मुंबई: देश का विदेशी मुद्रा भंडार छह जुलाई को समाप्त सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट विदेशी मुद्रा आस्तियों में बढ़ोतरी के बावजूद आई है. भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों में इस बात की जानकारी दी गई है.

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विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) को बदलकर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) किस वर्ष लागू किया गया था?

Important Points

    यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है
  • FERA को 1998 में FEMA द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था।
  • FEMA को 29 दिसंबर 1999 को संसद के शीतकालीन सत्र में पारित किया गया था।
  • विदेशी मुद्रा विनियम अधिनियम (FERA) ऐसा अधिनियम है, जो निम्नलिखित पर सख्त नियम लागू करता है:
    • विदेशी मुद्रा लेनदेन,
    • प्रतिभूतियों और लेनदेन का विदेशी मुद्रा पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।
    • विदेशी मुद्रा का आयात और निर्यात
    • आर्थिक विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए विदेशी मुद्रा के संरक्षण और इष्टतम उपयोग पर
    • विदेशी मुद्रा में कुछ प्रकार के भुगतान।
    • विदेशी मुद्रा से संबंधित विनियमों और कानूनों में संशोधन और समेकन करना।
    • व्यवस्थित रखरखाव को बढ़ावा देने के लिए बाहरी व्यापार और भुगतान की सुविधा प्रदान करना।
    • भारत में विदेशी मुद्रा बाजार विकसित करना।
    • FEMA फेमा ने धन रोकथाम अधिनियम, 2002 यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है की शुरूआत का मार्ग प्रशस्त किया, जो 1 जुलाई 2005 को प्रभावी हुआ।
    • FEMA, एक नियामक तंत्र के रूप में कार्य करता है जो भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) और केंद्र सरकार को भारत की विदेश व्यापार नीति के अनुसार विदेशी मुद्रा से संबंधित नियमों को पारित करने में सक्षम बनाता है।

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    Last updated on Oct 27, 2022

    The SSC MTS Tier II Admit Card has been released. T he paper II will be held on 6th November 2022. Earlier, the result for the Tier I was released. The candidates who are qualified in the SSC MTS Paper I are eligible यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है for the Paper II. A total of 7709 vacancies are released, out of which 3854 vacancies are for MTS Group age 18-25 years, 252 vacancies are for MTS Group age 18-27 years and यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है 3603 vacancies are for Havaldar in CBIC.

    आरबीआई ने प्राथमिक डीलरों को विदेशी मुद्रा से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए दी मंजूरी

    आरबीआई ने मंगलवार को जारी परिपत्र में कहा, ‘‘एसपीडी को प्रथम श्रेणी अधिकृत डीलरों की तरह उपयोगकर्ताओं को विदेशी मुद्रा बाजार की सभी सुविधाएं प्रदान करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। यह अनुमति नियमों और अन्य दिशानिर्देशों के अधीन है।’’

    Taliban Currency Ban: तालिबान ने अफगानिस्तान में बैन की विदेशी मुद्रा, इस्तेमाल करने वालों पर होगी कार्रवाई

    Taliban Currency Ban: अफगानिस्तान पर यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है तालिबान के कब्जे के बाद अर्थव्यवस्था संघर्ष कर रही है. इस बीच तालिबान ने विदेशी मुद्रा पर बैन लगा दिया है.

    By: abp news | Updated at : 03 Nov 2021 11:09 AM (IST)

    तालिबानी लीडर (फाइल फोटो)

    Taliban Ban Foreign Currency: अफगानिस्तान में तालिबान ने मंगलवार को विदेशी मुद्राओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की, जिससे पहले से ही संघर्ष कर रही अर्थव्यवस्था में बड़े समस्या की आशंका है. आपको बताते चलें कि आतंकवादी संगठन तालिबान ने अगस्त के मध्य में सत्ता पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद से ही अफगानिस्तान की राष्ट्रीय मुद्रा का अवमूल्यन होना शुरू हो गया था और देश के भंडार विदेशों में जमा हो गए थे.

    अर्थव्यवस्था के चरमराने से परेशान बैंकों के पास नगदी की कमी हो रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है अब तक तालिबान प्रशासन को सरकार के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया है. इस बीच, देश के अंदर कई लेन-देन अमेरिकी डॉलर में किए जाते हैं और दक्षिणी सीमा व्यापार मार्गों के करीब के क्षेत्रों में पाकिस्तानी रुपये का उपयोग किया जाता है. लेकिन, अब एक प्रेस बयान में तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने घोषणा की कि अब से घरेलू व्यापार के लिए विदेशी मुद्रा का उपयोग करने वाले पर मुकदमा चलाया जाएगा.

    उन्होंने कहा "देश में आर्थिक स्थिति और राष्ट्रीय हितों की आवश्यकता है कि सभी अफगान हर लेन-देन में अफगानी मुद्रा का उपयोग करें." प्रवक्ता ने तालिबान के मंसूबे को लोगों को बताते हुए यह भी कहा कि "इस्लामिक अमीरात सभी नागरिकों, दुकानदारों, व्यापारियों, व्यापारियों और आम जनता को निर्देश देता है कि अब से अफगानी में सभी लेन-देन करें और विदेशी मुद्रा का उपयोग करने से सख्ती से परहेज करें."

