प्रदूषण बढ़़ने से परेशानी बढ़ी। फोटो- जनसत्‍ता।

वित्तीय पूर्वानुमान और बजट के बीच महत्व और अंतर क्या है?

व्यवसाय में वित्तीय प्रक्षेपण होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें वाणिज्यिक और आर्थिक गिरावट को रोकने की अनुमति देता है। इसलिए यह स्वाभाविक है कि हम बजट और वित्तीय पूर्वानुमान के बारे में सुनते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ये बहुत अलग हैं। इसी वजह से हम आपको इस लेख में बताएंगे कि क्या है वित्तीय पूर्वानुमान और बजट का महत्व साथ ही उनके मतभेद।

वित्तीय पूर्वानुमान और बजट के बीच महत्व और अंतर क्या है?

वित्तीय पूर्वानुमान क्या है?

वित्तीय पूर्वानुमान हैं उद्यमी संस्थानों के व्यवहार के भविष्य के अनुमान , आमतौर पर बिक्री या लाभ क्षेत्र में। जिन क्षेत्रों में वे उत्पन्न होते हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए पूर्वानुमानों को लघु, मध्यम और दीर्घावधि में लागू किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, वित्तीय संकट या किसी कंपनी द्वारा एक निश्चित निवेश करने या रसद और उत्पादन में परिवर्तन करने की स्थिति।

वे भविष्यवाणियां हैं, आवश्यक रूप से सत्यापित तथ्य नहीं हैं, लेकिन वे एक बहुत ही उपयोगी तरीका हैं संस्था तैयार करें संभावित आकस्मिकताओं और अप्रत्याशित घटनाओं के लिए। दूसरी ओर, वित्तीय पूर्वानुमान बोर्ड को व्यावसायिक रणनीति बनाने और ठोस निर्णय लेने के लिए ज्ञान प्रदान करता है।

वित्तीय बजट क्या है?

वित्तीय बजट में गणना की गई धनराशि दैनिक जीवन या व्यवसाय के सामान्य खर्चों को पूरा करने के लिए। दूसरे शब्दों में, यह आय और व्यय की अग्रिम गणना है जो भविष्य में लघु, मध्यम या लंबी अवधि में एक निर्धारित अवधि में मौजूद रहेगी।

व्यवसायों के मामले में, बजट का लक्ष्य होता है सुनिश्चित करें कि उत्पन्न होने से अधिक खर्च नहीं किया गया है बिक्री या उत्पादन में। कई मामलों में समायोजन करना आवश्यक होगा जिसे "नकद बजट" नामक लेखा रिपोर्ट में प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

पढ़ना व्यवसाय में अधिक बेचने के लिए सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली मार्केटिंग ट्रिक्स क्या हैं? (उदाहरण)

बजट का उपयोग विशिष्ट उद्देश्यों के लिए धन आवंटित करने के लिए किया जाता है, वे ऐसे लक्ष्य हैं जिन्हें कंपनियां एक अंत प्राप्त करने के लिए निर्धारित करती हैं।

वित्तीय पूर्वानुमान और बजट के बीच अंतर

अगला, हम आपको वित्तीय पूर्वानुमान और बजट के बीच के अंतर दिखाएंगे, इस तरह आप दोनों की समझ हासिल करेंगे।

  • बजट यह आर्थिक योजना है एक निश्चित अवधि के लिए प्रशासन द्वारा अग्रिम रूप से तैयार किए गए संख्यात्मक शब्दों में प्रस्तुत किया गया।
  • पूर्वानुमान के होते हैं रुझानों और दीर्घकालिक परिणामों का मूल्यांकन पिछले और वर्तमान डेटा के आधार पर।
  • वित्तीय प्रक्षेपण आपको वर्तमान व्यावसायिक स्थितियों पर व्यवसाय में घटनाओं या प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करने की अनुमति देता है।
  • बजट यह इस बात की अभिव्यक्ति है कि कितने पैसे का योगदान दिया जाएगा निवेश के लिए।
  • जब आप पूर्वानुमान लगाते हैं तो आप कोई विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित नहीं करते हैं।
  • बजट बनाते समय , लक्ष्य निर्धारित है , क्योंकि इसका उपयोग आय उत्पन्न करने के लिए किया जाएगा।
  • बजट का वार्षिक या त्रैमासिक अद्यतन बाजार में किसी उत्पाद या निवेश के परिवर्तन के कारण किया जाता है।
  • पूर्वानुमान में ताज़ा अंतराल होते हैं।

