यह खाता विशेष रूप से निम्न कारोबारियों द्वारा संचालित लघु व्यवसाय खातों की बैंकिंग आवश्यकताओं के अनुकूल है ?

बड़ौदा लघु व्यवसाय चालू खाता (बीएसबीसीए)

छोटे व्यवसाय खातों की बैंकिंग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष रूप से निर्मित खाता. सबसे अच्छा व्‍यवसाय चालू खाता बैंक ऑफ बड़ौदा लघु व्‍यवसाय चालू खाता है. इस प्रकार का चालू खाता स्टार्ट-अप या मॉम-एंड-पॉप स्टोर जैसे लघु कारोबारों के लिए आदर्श है और इसे व्यक्तियों, या स्वामित्व और भागीदारी फर्मों द्वारा खोला जा सकता है.

बड़ौदा लघु व्यवसाय चालू खाता (बीएसबीसीए) : लाभ

    यह खाता विशेष रूप से निम्न कारोबारियों द्वारा संचालित लघु व्यवसाय खातों की बैंकिंग आवश्यकताओं के अनुकूल है ?

बी. प्रोपराइटरशिप फर्म

बी. मॉम एंड पॉप स्टोर.

बड़ौदा लघु व्यवसाय चालू खाता (बीएसबीसीए) : पात्रता

यह खाता छोटे कारोबारियों द्वारा खोला जा सकता है (अर्थात व्यक्तियों, स्वामित्व और भागीदारों). केवल मेट्रो एवं शहरी केंद्रों में ही खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध है.

बड़ौदा लघु व्यवसाय चालू खाता (बीएसबीसीए) : आवश्यक दस्तावेज़

  • पासपोर्ट
  • फोटो सहित ड्राइविंग लाइसेंस
  • आधार नंबर होने का प्रमाण
  • भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र,
  • राज्य सरकार के अधिकारी द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित नरेगा द्वारा जारी जॉब कार्ड.
  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर द्वारा जारी पत्र जिसमें नाम और पता का विवरण हो.
  • किसी भी सेवा प्रदाता का उपयोगिता बिल अर्थात बिजली, टेलीफोन, पोस्टपेड मोबाइल फोन, पाइप गैस, पानी का बिल (दो महीने से अधिक पुराना नहीं)
  • संपत्ति या नगरपालिका कर रसीद;
  • सरकारी विभागों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जारी पेंशन या परिवार पेंशन भुगतान आदेश (PPOs) यदि इसमें पता दर्शाया गया हो;
  • राज्य या केंद्र सरकार के विभागों, वैधानिक या नियामक निकायों, और सार्वजनिक आराम से खाता खोलने की प्रक्रिया क्षेत्र के उपक्रमों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, वित्तीय संस्थानों और सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा जारी आवास का आबंटन पत्र. इसी प्रकार आधिकारिक आवास आवंटित करने वाले ऐसे नियोक्ताओं के साथ लीव व लाइसेंस एग्रीमेंट;
  • पासपोर्ट की कॉपी और वीजा की कॉपी.
  • कॉलेज / संस्थान द्वारा जारी पहचान पत्र.
  • पाठ्यक्रम के लिए कोई प्रवेश पत्र जिसमें उस पाठ्यक्रम की अवधि का उल्लेख हो जिसके लिए उसे संस्थान/कॉलेज द्वारा प्रवेश दिया गया है.
  • छात्रावास के आबंटन के लिए संस्था/महाविद्यालय के लेटर हेड पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित आबंटन पत्र , जिसमें विस्तृत पता और छात्रावास का स्थान, कमरा नं. आदि और छात्रावास आवास आदि के आबंटन की तिथि या खाता खोलने के 30 दिनों के भीतर किराए के एग्रीमेंट के रूप में स्थानीय पता दर्शाने वाला वैध पते का प्रमाण पत्र हो.
  • पासपोर्ट
  • मान्य वीज़ा
  • पैन/फॉर्म60
  • पासपोर्ट
  • पीआईओ कार्ड/ओसीआई कार्ड
  • पैन/फॉर्म60
  • भारत में विदेशी दूतावासों या मिशन द्वारा जारी पत्र जिसमें आवेदक का नाम और पता हो
  • किसी भी सेवा प्रदाता का उपयोगिता बिल अर्थात बिजली, टेलीफोन, पोस्टपेड मोबाइल फोन, पाइप गैस, पानी का बिल (दो महीने से अधिक पुराना नहीं)
  • संपत्ति/नगरपालिका कर रसीद
  • राज्य या केंद्र सरकार नियामक नियामक निकाय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, वित्तीय संस्था एवं सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा जारी आवास आबंटन पत्र/आधिकारिक आवास के आबंटन संबंधी लीव एवं लाइसेंस एग्रीमेंट.
  • पासपोर्ट
  • वैध विदेशी पासपोर्ट
  • वैध भारतीय वीजा
  • विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस
  • विदेशी क्षेत्राधिकार के सरकारी विभाग द्वारा जारी राष्ट्रीय पहचान पत्र, ग्रीन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा कार्ड आदि जिसमें विदेशी नागरिक का नाम और पता हो.
  • भारत में विदेशी दूतावासों या मिशन द्वारा जारी पत्र जिसमें आवेदक का नाम और पता हो

