सिग्नल लाइन की गणना एक्सएनयूएमएक्स अवधियों से की जाती है

Delhi MCD News: मेयर चुनाव से पहले AAP का बड़ा दांव, इन 14 विधायकों को MCD के लिए किया मनोनीत

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम में मेयर का चुनाव होने से पहले एक बड़ा सियासी दांव खेला है। विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल एमसीडी में मनोनीत करने के लिए आम आदमी पार्टी के 14 विधायकों की सूची जारी की है।

Delhi MCD News: आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) जीत हासिल करने के बाद और मेयर का चुनाव (Mayor Election) होने से पहले एक बड़ा सियासी दांव खेला है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल (Ram Niwas Goyal) ने दिल्ली नगर निगम में मनोनीत करने के लिए आम आदमी पार्टी के 14 विधायकों की सूची जारी कर दी है। इसको लेकर शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर जानकारी दी गई है। आप के इस कदम से माना जा रहा है कि आप मेयर चुनाव में किसी भी तरह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष ने मेयर चुनाव से पहले आप विधायकों को मनोनीत करने का फैसला किया है। ताकि भाजपा तकनीकी प्रावधानों का लाभ किसी भी तरह से नहीं उठा पाए।

इन विधायकों को किया MCD के लिए मनोनीत

आम आदमी पार्टी ने मेयर चुनाव से पहले अपने 14 विधायकों को एमसीडी के लिए मनोनीत किया है। आप ने कालकाजी से विधायक आतिशी, अखिलेश पति त्रिपाठी, दिनेश मोहनिया, दुर्गेश कुमार पाठक, गुलाब सिंह, जरनैल सिंह, राजकुमारी ढिल्लों, राजेश गुप्ता, प्रमिला टोकस, ऋतुराज गोविंद, संजीव झा, विनय मिश्रा, अनिल कुमार और मोहिंदर गोयल को एससीडी के लिए मनोनीत किया है।

मेयर के लिए शैली ओबेरॉय को बनाया उम्मीदवार

इससे पहले शुक्रवार को ही आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम में मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया था। आप ने शैली ओबरॉय का नाम मेयर पद के लिए तय किया है। इसके साथ ही आले मोहम्मद इकबाल डिप्टी मेयर के उम्मीदवार होंगे। वहीं आम आदमी पार्टी ने स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर के लिए आमिल मलिक, रविंद्र कौर, मोहिनी जीनवाल और सारिका चौधरी का नाम तय किया है।

6 जनवरी को होगा मेयर पद का चुनाव

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को हुई पीएसी की बैठक में अपने मेयर पद के उम्मीदवार पर चर्चा कर मुहर लगाई थी। जिसके बाद पार्टी ने शुक्रवार को नामों का ऐलान किया था। बता दें कि दिल्ली नगर निगम के मेयर पद के लिए 6 जनवरी 2023 को मतदान होगा। मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 दिसंबर 2022 है।

MCD चुनाव से पहले जानिये- क्या है MCD और इसके काम

देश की राजधानी दिल्ली में 23 अप्रैल यानी कि कल एमसीडी चुनाव होने हैं जिसके लिए सभी पार्टियां जोर शोर से जनता को लुभाने के प्रयास कर चुकी हैं। दिल्ली में इस बार मुख्य तौर से दो नहीं बल्कि त्रिकोणीय मुकाबला है जिसमें बीजेपी, कांग्रेस, AAP मुख्य पार्टियां हैं।

MCD क्या है और इसमें कितने वार्ड हैं आईये आपको बताते हैं-

MCD का मतलब है म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली यानी कि दिल्ली नगर निगम हालांकि राजधानी दिल्ली में 3 नगर निगम हैं जो इस प्रकार हैं-

  1. नई दिल्ली म्‍युनिसिपल काउंसिल
  2. म्‍युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD)
  3. दिल्ली एमएसीडी क्या है? कैंटोनमेंट बोर्ड