वित्तीय पूर्वानुमान और बजट का महत्व

  • वित्तीय पूर्वानुमान का महत्व।
  1. कंपनी किसी परियोजना के भविष्य के व्यवहार और आवश्यक समय का मूल्यांकन कर सकती है।
  2. कंपनी में पूर्वानुमान यह निर्धारित करने के लिए वित्तीय पूर्वानुमान काम करेगा कि क्या वहाँ है नए संयंत्रों को प्राप्त करने की आवश्यकता होगी , उत्पादन, कच्चे माल के संसाधन और श्रमिक।
  3. उत्पन्न होने वाली उत्पादन और बिक्री रणनीतियों का बेहतर नियंत्रण।
  4. व्यापार में गिरावट का कारण बनने वाली किसी भी घटना को संबोधित करें।
  • वित्त में बजट का महत्व।
  1. एक बजट बनाकर आप एक निश्चित अवधि में अपनी आय और व्यय को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं।
  2. बजट आपको वास्तविकता में समायोजित करने की अनुमति देता है ताकि आय से अधिक व्यय न हो .
  3. एक कंपनी के लिए, संभावित वित्तीय समस्या से निपटने में सक्षम होने के लिए बजट आवश्यक है।
  4. गंभीर बजट प्रबंधन के बिना, कंपनी को काफी गिरावट का सामना करना पड़ेगा।
  5. बजट हो व्यापार अनिश्चितता को बहुत कम करता है .
  6. सामान्य तौर पर, एक अच्छा बजट होने का अर्थ है किसी कंपनी की ज़रूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम होना।

अब तक हम कर पाए हैं समझें कि यह एक वित्तीय और बजट पूर्वानुमान है जैसे इसका महत्व और दोनों के बीच मौजूद अंतर। और यह भी कि इन विवरणों को ध्यान में रखना कितना महत्वपूर्ण है, जो हमें अपनी कंपनी, व्यवसाय या उद्यम का सर्वोत्तम प्रबंधन करना सिखाएगा।

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपके ज्ञान का विस्तार करेगा या लेखांकन शर्तों के बारे में आपके सवालों के जवाब देने में मदद करेगा, पोर्टल आपको अधिक वित्तीय सामग्री प्रदान करेगा।

वित्त वर्ष 2019-20 में कैसा रहेगा GDP का प्रदर्शन, आज जारी होंगे पूर्वानुमान के आंकड़े

चालू वित्त वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों का पहला पूर्वानुमान आज पेश किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पहले ही अपना पूर्वनुमान घटा चुका है। आरबीआई ने अब इस वित्त वर्ष के लिए 5.

वित्त वर्ष 2019-20 में कैसा रहेगा GDP का प्रदर्शन, आज जारी होंगे पूर्वानुमान के आंकड़े

चालू वित्त वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों का पहला पूर्वानुमान आज पेश किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पहले ही अपना पूर्वनुमान घटा चुका है। आरबीआई ने अब इस वित्त वर्ष के लिए 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान जताया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजे जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया था। आरबीआई ने कहा कि वह आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिये रिजर्व बैंक उदार रुख बनाये रखेगा। विदेशी मुद्रा भंडार तीन दिसंबर को 451.7 अरब डॉलर पर रहा। पिछले वित्त वर्ष की समाप्ति से यह 38.8 अरब डॉलर अधिक रहा।

Weather Update - 1 घंटा बरसे बादल, फिर खुला मौसम, जानिए अगले 2 दिन का पूर्वानुमान

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HR Breaking News, Digital Desk- जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। मैंडूस साइक्लोन के कारण सुबह गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा। शहर में करीब 12.8 मिमी यानि आधा इंच बारिश दर्ज की गई। जिले के कई क्षेत्रो में कम दबाव की वजह से मावठे वित्तीय पूर्वानुमान की बारिश हुई है। हालांकि सूरज निकलने के बाद मौसम पुन: साफ हो गया। बारिश की वजह से मौसम में ठंडक घुल गई।

शहर में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री तक दर्ज किया जबकि अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान में आए इस उछाल का कारण आसमान में पिछले दो दिनों से बादल छाए रहना बताया गया। बादलों की वजह उत्तर से आने वाली ठंडी हवा रुक गई थी। अब मौसम खुलने पर ठंड अपना असर दिखाएंगी। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि मावठे की यह बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है। इससे फसलों को काफी फायदा पहुंचेगा। डॉ. वर्मा ने बताया कि अभी मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है।


मौसम खुलने के बाद बढ़ेगी ठंड-


आसमान में बादल छाए रहने की वजह से ठंड का असर गायब हो गया है। पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास बना हुआ था। गुरुवार को तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार से मौसम साफ होगा, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड अपना जोर दिखाना शुरू करेगी। हालांकि आसमान में बादल छाने की वजह से फिलहाल ठंड का ज्यादा असर नहीं है।

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प्रदूषण का स्तर बढ़ा, निर्माण गतिविधियों पर लगाई गई रोक