(एफआरआरओ/एफआरओ प्रमाणपत्र/परमिट/भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस/ओवीडी/उपरोक्त उल्लिखित कोई भी डीम्ड ओवीडी, भारतीय पते के प्रमाण के लिए प्रदान किया जाना आवश्यक है।)

  • निगमन प्रमाणपत्र
  • ज्ञापन एवं आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन.
  • कंपनी का पैन नंबर
  • निदेशक मंडल का प्रस्ताव और उसके प्रबंधकों, अधिकारियों या कर्मचारियों को उसकी ओर से लेनदेन करने के लिए दिया गया मुख्तारनामा; तथा
  • प्रबंधकों, अधिकारियों या कर्मचारियों के ओवीडी और पैन/फॉर्म 60 में से कोई एक, जो भी मामला हो, अपने फोटोग्राफ सहित अटॉर्नी द्वारा आराम से खाता खोलने की प्रक्रिया लेनदेन के लिए .

(निम्नलिखित में से कोई दो दस्तावेज प्राप्त किए जाने हैं)

  • पंजीयन प्रमाणपत्र
  • दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत नगर निगम के अधिकारियों द्वारा जारी प्रमाण पत्र / लाइसेंस
  • बिक्री और आयकर रिटर्न,
  • सीएसटी/वैट/जीएसटी प्रमाणपत्र (अनंतिम/अंतिम),
  • बिक्री कर / सेवा कर / व्यावसायिक कर अधिकारियों द्वारा जारी प्रमाण पत्र / पंजीकरण दस्तावेज.
  • आईईसी (आयातक निर्यातक कोड) डीजीएफटी के कार्यालय द्वारा स्वामित्व वाली संस्था को जारी या क़ानून के तहत शामिल किसी भी पेशेवर निकाय द्वारा स्वामित्व वाली संस्था के नाम पर जारी लाइसेंस / प्रैक्टिस का प्रमाण पत्र.
  • एकमात्र स्वामी के नाम पर पूर्ण आयकर रिटर्न (सिर्फ पावती नहीं) जहां फर्म की आय परिलक्षित होती हो, आयकर अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित / स्वीकृत.
  • स्वामित्व संस्था के नाम पर यूटिलिटी बिल जैसे बिजली, पानी और लैंडलाइन टेलीफोन बिल.
    यदि शाखाएं इस बात से संतुष्ट हैं कि उपरोक्त सूची से ऐसे दो दस्तावेज प्रस्तुत करना संभव नहीं है, तो उनके पास उन दस्तावेजों में से केवल एक को एक्टिविटी सर्टिफिकेट के रूप में स्वीकार करने का विवेकाधिकार होगा. ऐसे मामलों में, शाखाओं को संपर्क केंद्र का सत्यापन करना होगा, ऐसी फर्म के अस्तित्व को स्थापित करने के लिए जानकारी एकत्र करके इसकी पुष्टि करनी होगी और स्वयं को संतुष्ट करना होगा कि व्यावसायिक गतिविधि को स्वामित्व वाली संस्था के पते से सत्यापित किया गया है.