इनमें से एमसीडी के चुनाव हो रहे हैं जो 23 अप्रैल यानी की कल हैं। बताते चलें कि साल 2012 में एमसीडी को तीन एमएसीडी क्या है? हिस्सों में बांट दिया गया-

  1. नॉर्थ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन- NDMC (104 वॉर्ड)
  2. साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन- SDMC (104 वॉर्ड)
  3. ईस्ट दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन- EDMC (64 वॉर्ड)

कुल मिलाकर एमसीडी में 272 वॉर्ड हैं, जिन पर कल चुनाव होने हैं। दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 68 एमसीडी में आते हैं। जिला स्तर पर बात करें तो 11 जिलों में से 8 जिले एमसीडी के अंदर आते हैं। एमसीडी के अंदर दिल्ली की 1 करोड़ से ज्यादा आबादी आती है। इस लिहाज से एमसीडी दुनिया की दूसरे नंबर की नगर निगम मानी जाती है।

Delhi MCD Election 2022: एमसीडी चुनाव में क्या है प्रमुख मुद्दा | किसका पलड़ा है भारी

नई दिल्ली (14 नवंबर 2022): राजधानी दिल्ली में MCD चुनाव की घोषणा हो चुकी है, नामांकन जारी है। ऐसे में सियासी पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां एकतरफ दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी आम आदमी पार्टी के तमाम नेता दिल्ली मॉडल की बात कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं , और कूड़े के पहाड़ को लेकर BJP पर निशाना साधने में जुटे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ BJP शासित MCD के नेताओं द्वारा नई शराब नीति, भ्रष्टाचार और जेल में बंद आम आदमी पार्टी के मंत्री सत्येंद्र जैन को मुद्दा बनाकर आम आदमी पार्टी को घेरने में जुटे हैं।

अब सवाल यह है कि आखिर इन दावों -वादों, आरोप-प्रत्यारोप के बीच दिल्ली की जनता के हित में MCD चुनाव के दरमियान मुख्य मुद्दे क्या होंगे? आखिर जनता किन मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान करेगी। दिल्ली में मुख्य मुद्दे क्या हैं? और अबतक MCD का किसका पलड़ा भारी है? इस बात की पड़ताल के लिए टेन न्यूज नेटवर्क के दिल्ली संवाददाता रंजन अभिषेक ने राजधानी में अलग अलग क्षेत्र के कई दिग्गजों से बातचीत की और जानने का प्रयास किया की इसबार के एमसीडी चुनाव में अहम मुद्दे क्या होंगे।

दक्षिणी दिल्ली की समाजसेविका श्वेता पांडे ने टेन न्यूज नेटवर्क के दिल्ली संवाददाता रंजन अभिषेक से टेलीफोनिक बातचीत में कहा “दिल्ली के मुख्य मुद्दे और समस्याओं की बात करें तो मेरे ख्याल से सबसे पहला मुद्दा है कचड़े का निस्तारण। चुकी कचड़ा हमारे घरों से निकाल कर बाहर कर दिया जाता है, लेकिन उसका ठीक ढंग से निस्तारण नहीं हो पाता है और कचड़े को एक जगह एकत्रित कर दिया जाता है। सड़क किनारे कई दिनों तक कचड़ा एकत्रित रहता है, जिस कारण वहां के दुर्गंध से गुजरने वाले लोगों को खास तौर पर वृद्ध आदमी और बच्चों को काफी समस्या होती है। तो मेरे ख्याल से जो पहली समस्या या पहला मुद्दा है वो है कूड़े का ठीक ढंग से निस्तारण किया जाए।”

आगे श्रीमती पांडे ने कहा कि” दूसरी समस्या की बात करें तो वह है सड़क किनारे पैदल चलने हेतु बने रास्ते की एमएसीडी क्या है? साफ सफाई। दरअसल सड़क किनारे जो पैदल चलने वाली सड़क बनाई गई है, वो इतनी गन्दी और दुर्गंधयुक्त होती है, की कोई भी व्यक्ति उसपर चल नहीं सकता है। जिस वजह से आए दिन पैदल चलने वाले वृद्धजनों और बच्चों का एक्सीडेंट हो जाता है। तो दूसरी समस्या यह है कि सड़क किनारे बने फुटपाथ की सफाई और उसका मरम्मतीकरण कराया जाना चाहिए।”