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को प्रदूषण का स्तर बढ़ने से वायु गुणवत्ता आयोग ने फिर से सख्ती बढ़ा दी है।

प्रदूषण का स्तर बढ़ा, निर्माण गतिविधियों पर लगाई गई रोक

प्रदूषण बढ़़ने से परेशानी बढ़ी। फोटो- जनसत्‍ता।

आयोग ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के सभी राज्यों में तीसरी श्रेणी व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत जनता को कम से कम निजी वाहनों का प्रयोग करने, गाड़ियों में वित्तीय पूर्वानुमान वित्तीय पूर्वानुमान प्रयोग होने वाले फिलटर बदलने और निर्माण कार्यों पर रोक व धूल से संबंधित गतिविधियों से परहेज करने की सलाह दी गई है। यह फैसला एनसीआर के राज्यों से संबंधित उप समिति की बैठक में लिया गया है।

वायु गुणवत्ता आयोग के मुताबिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया है कि दिल्ली के अंदर औसतन वायु गुणवत्ता का स्तर दिन में चार बजे 410 दर्ज किया गया है। इसकी सबसे प्रमुख वजह एकाएक तापमान में दर्ज, हवाओं की धीमी रफ्तार और प्रदूषण के अन्य कारक बताए गए हैं।मौसम वैज्ञानिकों के पुर्वानुमान में दावा किया जा रहा है कि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की संभावना है।

इसलिए आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के राज्यों में सख्ती बढ़ाने के आदेश दिए हैं। इससे पूर्व आयोग ने वायु गुणवत्ता स्तर में आए सुधार के बाद राज्यों को कई राहत दी थी। इस मामले में मंत्रालय का कहना है कि पूर्ण स्थिति पर संबंधित मामले की उप समिति निगरानी कर रही है और इस मामले में मौसम के पूर्वानुमान और अन्य कारणों का ध्यान में रखकर आगे की रणनीति को लागू किया जाएगा।

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दिल्ली सरकार ने नहीं उठाया ठोस कदम : भाजप

नई दिल्ली : एक बार फिर दिल्ली की हवा जहरीली होने पर भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सिर्फ घोषणाएं कीं और जमीनी स्तर पर प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक भी ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने मामले में उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कनाट प्लेस में लगाई गई स्माग गन बंद पड़ी है और सफाई करने वाली मशीनें भी कारगर साबित नहीं हुई। पूरी दिल्ली में मुख्य सड़कें टूटी पड़ी हैं, इस वजह से पीएम 2.5 और पीएम10 का स्तर अधिक बढ़ गया है। इसके अलावा सावजनिक परिवहन में सुधार के लिए भी विफल रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 15 हजार बसों का वादा किया था, लेकिन डीटीसी के बेड़े में 3,760 बसें ही रह गई हैं।

वहीं, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली सरकार का खुद मानना है कि सर्दियों के समय में दिल्ली में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहन प्रदूषण है। 1.34 करोड़ वाहन आज दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रहे हैं और जब सरकार आई थी तब वाहनों की संख्या 90. 91 लाख थी। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था इतनी जर्जर हालत में है कि लोग खुद की गाड़ी खरीदने को मजबूर हैं।

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सोमवार को एक पत्र लिखकर दिल्ली सरकार के द्वारा अपने विभिन्न श्रेणियों के अनुबंध कर्मियों को वेतन भुगतान न किए जाने पर विरोध किया है । उन्होंने मांग की है कि सरकार अविलंब वेतन बकाया भुगतान करे। उन्होंने बताया कि दिल्ली सकार गत वित्तीय पूर्वानुमान दो-तीन माह से लगभग 15000 सिविल डिफेंस कर्मचारियों के साथ ही लगभग 4000 मोहल्ला क्लीनिक में अनुबंध पर काम कर रहे करीब सात हजार कर्मचारियों का भुगतान नहीं किया है। वहीं डीटीसी कर्मियों को हड़ताल की धमकी के बाद दिल्ली सरकार ने गत 16 दिसंबर को तीन माह के रुके वेतन का अंश दिया है पर डीटीसी के पेंशन भोगी गत 4 माह से पेंशन ना मिलने से परेशान है।

चीन पस्त. भारत मस्त, Corona के बाद ड्रैगन के लिए एक और संकट की खबर

Covid का कहर. बेरोजगारी दर में इजाफा और प्रॉपर्टी सेक्टर का बुरा हाल, चीन में ये हालात अर्थव्यवस्था (China Economy) के लिए संकट का संकेत दे रहे हैं. इस बीच विश्व बैंक (World Bank) ने अपनी ताजा रिपोर्ट दुनिया के दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के विकास दर के अनुमान में भारी कटौती की है.