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    Published at : 03 Nov 2021 11:09 AM (IST) Tags: Afghanistan Taliban currency ban dollar हिंदी समाचार, यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: News in Hindi

    भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी, व्यापार घाटा 43 महीने के उच्चतम स्तर पर, स्वर्ण भंडार भी घटा

    विदेशी मुद्रा भंडार छह जुलाई को समाप्त सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया. जून 2018 में व्यापार घाटा नवंबर 2014 के बाद सबसे अधिक रहा है. The post भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी, व्यापार घाटा 43 महीने के उच्चतम स्तर पर, स्वर्ण भंडार भी घटा appeared first on The Wire - Hindi.

    विदेशी मुद्रा भंडार छह जुलाई को समाप्त सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया. जून 2018 में व्यापार घाटा नवंबर 2014 के बाद सबसे अधिक रहा है.

    Reserve Bank Reuters


    मुंबई: देश का विदेशी मुद्रा भंडार छह जुलाई को समाप्त सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट विदेशी मुद्रा आस्तियों में बढ़ोतरी के बावजूद आई है. भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों में इस बात की जानकारी दी गई है.

    इससे पहले के सप्ताहांत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.76 अरब डॉलर घटकर 406.06 अरब डॉलर रह गया था.

    इससे पूर्व विदेशी मुद्रा भंडार 13 अप्रैल 2018 को 426.028 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया था. आठ सितंबर 2017 को मुद्रा भंडार पहली बार 400 अरब डॉलर के स्तर को लांघ गया था लेकिन उसके बाद से उसमें उतार-चढ़ाव बना रहा.

    रिजर्व बैंक के आंकड़े दर्शाते हैं कि समीक्षाधीन सप्ताह में कुल मुद्राभंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा, विदेशी मुद्रा आस्तियां 7.39 करोड़ डॉलर की मामूली वृद्धि के साथ 380.792 अरब डॉलर की हो गईंं.

    डॉलर में अभिव्यक्त किये यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है जाने वाले मुद्राभंडार में रखे गये विदेशी मुद्रा आस्तियां, यूरो, पॉंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्य वृद्धि अथवा उनके अवमूल्यन के प्रभावों को भी अभिव्यक्त करता है.

    समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार 32.99 करोड़ डॉलर घटकर 21.039 अरब डॉलर रह गया.

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में विशेष निकासी अधिकार 29 लाख डॉलर बढ़कर 1.489 अरब डॉलर हो गया.

    केंद्रीय बैंक ने कहा कि आईएमएफ में देश का मुद्राभंडार भी 49 लाख डॉलर बढ़कर 2.489 अरब डॉलर का हो गया.

    व्यापार घाटा 43 माह के उच्चस्तर पर

    वहीं, देश का निर्यात कारोबार जून में 17.57 प्रतिशत बढ़कर 27.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया. पेट्रोलियम और रसायन जैसे क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की वजह से निर्यात में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है. हालांकि, कच्चे तेल का आयात महंगा होने से व्यापार घाटा 43 महीने के उच्च स्तर 16.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

    वाणिज्य मंत्रालय के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन महीने में आयात भी 21.31 प्रतिशत बढ़कर 44.3 अरब डॉलर रहा.

    जून, 2018 में व्यापार घाटा नवंबर, 2014 के बाद सबसे अधिक रहा है. उस समय व्यापार घाटा 16.86 अरब डॉलर रहा था. जून, 2017 में व्यापार घाटा 12.96 अरब डॉलर था.

    चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून की तिमाही में निर्यात 14.21 प्रतिशत बढ़कर 82.47 अरब डॉलर रहा है. पहली तिमाही में आयात 13.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 127.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इस दौरान व्यापार घाटा 44.94 अरब डॉलर रहा.

    जून में पेट्रोलियम उत्पादों, रसायन, फार्मास्युटिकल्स, रत्न एवं आभूषण तथा इंजीनियरिंग क्षेत्रों की वजह से निर्यात में उल्लेखनीय यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है इजाफा हुआ.

    हालांकि, इस दौरान कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, पॉल्ट्री, काजू, चावल और कॉफी के निर्यात में गिरावट आई.

    फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष गणेश गुप्ता ने बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे चालू खाते का घाटा (कैड) प्रभावित होगा, जिससे राजकोषीय मोर्चे पर सरकार की परेशानी बढ़ेगी.

    जून माह के दौरान कच्चे तेल का आयात 56.61 प्रतिशत बढ़कर यह विदेशी मुद्रा व्यापार से संबंधित है 12.73 अरब डॉलर रहा.

    वहीं, सोने का आयात तीन प्रतिशत घटकर 2.38 अरब डॉलर रह गया.

    इसके बीच, भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार मई में सेवाओं का निर्यात 7.91 प्रतिशत घटकर 16.17 अरब डॉलर रह गया. माह के दौरान सेवाओं में व्यापार संतुलन 5.97 अरब डॉलर रहने का अनुमान है. मई में सेवाओं का आयात 10.21 अरब डॉलर रहा.

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