तीसरी समस्याओं के बारे में बात करते हुए श्वेता पांडे ने कहा ” मेरे ख्याल से तीसरी समस्या है सार्वजनिक शौचालय की सफाई। सार्वजनिक शौचालय तो कई बनाए गए हैं, लेकिन उसके साफ- सफाई नहीं होने के कारण लोग उसका प्रयोग नहीं कर पाते और यदि करें भी तो कई प्रकार की बीमारियां फैल सकती है। तो सार्वजनिक शौचालय की साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना भी आवश्यक है। इसके बिना हम ‘स्वस्थ दिल्ली और स्वच्छ दिल्ली’ की कल्पना नहीं कर सकते हैं।”

साथ ही श्वेता पांडे ने कहा कि MCD में BJP ठीक है, इन्हें थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए।

MCD चुनाव के मद्देनजर IMA East Delhi के प्रेसिडेंट डॉ गौतम ने टेन न्यूज नेटवर्क के दिल्ली संवाददाता रंजन अभिषेक से टेलीफोनिक बातचीत में कहा ” मेरे ख्याल से पहला मुद्दा है MCD के कर्मचारियों का वेतन। समय पर MCD के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाता है, ना ही उन्हें पेंशन दिया जाता है। उनके लिए काफी समस्याएं होती है। सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन करना उनके लिए काफी कठिन हो जाता है। इस मसले पर बात की जानी चाहिए और MCD के अधिकारियों को ससमय और उचित वेतन दिया जाना चाहिए।”

डॉ गौतम ने कहा कि” दूसरा मसला है जमीनी हकीकत, आखिर एमसीडी में कितने काम अबतक हुए हैं और जो पार्टियां बड़े-बड़े वादे कर रही है। उन सभी दावों और वादों की जमीनी सच्चाई क्या है? आखिर वास्तव में कितने काम हुए और कितने काम बाकि हैं, इसपर बात की जानी चाहिए।

आखिरी में डॉ गौतम ने कहा कि ” एकतरफ तो दिल्ली सरकार कहती है कि आप अस्पताल के बाहर बोर्ड, आपातकालीन सेवा, 24 घंटे उपलब्धता आदि की बोर्ड लगा के रखो। और दूसरी तरफ MCD कहती है कि अस्पताल के बाहर बोर्ड नहीं लगा होना चाहिए नहीं तो जुर्माना लगाया जाएगा। तो सवाल है कि आखिर इस द्वंद की स्थिति में चिकत्सक और अस्पताल प्रबंधक क्या करें?”

बहरहाल टेन न्यूज की टीम लगातार MCD चुनाव को लेकर RWA के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और NGO के सदस्यों से बातचीत कर चुनाव के मुख्य मुद्दे को जानने का और आपको अपडेट करने का प्रयास करेगी ।

इस विषय पर अपने परिचय के साथ अपने विचार [email protected] पर हमें लिख भेजे हम इस न्यूज़ स्टोरी में ऐड करेंगे

Delhi MCD Election 2022: जानिए भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों का क्या है गणित ? चयन पर काम करना किया शुरू

नई एमएसीडी क्या है? दिल्ली। Delhi MCD Election 2022: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव की घोषणा से ठीक पहले भाजपा की दिल्ली इकाई ने शुक्रवार को संकेत दिया कि वह कम से कम 60-70 फीसदी वार्ड पर अपने निवर्तमान पार्षदों को दोबारा मैदान में नहीं उतारेगी। वहीं, कांग्रेस को निगम चुनाव के लिए 1,000 से अधिक इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। तीन प्रमुख दलों – भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस – ने एमसीडी के 250 वार्ड के चुनाव के लिए अपनी रणनीतियों और उम्मीदवारों के चयन पर काम करना शुरू कर दिया है।