विश्व बैंक ने चीन को दिया झटका

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2022,
  • (अपडेटेड 21 दिसंबर 2022, 1:22 PM IST)

चीन में कोरोना (China Corona) महामारी एक बार फिर अपने पैस पसार रही है, जिससे देश की इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ता दिखाई दे रहा है. इस बीच चीन के लिए एक बुरी खबर विश्व बैंक की ओर से आई. World Bank ने देश की विकास दर के अनुमान में बड़ी कटौती की है. वहीं दूसरी ओर भारत को लेकर रेटिंग एजेंसियों की राय सकारात्मक बनी हुई है. इसके अलावा कोरोना का प्रकोप और उसे काबू में करने के लिए सख्त पाबंदियों ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी में बिजनेस कॉन्फिडेंस (Business Confidence) पर भी असर वित्तीय पूर्वानुमान डाला है.

चीन की Economy पर खतरा
कोरोना के बेकाबू होने से चीन की अर्थव्यवस्था (China Economy) पस्त है. तमाम रेटिंग एजेंसियों ने चीन की विकास दर (China Growth Rate) को संशोधित किया है. मंगलवार को World Bank ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इस साल के लिए चीन के विकास दर का अनुमान घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया. इससे पहले जून 2022 में विश्व बैंक ने इसके 4.3 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया था. यानी छह महीनों में World Bank वित्तीय पूर्वानुमान ने अपने पूर्वानुमान में 1.6 फीसदी की कटौती की है. वहीं अगले साल के ग्रोथ अनुमान को 8.1 फीसदी से कम करते हुए 4.3 फीसदी कर दिया गया है.

बेरोजगारी दर हाई लेवल पर!
विश्व बैंक (World Bank) ने इस कटौती के कई कारणों का जिक्र किया गया है. नेविगेटिंग अनसर्टिनिटी, चाइना इकोनॉमी वित्तीय पूर्वानुमान इन 2023 रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान चीन की पब्लिक हेल्थ पॉलिसी (China Health Policy) बहुत कठोर रही है. लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए ये ठीक है, लेकिन अर्थव्यवस्था पर इसका नेगेटिव असर पड़ रहा है. रिपोर्ट की मानें तो चीन में बेरोजगारी दर बढ़ी है और यह अक्टूबर में बढ़कर 18 फीसदी पर पहुंच गई है. बीते सप्ताह आईएमएफ ने भी चीन का ग्रोथ अनुमान घटाने का संकेत दिया था. अक्टूबर 2022 में ही IMF ने इस वित्तीय पूर्वानुमान साल के लिए इसे घटाकर 10 साल में सबसे कम 3.2 फीसदी किया था.

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कॉन्फिडेंस पर भारी पड़ा कोरोना
इस बीच वर्ल्ड इकोनोमिक्स का सेल्स मैनेजर्स सर्वे भी चीन के बदहाल हालातों की कहानी बयां कर रहा है. इसमें सामने आया है कि चीन का बिजनेस कॉन्फिडेंस (Business Confidence) जनवरी 2013 से अब तक की अवधि में सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इसके लिए देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से आर्थिक गतिविधियों में गिरावट को कारण बताया गया है. ये सर्वे करीब 2300 कंपनियों के सेल्स मैनेजर्स पर 1 से 16 दिसंबर के बीच किया गया है. मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों में सेल्स मैनेजर्स इंडेक्स 50 के लेवल से नीचे है.

Fitch ने भारत को लेकर ये कहा
एक ओर जहां चीन के लिए विश्व बैंक और आईएमएफ समेत रेटिंग एजेसिंया अपने पूर्वानुमानों में कटौती कर रही हैं. वहीं दूसरी ओर भारत की रफ्तार पर भरोसा जता रही हैं. मंगलवार को ही वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को स्थिर रखा है. रेटिंग को ‘BBB-’ पर बरकरार रखा गया है. एजेंसी ने रिपोर्ट में कहा कि कंपनियों और बैंकों के बहीखातों में सुधार से आगामी वर्षों में भारत में निवेश में तेजी आएगी. फिच का अनुमान है कि मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7 फीसदी रहेगी.

चीन समेत दुनिया के कई देशों में बढ़ा संक्रमण
चीन समेत दुनिया के तमाम देशों में कोरोना फिर से बेकाबू नजर आ रहा है और बढ़ते संक्रमण के मामलों ने हाहाकार मचा रखा है. दुनिया भर में पिछले एक हफ्ते में कोरोना के 36 लाख मामले सामने आए हैं, जबकि 10 हजार लोगों की जान चली गई है. महामारी विशेषज्ञ एरिक फिगल डिंग ने दावा किया है कि अगले 90 दिनों में चीन की 60 फीसदी और दुनिया की 10 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती है. उन्होंने लाखों मौतों की आशंका भी जताई है.

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