डीमैट अकाउंट ऑनलाइन कैसे खोलें? जानें आसान प्रॉसेस

Demat Account Opening Process

डीमैट खाता खोलकर शेयर बाजार में निवेश किया जा सकता है

डीमैट खाता खोलने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध है

बिना डीमैट खाते के कोई भी व्यक्ति शेयर बाजार में निवेश नहीं कर सकता है.

Demat Account Opening Process In Hindi: आज के समय में बहुत सारे लोग शेयर मार्केट में निवेश (Share Market Investment Tips) करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाते (Demat Account Means In Hindi) की जरूरत होती है. बिना डीमैट खाते के कोई भी व्यक्ति शेयर बाजार में निवेश नहीं कर सकता है. ऐसे में सबसे पहले डीमैट खाता खोलने के लिए डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) का चुनाव करें, जिसके साथ आप डीमैट खाता खोलना चाहते हैं. यह कोई बैंक, वित्तीय संस्थान या ब्रोकर भी हो सकता है. डीपी का चुनाव आदर्श रूप से ब्रोकरेज शुल्क और वार्षिक शुल्क आदि के आधार पर करना उचित माना जाता है.

डीमैट खाता खोलने की प्रक्रिया

डीमैट खाता खोलने के लिए सबसे पहले डीपी से संपर्क करें. इसके बाद खाता खोलने का फॉर्म तथा केवाईसी फॉर्म भरना पड़ेगा. इसके साथ ही आपको पैन कार्ड, निवास प्रमाण और आईडी प्रूफ की कॉपी और पासपोर्ट साइज के फोटो की भी आवश्यकता होती है. वहीं सत्यापन प्रक्रिया के लिए आपको ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स की भी जरूरत पड़ती है. ध्यान रहे कि यहां आपको लाभांश बैंक विवरण के लिए एक कैंसिल चेक भी देनी पड़ती है. फिर आपको एक आराम से खाता खोलने की प्रक्रिया समझौते पर हस्ताक्षर करने होंगे, जिसमें डीमैट खाते से संबंधित सभी नियम व शर्तें दी होती हैं. खाता खुलने के बाद आपको डीपी से एक विशिष्ट ग्राहक आईडी मिलती है. इसकी मदद से आप अपने डीमैट खाते को ऑनलाइन एक्सेस कर सकेंगे.

डीमैट खाता खोलने की ऑनलाइन प्रक्रिया

डीमैट खाता खोलने के लिए आप आसानी से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने चुने हुए डीपी की वेबसाइट पर जाना होगा. डीपी की वेबसाइट पर पहुंचकर आपको 'ओपन डीमैट अकाउंट' टैब पर क्लिक करते हुए नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, ओटीपी और शहर आदि की जानकारी भरनी पड़ेगी. इसके बाद डीमैट खाता खोलने की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए डीपी द्वारा आपसे संपर्क किया जाएगा. इस तरह से आपका डीमैट खाता ऑनलाइन खुल जाएगा.

डीमैट अकाउंट ऑनलाइन कैसे खोलें? जानें आसान प्रॉसेस

डीमैट खाता खोलकर शेयर बाजार में निवेश किया जा सकता है

डीमैट खाता खोलने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध है

बिना डीमैट खाते के कोई भी व्यक्ति शेयर बाजार में निवेश नहीं कर सकता है.

Demat Account Opening Process In Hindi: आज के समय में बहुत सारे लोग शेयर मार्केट में निवेश (Share Market Investment Tips) करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाते (Demat Account Means In Hindi) की जरूरत होती है. बिना डीमैट खाते के कोई भी व्यक्ति शेयर बाजार में निवेश नहीं कर सकता है. ऐसे में सबसे पहले डीमैट खाता खोलने के लिए डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) का चुनाव करें, जिसके साथ आप डीमैट खाता खोलना चाहते हैं. यह कोई बैंक, वित्तीय संस्थान या ब्रोकर भी हो सकता है. डीपी का चुनाव आदर्श रूप से ब्रोकरेज शुल्क और वार्षिक शुल्क आदि के आधार पर करना उचित माना जाता है.