जानें क्या है भाजपा-कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि पार्टी को एमसीडी चुनाव के लिए 1,000 इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शनिवार और रविवार को कई बैठकें कर उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर चर्चा करेगी। भाजपा की दिल्ली इकाई के कई नेताओं ने कहा कि यह कहना तकनीकी रूप से गलत है कि पार्टी अपने सभी मौजूदा पार्षदों के स्थान पर नए चेहरों को टिकट देगी। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘वार्ड की संख्या में कमी, महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों के क्रमवार परिवर्तन और परिसीमन जैसे कई कारकों के चलते लगभग 60-70 फीसदी मौजूदा पार्षद पार्टी टिकट पर अपनी दावेदारी खो सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि लगभग 30 फीसदी मौजूदा पार्षदों के ही दोबारा भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरने की संभावना है।

भाजपा नेता ने कही बात

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ऐसे कई कारण हैं, जिनकी वजह से अधिकांश वार्ड में चेहरों को बदलने की जरूरत पड़ रही है। इस साल की शुरुआत में तीन नगर निगमों के एकीकरण से पहले वार्ड की कुल संख्या 272 थी, जो अब 250 हो गई है।’’ इस बीच, कांग्रेस नेता अनिल कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी एमएसीडी क्या है? एमएसीडी क्या है? एमसीडी चुनाव के लिए तैयार है और पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ने के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में कांग्रेस को पहले ही (टिकट के लिए) 1,000 से अधिक आवेदन मिल चुके हैं।

आज होगा चुनाव तारीखों का ऐलान

हालांकि, चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद पार्टी के ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक और मौका दिया जाएगा, जो एमसीडी चुनाव में टिकट के लिए आवेदन नहीं कर सके।’’ कुमार ने कहा कि 31 अक्टूबर तक टिकट दावेदारों के आवेदन प्राप्त हुए और फिर प्रक्रिया रोक दी गई। हालांकि, टिकट के लिए कुछ पात्र उम्मीदवार थे जो आवेदन नहीं कर सके जिन्हें एक और मौका दिया जाएगा। वहीं, आम आदमी पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी एमसीडी चुनाव में जीतने की क्षमता वाले उपयुक्त उम्मीदवारों को खोजने के लिए एक सर्वेक्षण भी कर रही है।

एमएसीडी कैसे काम करता है? इस प्रसिद्ध संकेतक के 3 घटकों को कैसे पढ़ें

हमने अपने ब्लॉग पर पहले ही कई तकनीकी विश्लेषण टूल का वर्णन किया है। एमएसीडी कैसे काम करता है? हम अब इस सूचक के बारे में बात करेंगे। एमएसीडी ('मकड़ी') संकेतक लगभग 50 साल पहले गेराल्ड एपेल द्वारा विकसित किया गया था। लेखक का आधार एक संकेतक बनाना था जो शेयर बाजारों में एक प्रवृत्ति की ताकत और दिशा को मापता था।

एमएसीडी सूचक समझाया

एमएसीडी संकेतक वर्तमान प्रवृत्ति इसकी ताकत और इसके उलट होने की संभावना को निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें एमएसीडी लाइन, एक सिग्नल लाइन और बार चार्ट शामिल हैं। हम संकेतक के इन 3 घटकों पर एक-एक करके चर्चा करेंगे।

मैकडी कैसे काम करता है

एमएसीडी लाइनें

एमएसीडी लाइन

एमएसीडी लाइन अलग-अलग अवधि वाले दो ईएमए मूविंग एवरेज के बीच का अंतर दिखाती है। जब एमएसीडी लाइन शून्य रेखा को पार करती है तो यह इंगित करती है कि इस समय उनके बीच कोई अंतर नहीं है।

एमएसीडी लाइन शून्य रेखा को पार करती है

एमएसीडी लाइन शून्य रेखा को पार करती है

दो के बीच का अंतर जितना बड़ा होगा मूविंग एवरेज आगे एमएसीडी लाइन जीरो लाइन से है।

एमएसीडी लाइनें शून्य रेखा से दूर जाते हुए

एमएसीडी लाइनें शून्य रेखा से दूर जाते हुए

सिग्नल लाइन

सिग्नल लाइन एक स्मूद एमएसीडी लाइन है। मूल रूप से, गणना के लिए पिछले नौ अवधियों के औसत मूल्य का उपयोग किया जाता है।

