।

वैश्विक कारण से टूटा रुपया

मुद्रा भंडार में कमी का एक प्रमुख कारण वैश्विक गतिविधियों की वजह से रुपये की विनिमय दर में गिरावट को थामने के लिये रिजर्व बैंक की तरफ से किया गया डॉलर का उपयोग है। सेठ ने कहा, ‘‘विदेशी मुद्रा भंडार में कमी का कारण विदेशी मुद्रा प्रवाह में कमी और व्यापार घाटा बढ़ना है। मुझे नहीं लगता कि यह कोई चिंता वाली बात है। भारत के पास मौजूदा स्थिति से निपटने के लिये विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार है।’’ डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 81.67 के अबतक के सबसे निचले स्तर पर आ गया था। हालांकि, मंगलवार को यह कुछ सुधरकर 81.58 पर बंद हुआ।

भारत के बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से अमेरिका चिंतित, रखेगा नजर

भारत के बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से अमेरिका चिंतित, रखेगा नजर

यूएस ट्रेजरी के इस फैसले का भारत पर सिर्फ इतना असर पड़ेगा कि दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार से संबधित होने वाली बातचीत में अमेरिका इस मसले पर चर्चा कर सकता है. यूएस ट्रेजरी ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर जारी रिपोर्ट में कहा है कि वह भारत के फॉरेन एक्सचेंज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी नीतियों पर करीबी नजर बनाए रखेगा.

2017 के पहले छह महीने में भारत के विदेशी मुद्रा खरीदने की रफ्तार में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. यह जून तिमाही में बढ़कर करीब 42 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब एक्सचेंज पर कमाई विदेशी मुद्रा 1.8 फीसदी है. यूएस ट्रेजरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के साथ व्यापार में भारत का पलड़ा भारी है.

फॉरेन ट्रैवल के लिए विदेशी मुद्रा खरीदने का क्‍या तरीका है?

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कितनी करेंसी खरीद सकते हैं आप?
आरबीआई ने विदेशी करेंसी की खरीद को लेकर सीमा तय कर रखी है. नोटों और सिक्कों के रूप में विदेशी मुद्रा की खरीद पर प्रति विजिट 3,000 डॉलर की ऊपरी सीमा है. फॉरेक्‍स कार्ड के रूप में अधिकतम 10,000 डॉलर के बराबर खरीद की जा सकती है. किसी भारतीय नागरिक के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत इसकी कुल सीमा 2,50,000 डॉलर प्रति वित्तीय वर्ष है.

कैसे करना पड़ता है आवदेन?
विदेशी मुद्रा के लिए बैंकों में एक अलग फॉर्म हो सकता है. आरबीआई ने इसके लिए फॉर्म ए2 और एलआरएस डेक्‍लेरेशन को निर्धारित किया है. इन्‍हें आवेदन के समय भरकर जमा करने की जरूरत होती है.

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