डीमैट खाता खोलने की प्रक्रिया

डीमैट खाता खोलने के लिए सबसे पहले डीपी से संपर्क करें. इसके बाद खाता खोलने का फॉर्म तथा केवाईसी फॉर्म भरना पड़ेगा. इसके साथ ही आपको पैन कार्ड, निवास प्रमाण और आईडी प्रूफ की कॉपी और पासपोर्ट साइज के फोटो की भी आवश्यकता होती है. वहीं सत्यापन प्रक्रिया के लिए आपको ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स की भी जरूरत पड़ती है. ध्यान रहे कि यहां आपको लाभांश बैंक विवरण के लिए एक कैंसिल चेक भी देनी पड़ती है. फिर आपको एक समझौते पर हस्ताक्षर करने होंगे, जिसमें डीमैट खाते से संबंधित सभी नियम व शर्तें दी होती हैं. खाता खुलने के बाद आपको डीपी से एक विशिष्ट ग्राहक आईडी मिलती है. इसकी मदद से आप अपने डीमैट खाते को ऑनलाइन एक्सेस कर सकेंगे.

डीमैट खाता खोलने की ऑनलाइन प्रक्रिया

डीमैट खाता खोलने के लिए आप आसानी से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने चुने हुए डीपी की वेबसाइट पर जाना होगा. डीपी की वेबसाइट पर पहुंचकर आपको 'ओपन डीमैट अकाउंट' टैब पर क्लिक करते हुए नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, ओटीपी और शहर आदि की जानकारी भरनी पड़ेगी. इसके बाद डीमैट खाता खोलने की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए डीपी द्वारा आपसे संपर्क किया जाएगा. इस तरह से आपका डीमैट खाता ऑनलाइन खुल जाएगा.

NPS: कैसे खुलेगा अकाउंट, क्‍या हैं इसके फायदे; जानिए स्‍कीम की ABCD

NPS को जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था. इसे 2009 में सभी कैटगरी के लोगों के लिए खोल दिया गया. कोई भी व्यक्ति अपने वर्किंग लाइफ के दौरान पेंशन अकाउंट में नियमित रूप से योगदान दे सकता है.

Nation pension System: रिटायरमेंट के बाद भी आपको नियमित आमदनी होती रहे, इसके लिए रिटायरमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी है. अलग-अलग जगह निवेश कर आप अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं. रिटायरमेंट प्लानिंग के लिहाज से निवेश का एक अच्छा ऑप्‍शन नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) भी है. सरकार की चलाई जा रही यह एक कंट्रीब्‍यूटरी पेंशन स्‍कीम है. एनपीएस (Nation pension System) एक लंबी अवधि का निवेश प्‍लान है. NPS में निवेश पर रिटायरमेंट पर एक बड़ा फंड (Retirement fund) एकमुश्‍त मिलता है. साथ ही आपकी एन्‍युटी की रकम और उसकी परफॉर्मेंस के आधार पर मंथली पेंशन मिलती है. आइए जानते हैं इस स्‍कीम की डिटेल.

नेशनल पेंशन स्कीम क्या है?

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था. इसे 2009 में सभी कैटगरी के लोगों के लिए खोल दिया गया. कोई भी व्यक्ति अपने वर्किंग लाइफ के दौरान पेंशन अकाउंट में नियमित रूप से योगदान दे सकता है. जमा हुए फंड के एक हिस्से को वह एक बार में निकाल भी सकता है और बची हुई राशि का इस्तेमाल रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन हासिल करने के लिए कर सकता है. व्यक्ति के निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से NPS अकाउंट बढ़ता है.

NPS में जमा रकम को निवेश करने का जिम्मा PFRDA की ओर से रजिस्टर्ड पेंशन फंड मैनेजर्स को दिया जाता है. ये आपके निवेश को इक्विटी, गवर्नमेंट सिक्युरिटीज और नॉन गवर्नमेंट सिक्युरिटीज के अलावा फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं. इसमें कोई भी व्यक्ति नियमित तौर पर एक निश्चित राशि निवेश कर सकता है.

