सेबी ने जिंस वायदा खंड में ‘एल्गो ट्रेडिंग’ नियमों में ढील दी

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जिंस वायदा खंड में ‘एल्गोरिदम ट्रेडिंग’ नियमों में ढील देते हुए बृहस्पतिवार को प्रति सेकंड ऑर्डर संख्या सीमा मौजूदा 100 से बढ़ाकर 125 कर दी है।

सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि नई सीमा एक अप्रैल से प्रभावी होगी।

बाजार से मिले प्रतिवेदनों और सेबी की उप-समिति…जिंस वायदा परामर्श समिति… के सुझावों पर गौर करने के बाद यह निर्णय किया गया है।

नियामक ने कहा, ‘‘नियमों में ढील देते हुए बाजारों को प्रति सेकंड ऑर्डरों की संख्या मौजूदा 120 से बढ़ाकर 125 करने की अनुमति देने का निर्णय किया गया है।’’

बाजार की भाषा में एल्गोरिदम ट्रेडिंग या ‘एल्गो ट्रेडिंग’ से आशय उन्नत गणितीय मॉडल के उपयोग से काफी तेज गति से उत्पन्न ऑर्डर से है। इसमें व्यापार का स्वचालित निष्पादन होता है और इसका उपयोग ज्यादातर बड़े संस्थागत निवेशक करते हैं।

Binance Futures Launches Volume Participation Trading Algorithm on API

Binance Futures has launched the Volume Participation (VP) trading algorithm at 2022-04-13 06:00 AM (UTC) for API users on USDⓈ-M futures contracts. Part of the Binance Futures Execution Algorithm API solutions, VP trading algorithm allows users to programmatically leverage Binance’s in-house algorithmic trading capability, to automate their order execution strategies, improve execution transparency and gain smart access to the available market liquidity.

VP trading algorithm is an opportunistic algorithm for the execution of large orders with specified urgency level. It aims to execute a trade approximately in proportion to the real-time market volume by respecting the targeted volume participation level. The VP trading algorithm is recommended for users who wish to limit the market’s impact on orders, एल्गोरिथम ट्रेडिंग क्या है while targeting the average market trading price over the execution period.

The VP trading algorithm is available via Binance Futures API connectivity suite , and open to all users with Binance Futures API trading enabled.

Risk Warning: Futures trading carries substantial risk and the possibility of both significant profits and losses. Past gains are not indicative of future returns. All of your margin balance may be liquidated in the event of extreme price movements. The information here should not be regarded as financial or investment advice from Binance. All trading strategies are used at your discretion and your own risk. Binance will not be liable to you for any loss that might arise from your use of Futures. To learn more about how to protect yourself, visit एल्गोरिथम ट्रेडिंग क्या है our Responsible Trading resource page .

शेयर बाजार : भारतीय घरेलू एल्गोरिथम ट्रेडिंग क्या है शेयर बाजार के लिए नई है Algo Trading, एक्सपर्ट्स का है हाई रिटर्न का दावा

शेयर बाजार एक जोखिम और अनिश्चितता से भरा हुआ सेक्टर है। कई बार शेयर बाजार में आश्चर्यजनक परिवर्तन देखने को मिलता रहता है। कई बार जानीमानी और प्रतिष्ठित कंपनियां भी अपने निवेशकों को निराशा की गर्त में धकेल देती हैं, वहीं कई बार कुछ नई और गुमनाम कंपनियां भी अपने निवेशकों को उम्मीद से कहीं ज्यादा रिटर्न देने वाली साबित होती हैं। इस अनिश्चितता को लेकर अब नए ट्रेडिंग सिस्टम विकसित हो रहे हैं।

एल्गो ट्रेडिंग (Algo Trading) पर है एक्सपर्ट्स का भरोसा

एल्गो ट्रेडिंग (Algo Trading) सिस्टम भारत में नया जरूर है, परन्तु वर्तमान में देखा जाए तो भारतीय घरेलू शेयर बाजार में एक बड़ा कारोबार एल्गो ट्रेडिंग (Algo Trading) के आधार पर हो रहा है। शेयर बाजार की रिपोर्ट्स के अनुसार एल्गो ट्रेडिंग ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE ) के कारोबार पर 40 प्रतिशत तक अधिकार कर लिया है। भारतीय घरेलू शेयर बाजार में यह नया ट्रेडिंग सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में शेयर बाजार के अनुभवी जानकार इसे ग्यारन्टीड रिटर्न देने वाला ट्रेडिंग सिस्टम मान रहे हैं।

क्या है एल्गो ट्रेडिंग सिस्टम

जानकारी के अनुसार एल्गो ट्रेडिंग को ऑटोमेटेड ट्रेडिंग, प्रोग्राम्ड ट्रेडिंग या ब्लैक बॉक्स ट्रेडिंग भी कहा जाता है । एल्गो नाम की उत्पत्ति एल्गोरिदम (Algorithm) शब्द से होती है । यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम पर आधारित होती है जिसमें ट्रेड करने के लिए तय निर्देशों (एक एल्गोरिथम ट्रेडिंग क्या है एल्गोरिदम) को फॉलो करता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें काफी तेजी से और अधिक बार रिटर्न प्राप्त होता है ।

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सेबी ने जिंस वायदा खंड में ‘एल्गो ट्रेडिंग’ नियमों में ढील दी

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जिंस वायदा खंड में ‘एल्गोरिदम ट्रेडिंग’ नियमों में ढील देते हुए बृहस्पतिवार को प्रति सेकंड ऑर्डर संख्या सीमा मौजूदा 100 से बढ़ाकर 125 कर दी है। सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि नई सीमा एक अप्रैल से प्रभावी होगी। बाजार से मिले प्रतिवेदनों और सेबी की एल्गोरिथम ट्रेडिंग क्या है उप-समिति. जिंस वायदा परामर्श समिति. के सुझावों पर गौर करने के बाद यह निर्णय किया गया है। नियामक ने कहा, ‘‘नियमों में ढील देते हुए बाजारों को प्रति सेकंड ऑर्डरों की संख्या मौजूदा 120 से बढ़ाकर 125 करने की अनुमति देने का

सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि नई सीमा एक अप्रैल से प्रभावी होगी।

बाजार से मिले प्रतिवेदनों और सेबी की उप-समिति. जिंस वायदा परामर्श समिति. के सुझावों पर गौर करने के बाद यह निर्णय किया गया है।

नियामक ने कहा, ‘‘नियमों एल्गोरिथम ट्रेडिंग क्या है में ढील देते हुए बाजारों को प्रति सेकंड ऑर्डरों की संख्या मौजूदा 120 से बढ़ाकर 125 करने की अनुमति देने का निर्णय किया गया है।’’

बाजार की भाषा में एल्गोरिदम ट्रेडिंग या 'एल्गो ट्रेडिंग’ से आशय उन्नत गणितीय मॉडल के उपयोग से काफी तेज गति से उत्पन्न ऑर्डर से है। इसमें व्यापार का स्वचालित निष्पादन होता है और इसका उपयोग ज्यादातर बड़े संस्थागत निवेशक करते हैं।

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