सिग्नल लाइन की गणना एक्सएनयूएमएक्स अवधियों से की जाती है

सिग्नल लाइन की गणना एक्सएनयूएमएक्स अवधियों से की जाती है

सिग्नल लाइन एक धीमे सिंपल मूविंग एवरेज की तरह काम करती है जिसे तेज एमएसीडी पार कर लेती है।

एमएसीडी लाइन शून्य रेखा को पार करती है

एमएसीडी लाइन शून्य रेखा को पार करती है

एमएसीडी बारचार्ट

बार चार्ट सिग्नल लाइन और एमएसीडी लाइन के बीच की दूरी को प्रदर्शित करता है। यह मूल्य आंदोलन की दिशा के आधार पर शून्य रेखा के सापेक्ष अपनी ध्रुवीयता को बदलता है। यदि कीमत ऊपर की ओर जाती है तो बार चार्ट बेसलाइन से ऊपर होता है। यदि यह नीचे की ओर जाता है तो बार चार्ट इसके नीचे होता है। एमएसीडी बारचार्ट को अन्यथा हिस्टोग्राम के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह उस प्रकार का चार्ट है जिसका वह उपयोग करता है।

बारचार्ट की ध्रुवता

एक बरचार्ट की ध्रुवीयता

आप एमएसीडी संकेतक कैसे पढ़ते हैं?

एमएसीडी को पढ़ने के लिए संकेतक के अलग-अलग घटकों को पढ़ना है। प्रत्येक घटक वर्तमान बाजार की स्थिति के बारे में जानकारी देता है। मानक संकेतक सेटिंग्स 12,26 और 9 हैं। ये भी अनुशंसित सेटिंग्स हैं, अधिकांश व्यापारी उनका उपयोग करते हैं और वे सबसे अच्छा काम करते हैं।

आप बदल सकते हैं संकेतक सेटिंग्स एमएसीडी और सिग्नल लाइन मूविंग एवरेज के लिए अवधि निर्धारित करने के लिए जो मोमबत्तियों की संख्या में मापा जाता है।

एमएसीडी सेटिंग्स

एमएसीडी सेटिंग्स

जब सिग्नल लाइन ऊपर की दिशा में एमएसीडी लाइन को काटती है तो यह मूल्य वृद्धि की संभावना होती है। इसके विपरीत, जब सिग्नल लाइन नीचे की दिशा में एमएसीडी लाइन को काटती है तो यह मूल्य में कमी की संभावना को इंगित करती है। एमएसीडी संकेतक का मुख्य लाभ इसकी दक्षता और सरलता है। हम आपको पीएसएआर के साथ एमएसीडी का संयोजन के बारे में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

एमएसीडी संकेतक की मूल व्याख्या

एमएसीडी कैसे काम करता है

हमने आज एमएसीडी संकेतक के सभी तत्वों पर चर्चा की है। अब आप इस प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम हैं: एमएसीडी कैसे काम करता है? जो बचा है उसे अपना गृहकार्य होने दें। प्लेटफॉर्म पर स्विच करें, अपनी पसंदीदा संपत्ति का चार्ट खोलें और उस पर एमएसीडी लगाएं। सिग्नल लाइन के साथ एमएसीडी के अधिक से अधिक चौराहों का पता लगाएं। उन स्थितियों का पता लगाएं जहां हिस्टोग्राम 0 रेखा को पार करता है। गौर कीजिए कि इन स्थितियों के बाद क्या होता है। तकनीकी विश्लेषण में अवलोकन से अधिक शिक्षाप्रद कुछ भी नहीं है। इसलिए निरीक्षण करें और निष्कर्ष निकालें। लेख के नीचे टिप्पणियों में उन्हें साझा करना न भूलें।

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