मौजूदा नियम के मुताबिक, एनपीएस अकाउंट की मैच्‍योरिटी पर निवेशक को कम से कम 40 फीसदी रकम एन्‍युटी में लगानी होती है. इसी रकम से सब्‍सक्राइबर को पेंशन मिलती है. दरअसल, एन्युटी आपके और इंश्योरेंस कंपनी के बीच एक कांट्रैक्ट होता है. इस कांट्रैक्ट के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में कम से कम 40 फीसदी रकम का एन्युटी खरीदना जरूरी होता है. यह रकम जितनी अधिक होगी, पेंशन की रकम उतनी ही अधिक होगी. एन्युटी के तहत निवेश की गई रकम रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में मिलती है और एनपीएस की शेष राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है. हालांकि, यह पेंशन टैक्स दायरे में आता है. इसमें रिटर्न फिक्स नहीं होता है. यह फंड की ओर से इक्विटी और डेट में निवेश से हासिल होने वाले रिटर्न पर निर्भर करता है.

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NPS: कौन कर सकता है निवेश

  • केंद्रीय सरकार के कर्मचारी
  • राज्य सरकार के कर्मचारी
  • प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारी
  • आम नागरिक

योजना में कौन शामिल हो सकता है?

  • कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम में निवेश कर सकता है.
  • इस स्कीम में 18-70 साल का व्यक्ति निवेश कर सकता है.
  • KYC प्रक्रिया के बाद नागरिक इस योजना में व्यक्तियों और इंप्लॉई-इंप्लॉयर समूहों के रूप में शामिल हो सकते हैं.
  • नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) भी इस स्कीम में निवेश कर सकता है. NRI द्वारा किए गए योगदान RBI और फेमा द्वारा रेग्‍युलेट किए जाते हैं.

NPS अकाउंट

  • NPS में दो तरह के खाते होते हैं: टियर 1 और टियर 2
  • 60 साल की उम्र तक टियर 1 से फंड विद्ड्रॉल नहीं किया जा सकता है.
  • टियर 2 NPS अकाउंट एक सेविंग्‍स अकाउंट की तरह काम करता है, जहां से ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकता है.

NPS में मिलने वाला फायदा

  • NPS से फाइनल विद्ड्रॉल पर 60 फीसदी रकम टैक्‍स फ्री है.
  • सरकारी कर्मचारियों के एनपीएस अकाउंट में कंट्रीब्‍यूशन की लिमिट 14 फीसदी है.
  • कोई भी NPS सब्‍सक्राइबर रुपये की कुल सीमा में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD (1) के तहत ग्रॉस इनकम का 10 फीसदी तक टैक्स में डिडक्शन क्लेम कर सकता है. सेक्शन 80CCE के के तहत यह लिमिट 1.5 लाख है.
  • सेक्शन 80CCE के तहत सब्‍सक्राइबर 50 हजार रुपये तक का अतिरिक्त डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं.
  • एन्युटी की खरीद में निवेश की गई रकम को भी टैक्‍स से पूरी तरह छूट प्राप्त है.

NPS खाता कैसे खोलें

ऑफलाइन प्रक्रिया

  • NPS अकाउंट ऑफलाइन या मैन्युअल रूप से खोलने के लिए, सब्‍सक्राइबर को पहले PoP-Point of Presence (यह बैंक भी हो सकता है) सर्च करना होगा.
  • अपने नजदीकी PoP से एक सब्सक्राइबर फॉर्म लीजिए और इसे KYC पेपर्स के साथ जमा करें.
  • एक बार जब आप शुरूआती निवेश करते हैं (500 रुपये या 250 रुपये मासिक या 1,000 रुपये से कम नहीं), तो PoP आपको एक PRAN – स्थायी रिटायरमेंट अकाउंट नंबर भेजेगा.
  • इस संख्या और पासवर्ड की मदद से आप अपने अकाउंट को चला सकते आराम से खाता खोलने की प्रक्रिया हैं.
  • इस प्रक्रिया के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करना होता है.

ऑनलाइन प्रक्रिया

यदि आप अपने खाते को अपने पैन, आधार/ या मोबाइल नंबर से जोड़ते हैं, तो एक खाता ऑनलाइन खोलना आसान है. आप अपने मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन को मान्य कर सकते हैं. इसके बाद आपको एक PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) मिलेगी जिसकी मदद से आप NPS लॉग इन के लिए कर सकते हैं.

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